सांसद भारत सिंह कुशवाह और डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा दतिया में साधेंगे जातीय समीकरण, भाजपा ने सौंपी अहम जिम्मेदारी
दतिया विधानसभा उपचुनाव में जीत के लिए भाजपा ने अब जतीय समीकरण साधना शुरु कर दिया है। दतिया विधानसभा सीट पर कुल 3 लाख 56 हजार 651 मतदाता हैं। इनमें 1 लाख 88 हजार 959 पुरुष और 1 लाख 67 हजार 692 महिला मतदाता शामिल हैं। दतिया में चुनावी मुकाबले में ओबीसी और अनुसूचित जाति (एसी) के मतदाता ही निर्णायक भूमिका निभाएंगे। ऐसे में इन दोनों वर्गों को साधने के लिए अब भाजपा ने अपने दो बड़े नेताओं को चुनावी मैदान में उतार दिया है।
ओबीसी वर्ग को साधने, सांसद भारत सिंह कुशवाह को सौंपी कमान-दतिया विधानसभा में ओबीसी मतदाताओं की संख्या करीब 90 हजार के आसपास है। इसमें कुशवाह, यादव, लोधी और बघेल समाज का खासा प्रभाव है। ऐसे में ओबीसी वर्ग को साधने के लिए भाजपा ने अपने ओबीसी वर्ग के बड़े चेहरे ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह को चुनावी मैदान में उतारा है। ग्वालियर-चंबल के अनुभव के नाते पूर्व मंत्री और सांसद भारत सिंह कुशवाह को पार्टी अब चुनाव संचालन समिति की कमान भी सौंपने जा रही है।
दो बार ग्वालियर ग्रामीण विधानसभा सीट से विधायक रहे और वर्तमान में सांसद भारत सिंह कुशवाह ग्वालियर-चंबल अंचल की जमीनी राजनीति और सांगठनिक ढांचे को बहुत बारीकी से समझते हैं। दतिया और आसपास के क्षेत्रों में कुशवाह और अन्य ओबीसी मतदाताओं में भारत सिंह कुशवाह की तगड़ी पकड़ है। भारत सिंह को आगे कर भाजपा पिछड़े वर्ग के वोटों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रही है। वहीं दतिया उपचुनाव में भाजपा का फोकस भितरघात को रोकना है। नरोत्तम मिश्रा के टिकट कटने के बाद भाजपा को भितरघात की आंशका है इसलिए भारत सिंह कुशवाह को चुनाव संचालन समिति की जिम्मेदारी सौंप कर पार्टी पूरी चुनावी मशीनरी, बूथ मैनेजमेंट और जनसंपर्क अभियानों को अनुशासित तरीके से संचालित कर सकता है।
एससी वर्ग के लिए डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा को जिम्मेदारी- पार्टी ने अपने एससी वर्ग के बड़े चेहरे और उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा को दतिया के मोर्चे पर तैनात किया गया है। देवड़ा को आगे रखकर पार्टी अनुसूचित जाति वर्ग को साधेगी। वहीं, डिप्टी सीएम देवड़ा जहां सरकार और प्रशासन के स्तर पर कमान संभालकर डैमेज कंट्रोल कर रहे हैं। वहीं वह अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों के बीच पार्टी के प्रभाव को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं।
दरअसल, अजा वर्ग में सबसे बड़ी आबादी अहिरवार और जाटव समाज की है। परंपरागत रूप से इस वर्ग का झुकाव कांग्रेस की तरफ रहा है। भाजपा अपनी पैठ मजबूत तो कर ही रही है, साथ में आजाद समाज पार्टी की एंट्री से चुनाव कुछ हद तक त्रिकोणीय मुकाबले की तरफ बढ़ भी सकता है।विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति मतदाताओं की संख्या करीब 60 हजार है। इनमें अहिरवार समुदाय के मतदाता 30 हजार से अधिक बताए जाते हैं। इसके अलावा खटीक, जाटव, कोरी और वाल्मीकि समाज के मतदाताओं की भी अच्छी संख्या है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार इस वर्ग का झुकाव परंपरागत रूप से कांग्रेस की ओर माना जाता रहा है। ऐसे में भाजपा के लिए इस वोट बैंक में अपनी स्वीकार्यता बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी।

