विजयादशमी 2026: दशहरे पर खरीदें ये 10 शुभ चीजें, घर में आएगी सुख-समृद्धि
Vijayadashami Remedies: दशहरा, जिसे विजयादशमी भी कहते हैं, बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और यह दिन किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष और वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस पवित्र दिन पर कुछ विशेष शुभ वस्तुएं घर लाना देवी लक्ष्मी को आमंत्रित करने और सुख-समृद्धि को स्थायी बनाने का अचूक तरीका है। सकारात्मक ऊर्जा, सुख-समृद्धि और लक्ष्मी का वास बनाए रखने के लिए कुछ विशेष वस्तुओं को घर लाना बेहद शुभ माना जाता है। दशहरे के दिन घर लाई जाने वाली 10 शुभ वस्तुएं:
1. शमी का पौधा
दशहरे के दिन घर में शमी का पौधा लाना और उसे लगाना अत्यंत फलदायी माना जाता है। माना जाता है कि शमी के पौधे से घर के वास्तु दोष दूर होते हैं और धन-धान्य में वृद्धि होती है। दशहरे के दिन शमी के पत्ते लाकर देवी-देवताओं को अर्पित करें। ऐसा करने से धन-धान्य की वृद्धि होती है और कानूनी अड़चनें दूर होती हैं।
2. अपराजिता का पौधा
अपराजिता (नीले फूल वाला पौधा) विजय और मां दुर्गा की कृपा का प्रतीक है। विजयादशमी पर इसे घर लाने से हर कार्य में सफलता मिलती है।
3. श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र
दशहरे के दिन पूजा स्थान पर स्थापित करने के लिए धातु का श्रीयंत्र या कुबेर यंत्र लाना शुभ होता है। इससे घर में आर्थिक स्थिरता और समृद्धि आती है।
4. झाड़ू
दशहरे और दिवाली पर नई झाड़ू खरीदना लक्ष्मी जी के आगमन का प्रतीक माना जाता है। इससे घर की दरिद्रता और नकारात्मक ऊर्जा बाहर निकलती है। दशहरे के दिन एक नई झाड़ू खरीदकर लाएं और उसका प्रयोग करने से पहले पूजा कर लें। ध्यान रहे कि झाड़ू को हमेशा छिपाकर रखना चाहिए।
5. पीली कौड़ियां
पूजा के लिए 5 या 11 पीली कौड़ियां घर लाएं और विजयादशमी की पूजा में रखें। बाद में इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में रखने से धन में बरकत होती है।
6. चांदी का हाथी:
फेंगशुई और भारतीय वास्तु दोनों में ही हाथी को धन, शक्ति और सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यदि संभव हो, तो चांदी या पीतल का एक छोटा हाथी खरीदकर लाएं और उसे घर के उत्तर दिशा में रखें। इससे आर्थिक उन्नति होती है और जीवन में स्थिरता आती है।
7. मिट्टी, पीतल या तांबे का कलश
घर के मंदिर के लिए नया पीतल या तांबे का कलश लाना शुभ शगुन माना जाता है। यह घर में सकारात्मकता और जल तत्व को संतुलित करता है। खाली घड़ा समृद्धि को आमंत्रित करता है। यह पवित्रता और नवजीवन का प्रतीक है। घर में इसे रखने से बरकत आती है। मिट्टी का एक नया घड़ा या कलश खरीदकर लाएं और उसे पानी से भरकर घर के उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में रखें। इससे घर में स्थिरता और सकारात्मकता बनी रहती है।
8. नया वाहन या धातु का सामान
विजयादशमी का दिन अबुझ मुहूर्त (सर्वसिद्ध मुहूर्त) माना जाता है। इस दिन नया वाहन, सोने-चांदी के सिक्के, या घर के लिए तांबे-पीतल के बर्तन खरीदना बहुत शुभ होता है।
9. बही-खाता या नई डायरी
व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए इस दिन नया बही-खाता, डायरी या पेन खरीदना नया काम शुरू करने और सफलता पाने का प्रतीक है।
10. कुमकुम, मौली, रोली, अक्षत और ताजे फूल
पूजन सामग्री के रूप में साबुत चावल (अक्षत), ताजे गेंदे के फूल और आम या अशोक के पत्ते लाएं, जिससे घर के मुख्य द्वार पर तोरण (वंदनवार) बनाया जा सके। कुमकुम, चावल और मौली: ये तीनों वस्तुएं देवी पूजा और सभी मांगलिक कार्यों का अभिन्न अंग हैं। इन्हें घर लाने से सकारात्मक ऊर्जा आती है और परिवार में सुख-शांति बनी रहती है। ये सामग्री विशेष रूप से खरीदकर पूजा स्थान पर रखें और अगले दिन की पूजा में उपयोग करें। दशहरे पर नया कलावा (रक्षासूत्र) और शुद्ध रोली खरीदकर लाएं। पूजा के बाद घर के सभी सदस्य इसे धारण करें और वाहनों व मुख्य द्वार पर स्वास्तिक बनाएं।

