1. धर्म-संसार
  2. व्रत-त्योहार
  3. तीज त्योहार
  4. bhadli-navami-2026-shubh-muhurat-shopping-auspicious-yog

भड़ली नवमी 2026: खरीदारी के लिए कब रहेगा शुभ मुहूर्त? जानें अच्छे संयोग और खास समय

bhadli navami 2026 shubh muhurat
भड़ली नवमी (जिसे भड़ल्या नवमी या भड़ला नवमी भी कहा जाता है) हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। भड़ली नवमी को सनातन धर्म में एक बेहद पवित्र और 'अबूझ मुहूर्त' माना गया है। इस दिन कोई भी शुभ कार्य (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, या नया व्यापार शुरू करना) करने के लिए किसी पंडित या ज्योतिषी से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। पूरा दिन अपने आप में अत्यंत शुभ होता है। फिर भी जानिए कि कब करें खरीदारी, गृह प्रवेश या अन्य कोई मांगलिक कार्य।  
 
हिंदू धर्म और पंचांग में शुभ कार्यों के लिए सही समय यानी 'मुहूर्त' का बहुत महत्व होता है। लेकिन साल में कुछ दिन ऐसे भी आते हैं, जब आपको किसी पंडित जी से पूछने या पंचांग देखने की जरूरत नहीं होती। ऐसा ही एक महा-मुहूर्त इस साल 22 जुलाई 2026 को आ रहा है। यह दिन भड़ली नवमी का है, जो अपने आप में एक 'अबूझ मुहूर्त' है। इसके ठीक बाद देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा और अगले 4 महीनों के लिए सभी मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा।
 

नवमी तिथि:

नवमी तिथि प्रारम्भ- 22 जुलाई 2026 को सुबह 05:16 बजे से।
नवमी तिथि समाप्त- 23 जुलाई 2026 को सुबह 07:03 बजे तक।
 

शुभ मुहूर्त:

विजय मुहूर्त: दोपहर 02:56 से 03:48 तक।
गोधूलि मुहूर्त: शाम को 07:17 से 07:39 तक।

चौघड़िया मुहूर्त:

लाभ: सुबह 06:12 से 07:50 तक।
अमृत: सुबह 07:50 से 09:28 तक।
शुभ: सुबह 11:07 से दोपहर 12:45 तक।
लाभ: शाम 05:40 से 07:18 तक।
शुभ: रात्रि 08:40 से 10:02 तक।
अमृत: रात्रि 10:02 से 11:23 तक।
 

इस दिन क्या करना शुभ माना जाता है?

दान-पुण्य: इस दिन गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन होने के कारण कन्या पूजन करना और गरीबों को दान देना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
विवाह और सगाई: यदि किसी के विवाह में रुकावटें आ रही हों, तो भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त का लाभ उठाकर विवाह संपन्न कराया जाता है।
नया काम शुरू करना: नया वाहन खरीदना, सोने-चांदी की खरीदारी करना या नए घर में प्रवेश करने के लिए भी लोग इस दिन को चुनते हैं।
 
अगला लेख
क्या हिंसक जन आंदोलन से होगा भारत में सत्ता परिवर्तन, क्या कहता है मेदिनी ज्योतिष?