भोपाल में रेंट पर गरबा पार्टनर मिलने पर विवाद, हिंदू संगठनों ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन
भोपाल। नवरात्रि के दौरान भोपाल में सोशल मीडिया पर चल रहे रेंट ए गरबा पार्टनर ट्रेंड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया पर गरबा खेलने के लिए पार्टनर उपलब्ध कराने के नाम पर एक हजार से लेकर साढ़े छह हजार रुपये तक के अलग-अलग पैकेज ऑफर किए जाने का दावा किया जा रहा है। इस मामले में श्री हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच ने आपत्ति जताते हुए पुलिस कमिश्नर को ज्ञापन सौंपा और संबंधित संस्था के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया पर रेंट ए गरबा पार्टनर के पोस्ट के मुताबिक अलग-अलग समय और सुविधाओं के आधार पर अलग-अलग पैकेज उपलब्ध है
सिल्वर पैकेज-1,000 रुपये में दो घंटे तक साथ रहने, मैचिंग कपड़े पहनने और गरबा के बेसिक स्टेप्स सिखाने की सुविधा देने का दावा है।
गोल्ड पैकेज- करीब 1,500 से 2,000 रुपये तक के इस पैकेज में चार घंटे साथ रहने, इंस्टाग्राम रील्स बनाने और तस्वीरें खिंचवाने जैसी सुविधाएं शामिल होने की बात कही जा रही है।
प्लैटिनम/डायमंड पैकेज- करीब 2,000 से 6,500 रुपये तक के इन पैकेज में पूरे दिन साथ रहने, बातचीत और अन्य व्यक्तिगत सुविधाएं देने का दावा किया जा रहा है।
पुलिस से शिकायत- श्री हिंदू उत्सव समिति एवं संस्कृति बचाओ मंच के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। तिवारी ने कहा कि गरबा मां की आराधना का पर्व है और इसकी धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं को दूषित करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के बाद चंद्रशेखर तिवारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बेटे-बेटियों को गरबा आयोजनों में भेजने से पहले पूरी जानकारी जुटाएं। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि बच्चे किसके साथ जा रहे हैं और संबंधित व्यक्ति या संस्था की विश्वसनीयता क्या है। संगठन के मुताबिक अनजान लोगों के माध्यम से गरबा पार्टनर उपलब्ध कराने की व्यवस्था में शामिल होने से युवा किसी परेशानी में पड़ सकते हैं। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच कर संबंधित संस्था के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की।

