आज दुनियाभर में मनाया जा रहा है वृद्ध दिवस? जानिए इसका इतिहास और उद्देश्य
International Day of Older Persons : विश्व वृद्ध दिवस (International Day of Older Persons) हर साल 1 अक्टूबर को दुनियाभर में मनाया जाता है। यह दिन बुजुर्गों के योगदान का सम्मान करने और बढ़ती उम्र के साथ उनके सामने आने वाली सामाजिक, शारीरिक और आर्थिक चुनौतियों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित है। विश्व वृद्ध दिवस का उद्देश्य वृद्धजनों के अधिकारों, गरिमा, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा को बढ़ावा देना है।
इतिहास और पृष्ठभूमि
वृद्ध आबादी के मुद्दों पर पहली बार वैश्विक स्तर पर ध्यान केंद्रित किया गया। 14 दिसंबर 1990 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने प्रस्ताव 45/106 पारित करके 1 अक्टूबर को इस दिवस के रूप में नामित किया। यह दिवस पहली बार 1 अक्टूबर 1991 को मनाया गया था।
हालांकि इसके पहले भी बुजुर्गों के प्रति चिंता व्यक्त करते हुए उनके लिए इस तरह की पहल की जा चुकी थी। सन् 1982 में विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा, 'वृद्धावस्था को सुखी बनाइए' का नारा देकर 'सबके लिए स्वास्थ्य' अभियान शुरू किया।
विश्व वृद्ध दिवस का उद्देश्य और महत्व
बुजुर्गों के अनुभव, ज्ञान और समाज के निर्माण में उनके बहुमूल्य योगदान को स्वीकार करना। वृद्धजनों के अधिकारों, गरिमा, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा को बढ़ावा देना। सामाजिक अकेलापन, स्वास्थ्य समस्याएं, आर्थिक असुरक्षा और डिजिटल विभाजन जैसे मुद्दों के प्रति समाज का ध्यान आकर्षित करना।
वैसे तो वरिष्ठजनों का सम्मान हर दिन, हर पल हमारे मन में होना चाहिए, लेकिन उनके प्रति मन में छुपे इस सम्मान को व्यक्त करने के लिए एवं बुजुर्गों के प्रति चिंतन की आवश्यकता के लिए औपचारिक तौर पर भी एक दिन निश्चित किया गया है।
भारत में प्रमुख पहल और योजनाएं
इस अवसर पर भारत सरकार का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय उत्कृष्ट सेवा करने वाले वरिष्ठ नागरिकों और संस्थानों को राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान करता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर जो जानकारी और सहायता प्रदान करता है।

