मुख्यमंत्री योगी करेंगे पौधारोपण महायज्ञ का शुभारंभ, गोरखपुर में लगाए जाएंगे 55 लाख से ज्यादा पौधे
- रविवार सुबह लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे पौधे लगाएंगे मुख्यमंत्री योगी
- लिंक एक्सप्रेसवे के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल, बरगद) और ताल रिंग रोड के किनारे मौलश्री का पौधारोपण करेंगे मुख्यमंत्री योगी
- कुल 27 विभागों के सामंजस्य से गोरखपुर में लगाए जाएंगे 55 लाख 28 हजार 600 पौधे
Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार (12 जुलाई) को गोरखपुर से, प्रदेशव्यापी पौधारोपण महायज्ञ - 2026 का शुभारंभ करेंगे। रविवार सुबह वह गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के समीप और आरकेबीके के पास ताल रिंग रोड के किनारे एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधा लगाएंगे। इस अवसर पर जनसभा कर वह प्रदेशवासियों को पौधारोपण महायज्ञ में जिम्मेदारीपूर्वक हिस्सेदारी करने का आह्वान करेंगे। पौधारोपण महायज्ञ के शुभारंभ अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. अरुण कुमार सक्सेना भी मौजूद रहेंगे। महाभियान के जरिये प्रदेश सरकार ने इस बार 35 करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री, लिंक एक्सप्रेसवे के समीप पवित्र त्रिवेणी (नीम, पीपल और बरगद) का पौधा लगाकर पौधारोपण महायज्ञ - 2026 का शुभारंभ करेंगे। जबकि ताल रिंग रोड के किनारे वह मौलश्री का पौधारोपण करेंगे। मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में इस बार राज्यभर में रिकॉर्ड 35 करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया है।
इसे लेकर वन विभाग के संयोजन में सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस लक्ष्य में गोरखपुर को 55 लाख 28 हजार 600 पौधारोपण की जिम्मेदारी मिली है। कुल 27 विभागों के सामंजस्य से होने वाले पौधारोपण महाभियान में सबसे बड़ा लक्ष्य वन विभाग के पास है।
गोरखपुर के प्रभागीय वनाधिकारी शुभम सिंह के अनुसार गोरखपुर जिले को मिले लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी पौधशालाओं में गुणवत्तायुक्त पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित कर ली गई है। पौधों के बेहतर विकास एवं उत्तरजीविता के लिए चिन्हित रोपण स्थलों पर एडवांस सॉयल वर्क के अंतर्गत गड्ढा खुदाई, टॉप सॉयल की व्यवस्था, पौधारोपण स्थलों का विकास, पौध संरक्षण हेतु आवश्यक व्यवस्थाएं तथा अन्य तैयारियां पहले से पूर्ण हैं।
गोरखपुर के इन विभागों को मिला एक लाख से अधिक पौधारोपण का लक्ष्य
विभाग लक्ष्य
वन विभाग- 1937000
ग्राम विकास विभाग- 1861000
कृषि विभाग- 576000
उद्यान विभाग- 285000
पर्यावरण विभाग- 238000
पंचायती राज विभाग- 202000
राजस्व विभाग- 143000

