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Last Updated : शनिवार, 9 मई 2026 (13:19 IST)

मदर्स डे 2026: मातृ शब्द कैसे बना दुनिया की कई भाषाओं का हिस्सा, मां कहें या मम्मी?

A picture of a mother affectionately embracing her daughter, with the caption 'Mother's Day 2026'.
दुनिया की लगभग हर भाषा में 'म' (M) ध्वनि माँ के लिए उपयोग होती है। इसका कारण यह है कि जब बच्चा बोलना शुरू करता है, तो 'म' सबसे आसान ध्वनि होती है जिसे बच्चा अपने होठों को जोड़कर निकालता है। मदर्स डे (Mother's Day) 2026 के इस विशेष अवसर पर, आइए जानते हैं संस्कृत के मातृ शब्द का अर्थ और इसके अन्य भाषा में इसके बदलते स्वरूप और अर्थ को। यह शब्द कैसे मां, माता और फिर मदर बन गया। चलिए जानते हैं दिलचस्प जानकारी।
 

1. मातृ शब्द शाब्दिक अर्थ:

'मातृ' शब्द संस्कृत का मूल शब्द (प्रातिपदिक) है, जिससे हिंदी का 'माता' और 'मां' शब्द निकला है। यह शब्द केवल एक संबंध को नहीं, बल्कि एक संपूर्ण दर्शन को दर्शाता है।
'मातृ' शब्द संस्कृत की 'मा' धातु से बना है, जिसका अर्थ होता है- 'मापना' या 'निर्माण करना'।
निर्मात्री: वह जो गर्भ में शिशु के शरीर का निर्माण करती है।
नियमन करने वाली: वह जो बालक के आचरण और संस्कारों को मापती है और उन्हें सही दिशा देती है।
म-  ममता का सागर
ता- तारने वाली (कष्टों से उबारने वाली)
अर्थात्, वह स्त्री जो अपने संतान के सभी दुखों को हर ले और उसे ममता की छाया में सुरक्षित रखे, वही 'माता' है। एक प्रसिद्ध उक्ति है: "कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति" (पुत्र बुरा हो सकता है, लेकिन माता कभी बुरी नहीं हो सकती)।

2. 'मातृ' शब्द के विविध रूप

इस मूल शब्द से ही संसार की विभिन्न भाषाओं के शब्द विकसित हुए हैं, जो इसके महत्व को वैश्विक बनाते हैं।
संस्कृत: मातृ (Matra)
हिंदी: माता/ माँ (Maa) 
लैटिन: ममा, मेटर (Mater)
अंग्रेजी: मदर, माम (Mother)
अरबी: उम्म, उम्मी, वालिदा, वालिदैन, मुमिया
फारसी: मादर, मम
उर्दू: अम्मी
 

3. अम्बा कैसे बना अम्मा और आई:

क्या आप जानते हैं कि संस्कृत में 'माता' के लिए 'अम्बा' शब्द का भी प्रयोग होता है? आज भी भारत के कई हिस्सों में माँ को 'अम्मा' या 'आई' (मराठी में, जो 'आर्या' से प्रेरित है) कहकर पुकारा जाता है, जो इसी भाषाई परंपरा का हिस्सा है। भारत की भाषाई विविधता इतनी समृद्ध है कि यहाँ 'माता' के लिए अनेक शब्द प्रचलित हैं। दिलचस्प बात यह है कि इनमें से अधिकांश शब्द संस्कृत के 'मातृ', 'अम्बा' या प्राकृत के 'आई' से निकले हैं।
 
  1. हिंदी: माँ, माता, मैया, जननी
  2. पंजाबी: माँ, बेबे, माता जी
  3. कश्मीरी: मोज (Maaj)
  4. डोगरी: अम्मा, माँ
  5. सिंधी: अम्मां, माउ
  6. तमिल: अम्मा (Amma), थाई (Thai)
  7. तेलुगु: अम्मा (Amma), तल्ली (Thalli)
  8. कन्नड़: अम्मा (Amma), थायी (Thaayi)
  9. मलयालम: अम्मा (Amma)
  10. मराठी: आई (Aai), माता, मातृ
  11. गुजराती: बा, मम्मी, माँ
  12. कोंकणी: आवय (Aavai), अम्मा
  13. बंगाली: माँ (Maa), माई
  14. ओड़िया: माँ (Maa), बऊ (Bau)
  15. असमिया: आइ (Aai), माँ
  16. मैथिली: माय, माता
  17. मणिपुरी: ईमा (Eema)
अम्मा: यह शब्द दक्षिण भारत से लेकर उत्तर भारत (खासकर ग्रामीण क्षेत्रों) तक सबसे अधिक लोकप्रिय है।
आई: महाराष्ट्र में प्रचलित यह शब्द संस्कृत के 'आर्या' या 'अम्बिका' का अपभ्रंश माना जाता है।
बऊ: ओड़िशा के ग्रामीण अंचलों में माँ को बहुत प्रेम से 'बऊ' कहा जाता है।
ईमा: मणिपुर में माँ को 'ईमा' कहते हैं, और वहाँ का प्रसिद्ध 'ईमा मार्केट' (Mother's Market) पूरी तरह महिलाओं द्वारा संचालित है।
मम्मी: यह माना जाता है कि 'मम्मी' शब्द की उत्पत्ति लैटिन शब्द 'Mamma' से हुई है। मम्मा' से धीरे-धीरे अंग्रेजी में 'मम' (Mum) बना और फिर प्यार से पुकारने के लिए इसमें 'Y' जोड़कर इसे 'मम्मी' (Mummy) या 'मॉम' (Mom) बना दिया गया।

4. व्यापक परिभाषा (सप्त-माता)

हिंदू धर्मग्रंथों में केवल जन्म देने वाली को ही नहीं, बल्कि इन सात को भी 'मातृ' (माता) के समान सम्मान दिया गया है:
  1. जननी: जन्म देने वाली माँ।
  2. गुरुमां: गुरु की पत्नी।
  3. ब्राह्मणी: ब्राह्मण की पत्नी।
  4. राजमाता: राजा की पत्नी (रानी)।
  5. गौमाता: गाय, जो पोषण देती है (धेनु)।
  6. धात्री: पालन-पोषण करने वाली (धाय माँ)।
  7. पृथ्वी: धरती माँ, जो सबका बोझ सहती है।
एक रोचक बात: भारत में अंग्रेजी शिक्षा के प्रभाव के कारण हम 'मम्मी' शब्द का उपयोग करने लगे, लेकिन आज भी हमारी अपनी भाषाओं के शब्द (जैसे माँ, अम्मा, आई) भावनाओं के अधिक करीब माने जाते हैं क्योंकि उनमें 'ममता' की गूंज है।
संकलन: अनिरुद्ध जोशी
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