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वडोदरा में गणेशोत्सव पर पीएम मोदी की अपील का असर: पंडालों की संख्या बढ़कर 1,800 हुई, सुरक्षा और स्वच्छता पर जोर

PM Modi vadodara ganeshotsav
Vadodara Ganeshotsav 2026: गणेशोत्सव महाराष्ट्र का सबसे बड़ा त्योहार है, लेकिन गुजरात के वडोदरा में भी इसे बेहद धूमधाम से मनाया जाता है। 8 सितंबर को अपनी वडोदरा यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गणेशोत्सव का जिक्र किया था। पीएम मोदी द्वारा गणेशोत्सव की सराहना किए जाने के बाद, पंजीकृत गणेश पंडालों की संख्या बढ़कर 1,800 हो गई है। वडोदरा में गणेशोत्सव की शुरुआत का एक समृद्ध ऐतिहासिक संबंध भी है।
 

वडोदरा में ‘गणेशोत्सव’ पर पीएम मोदी का असर 

गुजरात दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा के "नमो 4 विकसित भारत" कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोगों से शहर को स्वच्छ रखने की अपील की थी। पीएम की इस अपील और वडोदरा के गणेशोत्सव की सराहना का सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है। पुलिस और प्रशासन ने पंडालों में स्वच्छता पर विशेष जोर दिया है, जबकि बड़े पंडालों को सीसीटीवी कैमरों और स्वयंसेवकों की मदद से अधिक सुरक्षित और सुसज्जित किया गया है।
 

पंडालों की संख्या बढ़कर 1800 हुई, पुलिस सुरक्षा मजबूत

वडोदरा शहर के पुलिस कमिश्नर नरसिम्हा कुमार के अनुसार, वर्ष 2025 में गणेशोत्सव पंडालों की संख्या 1,700 थी, जो बढ़कर इस वर्ष 1,800 पंजीकृत पंडालों तक पहुंच गई है। वडोदरा पुलिस ने सभी स्वीकृत पंडालों, गणेश आगमन और विसर्जन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। गायकवाड़ राजवंश की ऐतिहासिक भूमि पर महाराष्ट्रीयन समुदाय की बड़ी आबादी होने के कारण 'आशीर्वाद गणेश' जैसे कई प्राचीन और ऐतिहासिक पंडाल धूमधाम से यह उत्सव मना रहे हैं।
 

'प्रोजेक्ट विश्वास' और नेत्रम कमांड सेंटर से रखी जा रही नजर 

वडोदरा में गणेशोत्सव के समापन के बाद नवरात्रि में लक्ष्मी विलास पैलेस हेरिटेज गरबा, यूनाइटेड वे और वडोदरा नवरात्रि महोत्सव जैसे विशाल आयोजन होते हैं। त्योहारों के इस लंबे सीजन में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए वडोदरा पुलिस 'प्रोजेक्ट विश्वास' के तहत स्थापित नए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर 'नेत्रम' के जरिए पूरे शहर पर कड़ी नजर रख रही है।
 

सार्वजनिक गणेशोत्सव की 125वीं वर्षगांठ और ऐतिहासिक शुरुआत 

 
वडोदरा में सार्वजनिक गणेशोत्सव शुरू करने का श्रेय प्रसिद्ध पहलवान जुम्मा दादा को जाता है। लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक से प्रेरित होकर, उन्होंने वर्ष 1901 में तत्कालीन बड़ौदा राज्य में अपने अखाड़े (जुम्मा दादा व्यायाम मंदिर) से गणपति स्थापना की शुरुआत की थी। चालू वर्ष वडोदरा सार्वजनिक गणेशोत्सव का 125वां ऐतिहासिक वर्षगांठ वर्ष है।
 

तिलक, महाराजा सयाजीराव और राजमहल की भव्य परंपरा 

लोकमान्य तिलक अक्सर वडोदरा आकर बड़ौदा के महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय से मिलते थे। युवाओं में देशभक्ति, भाईचारा और सामाजिक एकता जगाने के उद्देश्य से जुम्मा दादा ने पहली मिट्टी की मूर्ति स्थापित की थी। इसके अलावा, वडोदरा के लक्ष्मी विलास पैलेस में भी गणेश चतुर्थी की एक भव्य परंपरा रही है, जिसके तहत महारानी राधिकाराजे गायकवाड़ ने भी बाप्पा के साथ अपनी तस्वीर साझा कर इस परंपरा को उजागर किया था।
 

सांसद की "एक पंडाल, एक प्रोजेक्ट" प्रतिस्पर्धी पहल

 वडोदरा के सांसद और भाजपा युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. हेमांग जोशी ने गणेशोत्सव में सामाजिक उत्साह भरने के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडालों हेतु एक पुरस्कार प्रतियोगिता शुरू की है, जिसमें "एक पंडाल, एक प्रोजेक्ट" की अनिवार्यता जोड़ी गई है। एम.एस. यूनिवर्सिटी के लेक्चरर डॉ. चिरायु पंडित के अनुसार, गणेशोत्सव वडोदरा की संस्कृति का अभिन्न अंग है और इस नई पहल से पंडाल समाज सेवा एवं अच्छे कार्य करने के लिए प्रेरित होंगे।
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