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Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

The image depicts the problems that occur when blood sugar levels drop
Signs of Low Blood Sugar: शरीर में शुगर यानी ग्लूकोज का स्तर कम होना एक ऐसी स्थिति है जिसे मेडिकल भाषा में हाइपोग्लाइसीमिया (Hypoglycemia) कहा जाता है। हमारे दिमाग और शरीर को ठीक से काम करने के लिए ग्लूकोज की लगातार जरूरत होती है। जब इसका स्तर 70 mg/dL से नीचे चला जाता है, तो शरीर तुरंत खतरे के संकेत भेजने लगता है।
 
आमतौर पर यह समस्या मधुमेह (डायबिटीज) के मरीजों में अधिक देखी जाती है, लेकिन कई बार लंबे समय तक भूखे रहने, अत्यधिक व्यायाम, कुछ दवाओं के सेवन या अन्य स्वास्थ्य कारणों से गैर-डायबिटिक लोगों में भी हो सकती है। शुरुआत में हल्की कमजोरी, पसीना आना या चक्कर जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं, लेकिन यदि समय पर ध्यान न दिया जाए तो यह स्थिति गंभीर भी हो सकती है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि शुगर कम होने पर शरीर में क्या-क्या परेशानियां हो सकती हैं, उनके शुरुआती संकेत क्या हैं और ऐसी स्थिति में तुरंत क्या करना चाहिए।
 

शरीर में शुगर कम होने पर दिखने वाले लक्षणों को हम इस तरह समझ सकते हैं:ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम के लिए जानें खास 7 डाइट प्लान और इम्युनिटी बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

 

1. जब शुगर कम होना शुरू होती है, जानें शुरुआती लक्षण

जैसे ही ब्लड शुगर का लेवल गिरता है, शरीर में एड्रेनालाईन (Adrenaline) हार्मोन बढ़ने लगता है, जिससे ये शुरुआती परेशानियां होती हैं:
 
अचानक तेज भूख लगना: शरीर ऊर्जा की कमी को पूरा करने के लिए तुरंत खाने के संकेत देता है।
 
चक्कर आना या कमजोरी: सिर हल्का महसूस होने लगता है और पैर डगमगाने लगते हैं।
 
चिड़चिड़ापन या मूड बदलना: अचानक बिना बात के गुस्सा आना, रोने का मन करना या घबराहट होना।
 
हाथ-पैरों में कंपन या घबराहट: बिना किसी कारण के शरीर में कंपकंपी महसूस होने लगती है।
 
अत्यधिक पसीना आना और ठंड लगना: बिना गर्मी के भी अचानक विशेषकर गर्दन के पीछे ठंडा पसीना आने लगता है।
 
दिल की धड़कन तेज होना: ऐसा महसूस होना कि दिल बहुत तेजी से धड़क रहा है (Palpitations)।
 

2. जब शुगर बहुत ज्यादा गिर जाएल जानें गंभीर लक्षण

यदि शुरुआती लक्षणों पर ध्यान न दिया जाए और दिमाग को पर्याप्त ग्लूकोज न मिले, तो स्थिति गंभीर हो सकती है:
 
आंखों के सामने धुंधलापन आना: साफ दिखाई न देना या एक की जगह दो चीजें दिखना।
 
भ्रम की स्थिति: बात समझने में दिक्कत होना या लड़खड़ाती आवाज में बोलना या सही से बोल न पाना।
 
नींद न खुलना या सुस्ती: बहुत ज्यादा सुस्ती छा जाना और सोने की इच्छा होना।
 
दौरे पड़ना या बेहोशी: यह सबसे खतरनाक स्थिति है, जहां व्यक्ति अचानक अचेत (Unconscious) हो सकता है।ALSO READ: पोहा, समोसा खाकर हो गए हैं बोर तो नाश्ते में खाएं स्प्राउट्स चाट, 5 फायदे: Healthy Breakfast Ideas
 

आपातकालीन स्थिति में क्या करें? 

यदि आपको या आपके आस-पास किसी को शुगर कम होने के लक्षण दिखें, तो तुरंत '15:15 का नियम' अपनाएं:
 

1. तुरंत करें ये उपाय

15 ग्राम तुरंत पचने वाला कार्बोहाइड्रेट लें: जैसे ही लक्षण दिखें, मरीज को 3-4 चम्मच चीनी/ग्लूकोज पाउडर, 1/2 कप फ्रूट जूस, या 4-5 टॉफी चूसने के लिए दें। ध्यान रखें: चॉकलेट या बिस्कुट न दें, क्योंकि इनमें मौजूद फैट शुगर को जल्दी बढ़ने नहीं देता।
 

2. 15 मिनट का इंतजार करें

कुछ भी मीठा खिलाने के बाद मरीज को शांत बैठने दें या आराम करने दें और 15 मिनट तक इंतजार करें ताकि शुगर शरीर में एब्जॉर्ब हो सके।
 

3. ब्लड शुगर दोबारा चेक करें

15 मिनट बाद ग्लूकोमीटर से शुगर लेवल दोबारा मापें। यदि लेवल अभी भी 70 mg/dL से कम है, तो स्टेप 1 को दोबारा दोहराएं।
 

4. नॉर्मल खाना या स्नैक दें

जब शुगर लेवल 70 mg/dL से ऊपर आ जाए, तो मरीज को एक रोटी या बिस्कुट जैसी ठोस चीज खिलाएं ताकि शुगर लेवल दोबारा नीचे न गिरे। यह शुगर लेवल को स्थिर रखने में मदद करेंगा।
 
महत्वपूर्ण चेतावनी: यदि व्यक्ति बेहोश हो गया हो या कुछ भी निगलने की स्थिति में न हो, तो उसके मुंह में जबरदस्ती पानी, जूस या चीनी बिल्कुल न डालें। इससे वह उसकी सांस की नली में फंस सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत मरीज को नजदीकी अस्पताल ले जाएं ताकि उसे ग्लूकोज का इंजेक्शन (IV Fluids) दिया जा सके।

अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?
लेखक के बारे में
राजश्री कासलीवाल
श्रीमती राजश्री कासलीवाल पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों का अनुभव। धर्म, व्रत-त्योहार, ज्योतिष, रेसिपी, साहित्य, लाइफ स्टाइल और अन्य विषयों पर लेखन का कार्य। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सीनियर सब-एडिटर (कंटेंट) के पद पर कार्यरत हैं।  .... और पढ़ें
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