सुगम सेवा बस का सबसे ज्यादा फायदा इंदौर को, 145 बसें चलेंगी, 15 हजार बसों का है लक्ष्य, जानिए क्या है बसों की खासियत
- मध्यप्रदेश में पीपीपी मॉडल पर होगा बसों का संचालन
- नई बस सेवा में एआईसीटीएसएल को भी किया गया है मर्ज
- इंदौर से चलेंगी 145 बसें, कुल 15 हजार बसें चलाने का लक्ष्य
- जानिए क्या है इन आधुनिक बसों की खासियत
पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन : बता दें कि इंदौर में एआईसीटीएसएल का पहले से आसपास के कई शहरों में नेटवर्क है। नई बस सेवा में एआईसीटीएसएल को मर्ज कर लिया गया है। इस कारण इंदौर में पहले से चल रही बसों की संख्या बढ़ गई है। नया मॉडल पीपीपी पर होगा।
बता दें कि जन-निजी भागीदारी को गति देने के लिए पारदर्शी अनुबंध प्रणाली और प्रोत्साहन योजनाएं लागू की जाएगी। इस मॉडल से निजी बस ऑपरेटरों को राजस्व रिसाव रोकने, नॉन-फेयर रेवेन्यू (जैसे विज्ञापन व कार्गो सेवाएं) बढ़ाने और आधुनिक डिपो व टर्मिनलों के उपयोग की सुविधाएं मिलेंगी साथ ही प्रशासन का पूर्ण सहयोग भी मिलेगा।
7 शहरों से 351 बसों से शुरुआत : पहले चरण में सबसे ज्यादा बसें इंदौर में 145 और भोपाल में 106 चलेंगी। जबलपुर में 67, रीवा में 18, देवास में 10, कटनी में 3 और भिंड में 2 बसें शुरू होंगी। इनमें शहर के भीतर चलने वाली इंट्रासिटी और शहरों को जोड़ने वाली इंटरसिटी बसें शामिल हैं। इंदौर में 50 इंटरसिटी और 95 इंट्रासिटी, जबकि भोपाल में 23 इंटरसिटी और 83 इंट्रासिटी बसें रहेंगी। जबलपुर में 14 इंटरसिटी और 53 इंट्रासिटी बसों का संचालन होगा। रीवा, देवास, कटनी और भिंड में फिलहाल इंटरसिटी सेवाएं शुरू की जा रही हैं।
क्या है सुगम सेवा बसों की खासियत : इस सेवा की खासियत सिर्फ बसों की संख्या नहीं, बल्कि इनमें इस्तेमाल होने वाली तकनीक भी है। बसों में सीसीटीवी कैमरे, पैनिक बटन और व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य खासतौर पर महिलाओं और बच्चों समेत सभी यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाना है। यात्रा के दौरान बस कहां पहुंची, इसकी जानकारी भी तकनीक के जरिये मिल सकेगी। बसों में पैसेंजर इनफॉरमेशन सिस्टम भी लगाया गया है, जिससे यात्रियों को यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी मिल सकेगी।

