बजट 2026 के ऐलानों से क्या सस्ती होंगी कारें, जानिए ग्राहकों को कितना फायदा मिलेगा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में ऑटोमोबाइल सेक्टर, खासकर इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और हाइब्रिड कारों के लिए सरकार ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। इस बार सरकार का ध्यान सीधे ग्राहकों को सब्सिडी देने के बजाय 'बैकएंड' यानी मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई चेन को मजबूत करने पर रहा है। हालांकि बजट में सीधे तौर पर GST कटौती या ग्राहकों के लिए नई सब्सिडी का ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन मैन्युफैक्चरिंग लागत कम होने से लंबी अवधि में फायदा मिलेगा। शोरूम कीमत में तुरंत बड़ी गिरावट की उम्मीद कम है, लेकिन बैटरी के घरेलू उत्पादन से भविष्य में राहत मिल सकती है।
बैटरी बनाना होगा सस्ता
सरकार ने लिथियम-आयन सेल के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले कैपिटल गुड्स (मशीनरी और उपकरण) पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) में छूट को जारी रखने का फैसला किया है। इससे भारत में बैटरी की 'गीगा-फैक्ट्री' स्थापित करना सस्ता होगा। चूंकि बैटरी की लागत कार की कीमत का 35-40% होती है, इसलिए भविष्य में EV की कीमतें स्थिर या कम हो सकती हैं।
PM E-DRIVE योजना के लिए ₹1,500 करोड़
इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए PM E-DRIVE योजना के लिए ₹1,500 करोड़ का आवंटन किया गया है। इसका बड़ा हिस्सा सार्वजनिक परिवहन, जैसे कि 4,000 नई इलेक्ट्रिक बसें (पूर्वोंदय राज्यों के लिए) खरीदने में खर्च होगा।
हाइब्रिड वाहनों के लिए अच्छी खबर
हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले पार्ट्स पर मिलने वाली रियायती सीमा शुल्क को मार्च 2028 तक यानी 2 साल के लिए बढ़ा दिया गया है। इससे हाइब्रिड कारों की निर्माण लागत को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी। Edited by : Sudhir Sharma