Air Marshal आशुतोष दीक्षित बने भारतीय वायु सेना के नए प्रमुख, 3500 घंटे से ज्यादा उड़ान का अनुभव
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को भारतीय वायु सेना का नया प्रमुख नियुक्त किया गया है। करीब चार दशक के अपने लंबे सैन्य करियर में उन्होंने कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों और अंतरराष्ट्रीय सैन्य अभ्यासों में सक्रिय भूमिका निभाई है। वह विभिन्न प्रकार के लड़ाकू और परिवहन विमानों को उड़ाने का व्यापक अनुभव रखते हैं।
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित के पास मिराज-2000, मिग के विभिन्न संस्करण, HPT-32, An-32, एवरो, किरण, जगुआर, IL-78, हॉक और LCA तेजस जैसे विमानों को उड़ाने का अनुभव है। वह एक्सपेरिमेंटल टेस्ट पायलट होने के साथ-साथ क्वालिफाइड फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर भी हैं। उनके नाम 3500 घंटे से अधिक की उड़ान का अनुभव है।
कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों और अभ्यासों में निभाई भूमिका
अपने सैन्य करियर के दौरान एयर मार्शल दीक्षित कई महत्वपूर्ण ऑपरेशनों और सैन्य अभ्यासों का हिस्सा रहे हैं। इनमें ऑपरेशन सफेद सागर, ऑपरेशन रक्षक, कोप-इंडिया और ऑपरेशन सिंदूर शामिल हैं। इन अभियानों के दौरान उन्हें परिचालन और विमानन से जुड़ी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने का अनुभव मिला।
6 दिसंबर 1986 को फाइटर स्ट्रीम में हुए थे शामिल
एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित को 6 दिसंबर 1986 को भारतीय वायु सेना की फाइटर स्ट्रीम में कमीशन किया गया था। लंबे सेवा करियर के दौरान उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों और जिम्मेदारियों को संभाला है।
वह नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA), डिफेंस स्टाफ सर्विस कॉलेज, बांग्लादेश और नेशनल डिफेंस कॉलेज (NDC) के पूर्व छात्र हैं।
स्वदेशी विमान परियोजनाओं पर रहा जोर
एयर मार्शल दीक्षित को भारतीय वायु सेना में स्वदेशी LCA तेजस और अन्य स्वदेशी विमान परियोजनाओं को आगे बढ़ाने से भी जोड़ा जाता है। उनके नेतृत्व में वायु सेना की स्वदेशी क्षमताओं और 'आत्मनिर्भर भारत' से जुड़ी रक्षा पहलों को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
उनके व्यापक उड़ान अनुभव, टेस्ट पायलट के रूप में विशेषज्ञता और विभिन्न अभियानों में भूमिका को देखते हुए भारतीय वायु सेना के नेतृत्व में उनका कार्यकाल महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

