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भड़ली नवमी क्यों मनाई जाती है? जानिए इसका धार्मिक महत्व, मान्यताएं और खास बातें
भड़ली नवमी (जिसे भड़ल्या नवमी या भड़ला नवमी भी कहा जाता है) हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है। इसे मुख्य रूप से दो बड़े कारणों से मनाया जाता है।
1. अबूझ मुहूर्त (बिना मुहूर्त देखे शादी-ब्याह का आखिरी दिन)
भड़ली नवमी को सनातन धर्म में एक बेहद पवित्र और 'अबूझ मुहूर्त' माना गया है।
बिना पंडित से पूछे शुभ कार्य: इस दिन कोई भी शुभ कार्य (जैसे विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश, या नया व्यापार शुरू करना) करने के लिए किसी पंडित या ज्योतिषी से मुहूर्त निकलवाने की आवश्यकता नहीं होती। पूरा दिन अपने आप में अत्यंत शुभ होता है।
शादियों का आखिरी मौका: भड़ली नवमी के ठीक दो दिन बाद 'देवशयनी एकादशी' आती है, जिससे भगवान विष्णु चार महीने के लिए योग निद्रा (चातुर्मास) में चले जाते हैं। इसके बाद अगले चार महीनों तक सभी मांगलिक कार्य और शादियाँ पूरी तरह बंद हो जाती हैं। इसलिए, जिन लोगों की शादियों के मुहूर्त सामान्य दिनों में नहीं निकल पाते, वे इस दिन बिना किसी संकोच के विवाह बंधन में बंध जाते हैं।
2. गुप्त नवरात्रि की पूर्णाहुति
आषाढ़ मास में 'गुप्त नवरात्रि' आती है। भड़ली नवमी इस गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन (नौवां दिन) होती है।
इस दिन मां दुर्गा के नौवें स्वरूप की पूजा की जाती है और हवन-पूजन के साथ गुप्त नवरात्रि का समापन (पूर्णाहुति) होता है। तंत्र-मंत्र की साधना करने वाले साधकों और देवी भक्तों के लिए यह दिन आध्यात्मिक सिद्धि प्राप्त करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।
भड़ली नवमी उपासना करने से भक्त को देवी पार्वती की विशेष कृपा प्राप्त होती है। देवी माँ का यह रूप सभी दुर्लभ गुणों से युक्त एवं मंगलमयी है। उनकी आराधना से धन-धान्य एवं सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।
वैष्णव अथवा भगवान विष्णु के भक्त इस दिन अपने आराध्य के निमित्त पूजन, हवन तथा व्रत आदि कर्म करते हैं।
इस दिन क्या करना शुभ माना जाता है?
दान-पुण्य: इस दिन गुप्त नवरात्रि का अंतिम दिन होने के कारण कन्या पूजन करना और गरीबों को दान देना अत्यंत फलदायी माना जाता है।
विवाह और सगाई: यदि किसी के विवाह में रुकावटें आ रही हों, तो भड़ली नवमी के अबूझ मुहूर्त का लाभ उठाकर विवाह संपन्न कराया जाता है।
नया काम शुरू करना: नया वाहन खरीदना, सोने-चांदी की खरीदारी करना या नए घर में प्रवेश करने के लिए भी लोग इस दिन को चुनते हैं।
