Maharashtra में फिर बड़ा उलटफेर, महायुति में 'दरार', राज ठाकरे अब एकनाथ शिंदे के साथ, शिंदे की सेना और मनसे का गठबंधन
कल्याण-डोंबिवली में बड़ा उलटफेर, बीजेपी को रोकने के लिए शिंदे सेना और मनसे ने मिलाया हाथ
महाराष्ट्र की राजनीति में बुधवार को एक और बड़ा 'गुगली' दांव देखने को मिला। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के साथ हाथ मिला लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि शिंदे सेना ने अपनी पुरानी कड़वाहट को दरकिनार कर यह गठबंधन भाजपा को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में मेयर पद से दूर रखने के लिए किया है। हालांकि दोनों ठाकरे भाई (उद्धव और राज) ने यह चुनाव साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन अंत में मनसे ने शिंदे गुट को समर्थन देकर उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका दिया है।
क्या है सत्ता का गणित
भाजपा की बढ़त के बाद भी पिछड़ी 'महायुति' 122 सीटों वाली कल्याण-डोंबिवली नगर निगम में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 50 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इसे शिंदे का गढ़ माना जाता है, जहां शिंदे की शिवसेना को 53 सीटें मिलीं। मनसे के खाते में 5 सीटें आईं और उद्धव ठाकरे की सेना को 11 सीटों से संतोष करना पड़ा।केडीएमसी की सत्ता पर काबिज होने के लिए बहुमत का आंकड़ा 62 है।
महायुति में 'दरार' या रणनीतिक दांव
दिलचस्प बात यह है कि राज्य में एकनाथ शिंदे की शिवसेना और भाजपा 'महायुति' सरकार का हिस्सा हैं। इसके बावजूद, कल्याण-डोंबिवली में मेयर की कुर्सी के लिए दोनों दल आमने-सामने आ गए। शिंदे सेना ने अपनी सहयोगी भाजपा के बजाय मनसे का साथ चुनकर सबको हैरान कर दिया है।
शिंदे सेना का दबदबा बरकरार
मनसे के समर्थन के बाद अब शिवसेना (शिंदे गुट) के पास 58 पार्षदों का समर्थन हो गया है, जिससे नगर निगम में उनकी स्थिति बेहद मजबूत हो गई है। यह गठबंधन ऐसे समय में हुआ है जब मुंबई (BMC) के मेयर पद को लेकर सस्पेंस बरकरार है, जहाँ भाजपा-शिंदे गठबंधन ने ठाकरे परिवार के तीन दशक पुराने वर्चस्व को खत्म किया है। Edited by : Sudhir Sharma