मानसूनी बारिश के अनियमित होने से पेट्रोल-डीजल की बिक्री में उछाल, अगस्त में 9.1% बढ़ी मांग
देश में मानसूनी बारिश के अनियमित रहने का असर ईंधन की मांग पर भी देखने को मिला है। अगस्त में सार्वजनिक क्षेत्र की तीन प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियों की पेट्रोल और डीजल बिक्री में तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई। उद्योग के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, किसानों और वाहन चालकों की ईंधन जरूरत बढ़ने से पेट्रोल-डीजल की खपत में इजाफा हुआ।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) की पेट्रोल बिक्री अगस्त में सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत बढ़कर 34.8 लाख टन पहुंच गई। पिछले साल अगस्त में इन कंपनियों की संयुक्त पेट्रोल बिक्री इससे कम थी।
किसानों और वाहन चालकों से बढ़ी मांग
बताया जा रहा है कि मानसून के दौरान बारिश का पैटर्न अनियमित रहने के कारण कई इलाकों में किसानों को खेती से जुड़े कामों के लिए ज्यादा समय तक सिंचाई और कृषि उपकरणों का इस्तेमाल करना पड़ा। इसके अलावा वाहनों की आवाजाही बढ़ने से भी ईंधन की मांग में तेजी आई।
पेट्रोल की बिक्री में यह वृद्धि ऐसे समय हुई है जब मानसून का प्रदर्शन देश के अलग-अलग हिस्सों में असमान रहा है। ईंधन की मांग में बढ़ोतरी से आने वाले दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों की खपत के आंकड़ों पर भी असर पड़ सकता है।
पेट्रोलियम कंपनियों की बिक्री पर नजर
IOC, BPCL और HPCL देश की प्रमुख सरकारी ईंधन विपणन कंपनियां हैं। इन कंपनियों की बिक्री के आंकड़ों को घरेलू ईंधन मांग का महत्वपूर्ण संकेतक माना जाता है। अगस्त के शुरुआती आंकड़े देश में पेट्रोल की खपत बढ़ने की ओर इशारा कर रहे हैं।

