लद्दाख के लेह में 5.5 तीव्रता का भूकंप, सुबह-सुबह कांपी धरती; घरों से बाहर निकले लोग
लद्दाख के लेह में आज सुबह भूकंप के तेज झटकों से हड़कंप मच गया। रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.5 मापी गई। भूकंप की वजह से लोग घरों से बाहर निकल आए। हालांकि, भूकंप से किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। ALSO READ: सूर्य ग्रहण से पहले कोलंबिया में 7.4 तीव्रता का भूकंप, 250 की मौत और 3000 लापता; 21 आफ्टरशॉक से दहशत
नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप सुबह करीब 6:05 बजे आया और इसका केंद्र जमीन के 10 किलोमीटर नीचे था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.5 मापी गई। झटके महसूस होने के बाद लोगों में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना।
EQ of M: 5.5, On: 13/08/2026 06:05:15 IST, Lat: 36.881 N, Long: 74.402 E, Depth: 10 Km, Location: Leh, Ladakh.
— National Center for Seismology (@NCS_Earthquake) August 13, 2026
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भूकंप के झटके इतने तेज थे कि लोग नींद से जाग गए। आफ्टरशॉक्स के डर से लोग अभी घर में नहीं जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
कैसे आता है भूकंप?
हमारी धरती मुख्य तौर पर 4 परतों से बनी हुई है- इनर कोर, आउटर कोर, मैन्टलऔर क्रस्ट। क्रस्ट और ऊपरी मैन्टल को लिथोस्फेयर कहते हैं। ये 50 किलोमीटर की मोटी परत वर्गों में बंटी हुई है जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है। ये टैकटोनिक प्लेट्स अपनी जगह से हिलती रहती हैं। लेकिन जब ये बहुत ज्यादा हिल जाती हैं तो भूकंप आ जाता है। ये प्लेट्स क्षैतिज और उर्ध्वाधर दोनों ही तरह से अपनी जगह से हिल सकती हैं। इसके बाद वे अपनी जगह तलाशती हैं और ऐसे में एक प्लेट, दूसरी के नीचे आ जाती है।
कैसे मापी जाती है भूकंप की तीव्रता?
भूकंप की तीव्रता मापने के लिए रिक्टर स्केल का पैमाना इस्तेमाल किया जाता है। इसे रिक्टर मैग्नीट्यूड टेस्ट स्केल कहा जाता है। भूकंप की तरंगों को रिक्टर स्केल 1 से 9 तक के आधार पर मापता है। रिक्टर स्केल पैमाने को सन् 1935 में कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी में कार्यरत वैज्ञानिक चार्ल्स रिक्टर ने बेनो गुटेनबर्ग के सहयोग से खोजा था।
इस स्केल के अंतर्गत प्रति स्केल भूकंप की तीव्रता 10 गुना बढ़ जाती है और भूकंप के दौरान जो ऊर्जा निकलती है, वह प्रति स्केल 32 गुना बढ़ जाती है। इसका सीधा मतलब यह हुआ कि 3 रिक्टर स्केल पर भूकंप की जो तीव्रता थी, वह 4 स्केल पर 3 रिक्टर स्केल का 10 गुना बढ़ जाएगी। रिक्टर स्केल पर भूकंप की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 8 रिक्टर पैमाने पर आया भूकंप 60 लाख टन विस्फोटक से निकलने वाली ऊर्जा उत्पन्न कर सकता है।

