अष्टमी महागौरी माता की आरती लिरिक्स | Mahagauri Mata Ki Aarti Lyrics
Navratri aarti lyrics: श्री महागौरी माता की आरती "ॐ जय महागौरी जगत की माया" हिंदू धर्म में चैत्र और शारदीय नवरात्रि की अष्टमी तिथि के दिन सबसे अधिक गाई जाने वाली और लोकप्रिय आरतियों में से एक है। पढ़िए मां महागौरी की आरती को लिखित और इमेज फॉर्मेट में।
।।माँ महागौरी की आरती।।
जय महागौरी जगत की माया।
जया उमा भवानी जय महामाया।।
हरिद्वार कनखल के पासा।
महागौरी तेरा वहां निवासा।।
चंद्रकली और ममता अंबे।
जय शक्ति जय जय मां जगदंबे।।
भीमा देवी विमला माता।
कौशिकी देवी जग विख्याता।।
हिमाचल के घर गौरी रूप तेरा।
महाकाली दुर्गा है स्वरूप तेरा।।
सती सत हवन कुंड में था जलाया।
उसी धुएं ने रूप काली बनाया।।
बना धर्म सिंह जो सवारी में आया।
तो शंकर ने त्रिशूल अपना दिखाया।।
तभी मां ने महागौरी नाम पाया।
शरण आनेवाले का संकट मिटाया।।
शनिवार को तेरी पूजा जो करता।
मां बिगड़ा हुआ काम उसका सुधरता।।
भक्त बोलो तो सोच तुम क्या रहे हो।
महागौरी मां तेरी हरदम ही जय हो।।
(समाप्त)

