अयोध्या के नाका हनुमानगढ़ी का 3 वर्ष में होगा कायाकल्प, राम मंदिर जैसी होगी भव्यता
Ayodhya Naka Hanumangarhi temple: प्रसिद्ध 14 कोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित ऐतिहासिक नाका हनुमानगढ़ी मंदिर अब श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की तर्ज पर अलौकिक और भव्य स्वरूप में नजर आएगा। मंदिर के महंत रामदास महाराज ने इस भव्य पुनर्निर्माण योजना का नया मॉडल सोशल मीडिया पर साझा किया है। यह मंदिर हनुमानगढ़ी मंदिर से अलग है।
प्रस्तावित भव्य मंदिर की मुख्य विशेषताएं
- मकराना मार्बल से निर्माण : पूरा मंदिर राजस्थान के प्रसिद्ध मकराना मार्बल (सफेद संगमरमर) से बनाया जाएगा।
- विशाल संरचना : मंदिर की ऊंचाई 51 फुट से अधिक होगी और इसका कुल परिसर 100×100 फीट के दायरे में फैला होगा।
- पवित्र गर्भगृह : मंदिर का गर्भगृह 15×15 फुट का होगा, जिसमें वर्तमान में विराजमान श्री हनुमान जी महाराज और श्री रामलला की प्रतिमाएं पूर्ण विधि-विधान से स्थापित रहेंगी।
- विशेष अन्नपूर्णा कॉरिडोर : भगवान के भोग और दैनिक सेवा-पूजा के लिए अन्नपूर्णा मंदिर से मुख्य गर्भगृह तक एक समर्पित और विशेष कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।
परिसर में निर्मित होने वाले अन्य दिव्य स्थल
नाका हनुमानगढ़ी परिसर को केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि एक वृहद आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसमें कई सुविधाएं शामिल रहेंगी।
- जगन्नाथ मंदिर एवं माता अन्नपूर्णा मंदिर
- सर्वसुविधायुक्त संत निवास व भव्य गौशाला
- भव्य यज्ञशाला एवं वृहद भंडार गृह
- श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु प्रसाद, तुलसी माला, प्रभु वस्त्र एवं धार्मिक सामग्रियों की दुकानें
जनसहयोग से 3 साल में पूरा होगा निर्माण
मंदिर निर्माण का कार्य 'महंत भास्कर दास हनुमानगढ़ी धर्मार्थ सेवा ट्रस्ट' के तत्वावधान में संपन्न होगा। निर्माण हेतु जनसहयोग लिया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु न्यूनतम ₹1 से लेकर अपनी इच्छानुसार श्रद्धा राशि समर्पित कर सकेंगे। महंत रामदास जी के अनुसार, मंदिर का नक्शा व मॉडल पूरी तरह तैयार हो चुका है। अंतिम डिजाइन और बजट को स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा, जिसे लगभग 3 वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

