1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. amarnath-yatra-third-batch-leaves-jammu-holy-ice-shivling-melting-rapidly

अमरनाथ यात्रा के बीच बड़ी खबर: तेजी से पिघल रहा है पवित्र हिमलिंग, जम्मू से रवाना हुआ श्रद्धालुओं का तीसरा जत्था

amarnath yatra 2026 : himling melting rapidly
Amarnath Yatra 2026 : अमरनाथ यात्रा के प्रतीक हिमलिंग के तेजी से पिघलने के बीच कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, सालाना अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले तीर्थयात्रियों का तीसरा जत्था शनिवार सुबह जम्मू के भगवती नगर स्थित यात्री निवास से रवाना हुआ।

यात्रा के दूसरे ही दिन यात्रा के प्रतीक हिमलिंग को तेजी से पिघलना जारी था और बढ़ती भीड़ के बीच सूत्रों का कहना था कि शायद ही हिमलिंग अब दो तीन दिनों से अधिक टिक पाए। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प
 
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कुल 4,812 तीर्थयात्री 259 गाड़ियों के काफिले में बालटाल और पहलगाम के दो बेस कैंपों के लिए रवाना हुए। 2,041 तीर्थयात्री बालटाल रूट से यात्रा कर रहे हैं, जबकि 2,771 पहलगाम रूट से जा रहे हैं।
 
इस जत्थे में 3,434 पुरुष तीर्थयात्री, 966 महिला तीर्थयात्री, 11 बच्चे, 244 साधु और 157 साध्वियां शामिल हैं। काफिले में 95 बसें, 47 मीडियम मोटर वाहन (एमएमवी), 116 लाइट मोटर वाहन (एलएमपी) और एक दोपहिया वाहन शामिल है। ALSO READ: अमरनाथ यात्रा 2026: निकलने से पहले जरूर कर लें ये 5 जरूरी तैयारियां, तभी रहेगा सफर सुरक्षित
 
अधिकारियों ने बताया कि बालटाल जाने वाला काफिला सुबह 3:00 बजे भगवती नगर से रवाना हुआ, जबकि पहलगाम जाने वाला काफिला सुबह 3:24 बजे कई स्तरों वाली सुरक्षा व्यवस्था के बीच रवाना हुआ। 
इस बीच, शनिवार को तीर्थयात्रियों का दूसरा जत्था गांदरबल में बालटाल और पहलगाम में नुनवान स्थित दो बेस कैंपों से दक्षिण कश्मीर हिमालय में 3,880 मीटर ऊंचे पवित्र गुफा मंदिर की यात्रा के लिए निकला, जहां प्राकृतिक रूप से बना बर्फ का शिवलिंग मौजूद है।
 
दूसरे जत्थे में शामिल तीर्थयात्री करण सिंह ने कहा कि पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था ने श्रद्धालुओं का आत्मविश्वास बढ़ाया है। करण का कहना था कि इतनी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था देने के लिए हम प्रशासन के आभारी हैं। इससे हमें दर्शन के लिए अपनी यात्रा जारी रखने की प्रेरणा मिल रही है। उन्होंने यात्रा के सफल होने की उम्मीद भी जताई।
 
57 दिनों तक चलने वाली सालाना अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू हुई और 28 अगस्त (रक्षा बंधन) को समाप्त होगी।
edited by : Nrapendra Gupta
लेखक के बारे में
सुरेश एस डुग्गर
सुरेश डुग्गर वेबदुनिया के लिए जम्मू कश्मीर से समाचार संकलन के लिए अधिकृत हैं। वे तीन दशक से ज्यादा समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं।.... और पढ़ें