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केतन से लेकर इंदौर के राजा रघुवंशी तक! भाजपा सांसद ने दोहराई पुरुष आयोग की मांग, कहा- पुरुषों की भी सुनो
BJP MP Ashok Mittal on Ketan Agarwal murder case: क्या प्यार सिर्फ एक धोखा है? और शादी का वादा... मौत का वारंट? पुणे के करोड़पति रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की खौफनाक हत्या ने देश को हिलाकर रख दिया है। मंगेतर सिया गोयल और उसके आशिक चेतन की इस खूनी साजिश ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि 'हनी ट्रैप' और 'मर्डर ट्रैप' का शिकार सिर्फ महिलाएं नहीं, बल्कि पुरुष भी हो रहे हैं। इस मर्डर ने देश के दो सबसे चर्चित और रोंगटे खड़े कर देने वाले मामलों—इंदौर के राजा रघुवंशी कांड और मेरठ के सनसनीखेज मुस्कान कांड की खौफनाक यादों को ताजा कर दिया है।
चारों तरफ सुलगते इस गुस्से के बीच अब देश की सबसे बड़ी पंचायत यानी संसद में 'राष्ट्रीय पुरुष आयोग' बनाने की मांग ने भयंकर तूल पकड़ लिया है। भाजपा के राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने केतन की मौत पर गहरा दुख जताते हुए पुरुषों की सुरक्षा के लिए एक बार फिर अपनी मांग को दोहराया है। उन्होंने यह मामला 2025 में सदन में उठाया था। ALSO READ: केतन अग्रवाल मर्डर केस: सगाई से पहले चेतन संग उदयपुर ट्रिप, 1 करोड़ रुपये ट्रांसफर का खुलासा
मित्तल ने एक्स पर फिर दोहराई अपनी मांग
मित्तल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा- पुणे का केतन अग्रवाल मामला बहुत परेशान करने वाला है। केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष, पूरी और बिना किसी भेदभाव के जांच मिलनी चाहिए और सबसे बढ़कर, उन्हें न्याय मिलना चाहिए। मैंने संसद में 'नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल' पेश किया था। हर पीड़ित को न्याय, मदद और कानून के तहत समान सुरक्षा मिलनी चाहिए।
Pune Ketan Agarwal case is deeply disturbing. Ketan and his family deserve a fair, thorough, and impartial investigation, and above all, justice.
— Ashok Kumar Mittal (@DrAshokKMittal) July 3, 2026
I introduced the National Commission for Men Bill in Parliament. Every victim deserves justice, support, and equal protection under… pic.twitter.com/M6ENpG1T7F
केतन का मामला यह याद दिलाता है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं। उन्हें संस्थागत मदद, कानूनी सुरक्षा और एक ऐसा मंच मिलना चाहिए जहां उनकी बात सुनी जा सके। लिंग के आधार पर भेदभाव किए बिना, न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने अपनी पोस्ट को #NationalCommissionForMen #MenRights #JusticeForMen @MLJ_GoI @India_NHRC के साथ टैग किया है। ALSO READ: कैफे में रची गई साजिश, CCTV से खुली पोल, एक बॉलीवुड फिल्म की तर्ज पर हुआ केतन का मर्डर
सिया कांड ने दिलाई इनकी याद!
दरअसल, पुणे के केतन अग्रवाल की हत्या कोई पहली वारदात नहीं है, बल्कि यह पुरुषों के खिलाफ रची जा रही एक बेहद खतरनाक और शातिर क्रिमिनल साइकोलॉजी का हिस्सा है। याद करिए मध्य प्रदेश के इंदौर का वह सनसनीखेज 'राजा रघुवंशी कांड', जहां प्यार और भरोसे का ऐसा ही कत्ल हुआ था। वहां भी साजिश की डोर एक महिला के हाथ में थी। उत्तर प्रदेश के मेरठ का 'मुस्कान कांड' भी ठीक इसी खौफनाक मोड़ पर आकर थमता है।
इस खौफनाक हत्याकांड के बाद पुरुषों के अधिकारों और उनकी कानूनी सुरक्षा को लेकर देश के मर्दों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। इसी कड़ी में बीजेपी के राज्यसभा सांसद और लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के संस्थापक अशोक कुमार मित्तल ने इस घटना को बेहद विचलित करने वाला बताया है। सांसद मित्तल ने एक्स (X) पर दिसंबर 2025 का अपना एक पुराना वीडियो शेयर किया, जब उन्होंने संसद में 'प्राइवेट मेंबर बिल' के तहत 'नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल' पेश किया था।
कौन हैं अशोक मित्तल?
अशोक मित्तल मूलत: उद्योगपति हैं। खास बात यह है कि मित्तल 2025 में जब यह बिल लाए थे, तब वे आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद थे। लेकिन इसी साल अप्रैल में राघव चड्ढा के नेतृत्व वाले धड़े के साथ वे भाजपा में शामिल हो गए हैं। अब बीजेपी सांसद के तौर पर उनकी यह मांग सरकार के सामने एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है। हालांकि, संसद में किसी भी 'प्राइवेट मेंबर बिल' का कानून बनना लोहे के चने चबाने जैसा है। देश के इतिहास में 1970 के बाद से आज तक कोई भी प्राइवेट मेंबर बिल संसद के दोनों सदनों से पास नहीं हो सका है।
