यश ने खोला रावण बनने का राज, बोले- मुकुट पहनते ही बदल जाती थी मेरी ऊर्जा
नितेश तिवारी की बहुचर्चित और महात्वाकांक्षी फिल्म 'रामायणम्' का ट्रेलर जैसे ही दर्शकों के सामने आया, इसने सोशल मीडिया से लेकर सिनेमा जगत तक तहलका मचा दिया। यूं तो फिल्म की स्टारकास्ट और भव्यता की हर तरफ चर्चा हो रही है, लेकिन जिस एक चीज ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा और दर्शकों को रोमांचित किया, वह है 'रॉकिंग स्टार' यश का रावण अवतार।
ट्रेलर में यश की स्क्रीन प्रेज़ेंस इतनी दमदार है कि पलक झपकाना भी मुश्किल हो जाता है। उनकी रौबदार बॉडी लैंग्वेज, आंखों में गजब का तेज और शाही अंदाज ने यह साबित कर दिया है कि वह भारतीय पौराणिक इतिहास के सबसे जटिल और शक्तिशाली पात्रों में से एक—लंकाधिपति रावण—को एक नए स्तर पर ले जाने वाले हैं।
ट्रेलर में यश की एक झलक ने ही फैंस के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। इंटरनेट पर हर तरफ यश के इस लुक और उनकी स्क्रीन प्रेजेंस की तारीफें हो रही हैं। सिनेमा प्रेमियों का मानना है कि यश की भारी-भरकम आवाज और गजब का आभा-मंडल रावण जैसे अति-शक्तिशाली किरदार के लिए बिल्कुल सटीक बैठता है। ट्रेलर की सबसे बड़ी हाइलाइट्स में यश का यही 'लॉर्ड ऑफ लंका' वाला अंदाज़ बना हुआ है।
कैसे रावण बने यश?
इसी जबरदस्त रिस्पॉन्स और बज के बीच, अमेरिका में फिल्म के प्रमोशनल टूर के दौरान यश द्वारा दिया गया एक पुराना बयान फिर से इंटरनेट पर ट्रेंड करने लगा। इस खुलासे ने फैंस को यह जानने का एक बेहद खास मौका दिया कि आखिर पर्दे पर इतना खौफनाक और प्रभावशाली दिखने के लिए यश ने खुद को किस तरह तैयार किया था।
रावण का किरदार निभाने के अपने अनुभव को शेयर करते हुए यश ने कहा था, मेरे लिए हर किरदार से जुड़ने और उसमें समाने का एक खास तरीका होता है। रावण के रोल के लिए मेरे सिर पर एक बहुत ही विशाल और बेहद भारी मुकुट रखा जाता था। जब तक वह मुकुट सिर पर नहीं होता, आप एक अभिनेता की तरह अपने डायलॉग्स, सीन की बारीकियों और तैयारी के बारे में सोच रहे होते हैं।
उन्होंने कहा, लेकिन जैसे ही मैं वह मुकुट पहनकर कदम बढ़ाता था, एक अलग ही ऊर्जा मेरे अंदर दौड़ने लगती थी। वही पल मेरे लिए एक स्विच की तरह काम करता था, जो मुझे बिना किसी झिझक के सीधे 'रावण' के किरदार में धकेल देता था।
कॉस्ट्यूम नहीं, किरदार में उतरने का 'मास्टर स्विच' था मुकुट
यश की बातों से साफ जाहिर होता है कि वह विशाल मुकुट उनके लिए महज किसी कॉस्ट्यूम या मेकअप का हिस्सा भर नहीं था। वह उनके लिए रावण के अस्तित्व को जीने की सबसे आखिरी और सबसे अहम कड़ी था। उस मुकुट का असली भार और उसकी शाही उपस्थिति यश को हर बार कैमरे के सामने लंका नरेश की अपार शक्ति, अटूट अधिकार और दबदबे वाली आभा को महसूस कराती थी।
अब जब दर्शक ट्रेलर में यश का वह दमदार और रौबदार रूप देख चुके हैं, तो उनका यह बयान और भी ज्यादा प्रासंगिक और गहरा लगने लगा है। ट्रेलर में दिखा हर एक फ्रेम यह बयां करता है कि यश ने इस पौराणिक किरदार को जीवंत करने के लिए कितनी बारीक और गंभीर तैयारी की थी। चाहे उनका खड़ा होना हो, डायलॉग डिलीवरी हो या केवल अपनी आँखों से अधिकार जताना हो—यश का यह रावण अवतार लंबे समय तक याद रखा जाएगा।

