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नाना पाटेकर की पत्नी कौन थीं? 1978 में हुई थी शादी, फिर क्यों अलग रहने लगे दोनों, जानिए अनकही कहानी

नाना पाटेकर की पत्नी कौन थीं? 1978 में हुई थी शादी, फिर क्यों अलग रहने लगे दोनों, जानिए अनकही कहानी
नाना पाटेकर की जिंदगी को अगर सिर्फ उनके अभिनय और फिल्मों के जरिए समझा जाए तो कहानी अधूरी रह जाती है। उनकी निजी जिंदगी में भी कई ऐसे अध्याय रहे, जिनके बारे में उन्होंने बहुत कम बात की। इनमें उनकी पत्नी नीलकांति पाटेकर के साथ उनका रिश्ता सबसे खास है। दोनों ने 1978 में शादी की थी। नीलकांति ने नाना के संघर्ष के दिनों में उनका साथ दिया, लेकिन वक्त के साथ दोनों अलग-अलग रहने लगे। दिलचस्प बात यह है कि अलग रहने के बावजूद दोनों ने कभी तलाक नहीं लिया।
 

कौन थीं नाना की पत्नी नीलकांति पाटेकर?

नाना पाटेकर की पत्नी का नाम नीलकांति पाटेकर था। उनकी अपनी भी अलग पहचान थी। वह मराठी रंगमंच से जुड़ी अभिनेत्री थीं और उन्होंने फिल्मों में भी काम किया। अभिनय के साथ उन्होंने नौकरी भी की और अपने शुरुआती दौर में वह बैंक अधिकारी थीं।
 
नाना और नीलकांति की मुलाकात मराठी थिएटर के दिनों में हुई थी। दोनों एक नाटक से जुड़े हुए थे और वहीं से उनके रिश्ते की शुरुआत हुई। बाद में यह रिश्ता शादी तक पहुंचा और 1978 में दोनों विवाह के बंधन में बंध गए।
 
नीलकांति को अभिनय का शौक बचपन से था। महाराष्ट्र राज्य नाट्य प्रतियोगिता में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार भी मिला था। बाद में उन्होंने मराठी सिनेमा में काम किया और ‘आत्मविश्वास’ में अपने अभिनय के लिए महाराष्ट्र सरकार का सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार हासिल किया। 
 

नाना के संघर्ष में पत्नी ने निभाई थी बड़ी भूमिका

नाना पाटेकर के करियर की शुरुआत आसान नहीं थी। अभिनय में भविष्य बनेगा या नहीं, यह खुद नाना को भी नहीं पता था। ऐसे समय में नीलकांति की नौकरी उनके परिवार के लिए आर्थिक सहारा थी।
 
नाना ने एक पुराने इंटरव्यू में खुद बताया था कि उस दौर में नीलकांति बैंक में अधिकारी थीं और उनकी कमाई नाना को थिएटर और अभिनय में अपना करियर बनाने का मौका देती थी। नाना के मुताबिक, उन्होंने पत्नी से कहा था कि वह अभिनय में करियर बनाना चाहते हैं और नीलकांति ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
 
नाना ने अपनी पत्नी के योगदान को याद करते हुए कहा था कि अगर नीलकांति का साथ नहीं मिला होता तो शायद वह इस पेशे में अपना करियर नहीं बना पाते। यानी जिस दौर में नाना के पास सफलता की कोई गारंटी नहीं थी, उस वक्त पत्नी ने उनके सपने पर भरोसा किया था।
 

फिर क्यों अलग रहने लगे नाना और नीलकांति?

यह सवाल नाना पाटेकर की निजी जिंदगी से जुड़ा सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला सवाल रहा है। इसका जवाब भी नाना ने खुद दिया था।
 
2015 में एक इंटरव्यू में जब उनसे नीलकांति के साथ रिश्ते के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि इसे सिर्फ ‘रिश्ता टूटना’ कहना सही नहीं होगा। उनके मुताबिक दोनों ने जिंदगी के कई साल खुशी से साथ बिताए और मुश्किल वक्त में एक-दूसरे का साथ भी दिया। लेकिन समय के साथ उनके बीच कुछ ऐसे मतभेद पैदा हुए जिन्हें सुलझाना संभव नहीं रहा और दोनों धीरे-धीरे अलग हो गए।
 
नाना ने यह भी साफ कहा था कि दोनों का तलाक नहीं हुआ था। वे शादीशुदा थे, लेकिन अलग-अलग रहते थे। उन्होंने यह भी बताया था कि दोनों एक-दूसरे से मिलते रहते थे और एक-दूसरे की देखभाल करते थे।
 
यानी उनके अलग रहने की वजह के बारे में किसी एक सनसनीखेज घटना को जिम्मेदार ठहराना सही नहीं होगा। नाना की अपनी बात के मुताबिक, यह लंबे समय में पैदा हुए मतभेदों और अलग होकर रहने के फैसले का नतीजा था।
 

साथ क्यों नहीं दिखाई देते थे?

नाना और नीलकांति के अलग-अलग घरों में रहने की वजह से दोनों सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी एक साथ बहुत कम दिखाई देते थे। नाना खुद अपनी निजी जिंदगी को लेकर ज्यादा चर्चा पसंद नहीं करते थे।
 
एक पुराने इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि नीलकांति उनके बेटे मल्हार और नाना की मां के साथ रहती थीं, जबकि वह खुद अलग रहते थे। इसका मतलब यह नहीं था कि परिवार के रिश्ते पूरी तरह खत्म हो गए थे। बल्कि दोनों ने अपनी जिंदगी की ऐसी व्यवस्था स्वीकार कर ली थी जिसमें साथ रहने के बजाय अलग रहना उनके लिए बेहतर था।
 
यही वजह है कि नाना के साथ पत्नी की तस्वीरें या सार्वजनिक मौजूदगी बहुत कम दिखाई देती थी। इसे उनके रिश्ते के पूरी तरह खत्म हो जाने के तौर पर देखना सही नहीं होगा।
 

नीलकांति ने बाद में फिल्मों से दूरी क्यों बनाई?

नीलकांति पाटेकर खुद अभिनय और रंगमंच में सक्रिय थीं, लेकिन बाद में उन्होंने फिल्मों से दूरी बना ली। उपलब्ध रिपोर्टों में बताया गया है कि परिवार की जिम्मेदारियों के चलते उन्होंने अपने अभिनय करियर को आगे नहीं बढ़ाया।
 
नाना ने भी अपने संघर्ष के दिनों में पत्नी के योगदान को हमेशा महत्व दिया। यही वजह है कि नीलकांति की कहानी सिर्फ ‘नाना पाटेकर की पत्नी’ की कहानी नहीं है। उनका अपना अभिनय करियर था और वह उस दौर में परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही थीं।
 

शादी रही, साथ नहीं रहा

नाना और नीलकांति के रिश्ते की सबसे दिलचस्प बात शायद यही है। शादी 1978 में हुई, दोनों ने साथ में जिंदगी के कई अहम साल बिताए, नाना के संघर्ष में नीलकांति ने उनका साथ दिया और फिर समय के साथ दोनों अलग-अलग रहने लगे।
 
लेकिन उन्होंने अपने रिश्ते को कानूनी तौर पर खत्म नहीं किया। नाना ने खुद कहा था कि वे तलाकशुदा नहीं हैं और दोनों एक-दूसरे की परवाह करते हैं।
 
नाना पाटेकर के निधन के बाद उनकी निजी जिंदगी के ये पुराने किस्से फिर चर्चा में हैं। उनकी और नीलकांति की कहानी को किसी विवाद या सनसनी के चश्मे से देखने के बजाय शायद इस रूप में समझना ज्यादा सही होगा कि हर शादी का सफर एक जैसा नहीं होता। कुछ रिश्ते साथ रहकर चलते हैं, तो कुछ में लोग अलग रहते हुए भी एक-दूसरे के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी बनाए रखते हैं।
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