सम्बंधित जानकारी
- 'सतलुज' को ओटीटी से हटाने पर भड़कीं नीरू बाजवा, बोलीं- जनता को सच जानने का अधिकार
- मराठी फिल्म 'देऊल बंद 2' की मदद करने पर ट्रोल हुए शाहरुख खान, निर्देशक बोले- हिंदू-मुसलमान कहां से आया?
- मनीष पॉल की मां उर्मिल पॉल का निधन, एक्टर ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि
- Jio TV Pro Pack लॉन्च, सिर्फ 55 रुपए में 1000+ लाइव टीवी चैनल, OTT और प्रीमियम फीचर्स का मिलेगा फायदा
- जकार्ता में पीएम मोदी ने किया 'कुछ कुछ होता है' का जिक्र, करण जौहर हुए भावुक
'हर किसी के हाथ में मोबाइल है, इसलिए वर्टिकल सीरीज ही भविष्य हैं', स्मृति खन्ना ने बताया क्यों बदल रही है एंटरटेनमेंट की दुनिया
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि आने वाले समय में वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया में बड़ी भूमिका निभाने वाली हैं। अब तक चार वर्टिकल प्रोजेक्ट्स का हिस्सा रह चुकीं स्मृति का कहना है कि यह सिर्फ एक नया ट्रेंड नहीं, बल्कि दर्शकों की बदलती पसंद का संकेत है। उनके मुताबिक, आज हर किसी के हाथ में मोबाइल फोन है और जब दो मिनट में एक एपिसोड देखा जा सकता है, तो यह फॉर्मेट लोगों की व्यस्त जिंदगी में आसानी से फिट बैठता है। यही वजह है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि वर्टिकल कंटेंट का भविष्य बेहद मजबूत है।
स्मृति खन्ना ने बताया कि उन्होंने अब तक चार वर्टिकल सीरीज में काम किया है। उनकी पहली सीरीज 'केसरी - आम बना खास' थी। इसके बाद उन्होंने 'माफिया बाप', 'आखिरी ओटीपी' और 'द सेकंड स्पार्क ऑफ माय लाइफ' में अभिनय किया। उनका कहना है कि हर प्रोजेक्ट का अनुभव अलग रहा और इन सीरीज ने उन्हें एक कलाकार के तौर पर काफी कुछ सीखने का मौका दिया।
3 से 4 दिन में पूरी हो जाती है सीरीज
स्मृति के मुताबिक, वर्टिकल सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसकी तेज रफ्तार है। उन्होंने कहा कि पूरी सीरीज की शूटिंग अक्सर सिर्फ 3 से 4 दिनों में पूरी हो जाती है। ऐसे में पूरी टीम को हर समय तैयार और सतर्क रहना पड़ता है।
उन्होंने कहा, "इस फॉर्मेट में काम करना बेहद रोमांचक होता है। आपको अपना काम पूरी तैयारी के साथ आना चाहिए क्योंकि यहां काम की गति बहुत तेज होती है। मुझे यही ऊर्जा पसंद है। हर किरदार अच्छी तरह लिखा जाता है और कहानी में उसकी अहम भूमिका होती है। इसलिए किसी भी दृश्य या किरदार को बेवजह नहीं जोड़ा जाता।"
बड़े प्रोडक्शन हाउस भी दिखा रहे दिलचस्पी
स्मृति का मानना है कि वर्टिकल कंटेंट इंडस्ट्री में तेजी से अपनी जगह बना रहा है। उन्होंने बताया कि उन्होंने सुना है कि कई बड़े प्रोडक्शन हाउस भी अब वर्टिकल प्रोजेक्ट्स पर काम करने की तैयारी कर रहे हैं और कई बड़े कलाकार भी इस फॉर्मेट से जुड़ रहे हैं।
उनके मुताबिक, इससे न केवल बजट बढ़ेगा बल्कि कंटेंट की गुणवत्ता भी पहले से बेहतर होगी। उन्होंने कहा, "हर किसी के हाथ में मोबाइल है और एक एपिसोड देखने में सिर्फ दो मिनट लगते हैं। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। यह यूजर फ्रेंडली है और लोगों की व्यस्त दिनचर्या में आसानी से जगह बना लेता है। इसलिए मुझे लगता है कि वर्टिकल्स ही भविष्य हैं।"
बोल्ड कंटेंट पर क्या बोलीं स्मृति?
वर्टिकल सीरीज और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर बढ़ते बोल्ड कंटेंट को लेकर भी स्मृति खन्ना ने अपनी स्पष्ट राय रखी। उन्होंने कहा कि अगर किसी दृश्य की वास्तव में कहानी में जरूरत है तो उन्हें उससे कोई परेशानी नहीं है।
स्मृति ने कहा कि किसी भी बोल्ड सीन का फैसला इस आधार पर होना चाहिए कि वह कहानी को कितना आगे बढ़ाता है। उनके अनुसार, अगर कोई दृश्य सिर्फ दर्शकों का ध्यान खींचने के लिए जोड़ा गया हो तो वह सही नहीं है। लेकिन यदि वह कहानी की मांग है, तो उसे कलात्मक, संवेदनशील और सम्मानजनक तरीके से फिल्माया जाना चाहिए।
