PM नरेंद्र मोदी के 'झालमुड़ी' वाले 10 के नोट की मची होड़, 1 लाख तक लगी बोली, दुकानदार देने को नहीं तैयार
Photo : Social media
झारग्राम (पश्चिम बंगाल): राजनीति में अक्सर बड़ी रैलियां और भाषण सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन कभी-कभी एक छोटा सा वाकया इतिहास बन जाता है। पश्चिम बंगाल के झारग्राम में पीएम मोदी द्वारा झालमुड़ी खाने के बाद, उनके द्वारा दिया गया 10 रुपए का नोट अब एक 'एंटीक' आइटम बन चुका है, जिसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
क्या है पूरा मामला : हाल ही में बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान पीएम मोदी ने अपना काफिला रुकवाकर एक स्थानीय विक्रेता, विक्रम साव, की दुकान पर झालमुड़ी का लुत्फ उठाया था। इस दौरान पीएम ने अपनी जेब से निकालकर 10 का एक नोट विक्रेता को दिया।
क्यों लग रही है 1 लाख की बोली : जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, देशभर के कलेक्टरों और मोदी प्रशंसकों की नजर उस 10 रुपए के नोट पर टिक गई। कई लोगों ने दुकानदार विक्रम साव से संपर्क किया और उस नोट को खरीदने की इच्छा जताई। दावा किया जा रहा है कि कुछ प्रशंसकों ने इस 10 रुपए के नोट के बदले 1,00,000 (एक लाख रुपये) तक देने की पेशकश की है। लोग इसे 'ऐतिहासिक धरोहर' और 'सौभाग्य का प्रतीक' मान रहे हैं, क्योंकि इसे देश के प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से खर्च किया था।
दुकानदार का क्या कहना है : लाखों के ऑफर मिलने के बावजूद दुकानदार विक्रम साव इस नोट को बेचने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि मेरे लिए यह सिर्फ कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री की याद और आशीर्वाद है। उन्होंने मुझसे बातचीत की, मेरा हाल-चाल पूछा और बड़े चाव से मेरी बनाई झालमुड़ी खाई। मैं इस नोट को फ्रेम करवाकर अपनी दुकान में रखूंगा, इसे बेचूंगा नहीं।
वायरल हुई थी बातचीत : झालमुड़ी बनवाते समय जब विक्रेता ने पूछा था कि "क्या आप प्याज खाते हैं?", तो पीएम मोदी ने मजाकिया अंदाज में जवाब दिया था- "हां, प्याज खाते हैं, बस किसी का दिमाग नहीं खाते!" इस मजाकिया संवाद ने इंटरनेट पर करोड़ों व्यूज बटोरे थे।
विपक्ष ने बताया 'स्क्रिप्टेड' : जहां एक तरफ जनता इस सादगी की तारीफ कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे "चुनावी ड्रामा" करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अचानक रुकने वाली जगह पर पहले से कैमरे और SPG कैसे तैनात थे। फिलहाल वह 10 रुपए का नोट झारग्राम में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और विक्रम साव की दुकान पर अब ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal
झारग्राम (पश्चिम बंगाल): राजनीति में अक्सर बड़ी रैलियां और भाषण सुर्खियां बटोरते हैं, लेकिन कभी-कभी एक छोटा सा वाकया इतिहास बन जाता है। पश्चिम बंगाल के झारग्राम में पीएम मोदी द्वारा झालमुड़ी खाने के बाद, उनके द्वारा दिया गया 10 रुपए का नोट अब एक 'एंटीक' आइटम बन चुका है, जिसकी कीमत लाखों में आंकी जा रही है।
क्यों लग रही है 1 लाख की बोली : जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, देशभर के कलेक्टरों और मोदी प्रशंसकों की नजर उस 10 रुपए के नोट पर टिक गई। कई लोगों ने दुकानदार विक्रम साव से संपर्क किया और उस नोट को खरीदने की इच्छा जताई। दावा किया जा रहा है कि कुछ प्रशंसकों ने इस 10 रुपए के नोट के बदले 1,00,000 (एक लाख रुपये) तक देने की पेशकश की है। लोग इसे 'ऐतिहासिक धरोहर' और 'सौभाग्य का प्रतीक' मान रहे हैं, क्योंकि इसे देश के प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से खर्च किया था।
दुकानदार का क्या कहना है : लाखों के ऑफर मिलने के बावजूद दुकानदार विक्रम साव इस नोट को बेचने के लिए तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि मेरे लिए यह सिर्फ कागज़ का टुकड़ा नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री की याद और आशीर्वाद है। उन्होंने मुझसे बातचीत की, मेरा हाल-चाल पूछा और बड़े चाव से मेरी बनाई झालमुड़ी खाई। मैं इस नोट को फ्रेम करवाकर अपनी दुकान में रखूंगा, इसे बेचूंगा नहीं।
विपक्ष ने बताया 'स्क्रिप्टेड' : जहां एक तरफ जनता इस सादगी की तारीफ कर रही है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसे "चुनावी ड्रामा" करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अचानक रुकने वाली जगह पर पहले से कैमरे और SPG कैसे तैनात थे। फिलहाल वह 10 रुपए का नोट झारग्राम में आकर्षण का केंद्र बना हुआ है और विक्रम साव की दुकान पर अब ग्राहकों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
Edited By: Naveen R Rangiyal

