गुजरात में 24 घंटे खुली रहेंगी दुकानें और बिजनेस: 'गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026' पास
गुजरात विधानसभा में 'Gujarat Ease of Doing Business Bill 2026' बहुमत से पास होने के बाद अब राज्य भर में दुकानें, मॉल, रेस्टोरेंट, होटल, कैफे, गैरेज और शोरूम 24 घंटे खुले रखे जा सकेंगे। इसके लिए 'गुजरात दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम' (गुमास्ता धारा) से जुड़े कानून में विधानसभा के मानसून सत्र के अंतिम दिन महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। नए प्रावधान के अनुसार, स्थानीय प्राधिकरण या पुलिस अब केवल समय या काम के घंटों के आधार पर व्यवसायों को बंद नहीं करा सकेगी।
समय-सीमा के पुराने नियमों में बदलाव
वर्तमान व्यवस्था में कमर्शियल प्रतिष्ठानों के समय पर कड़े प्रतिबंध थे, जिनमें केवल अस्पतालों, नेशनल हाईवे, रेलवे स्टेशन, पेट्रोल पंप और बस स्टेशन जैसे कुछ ही क्षेत्रों को छूट दी गई थी। सामान्य तौर पर नगर पालिका और राज्य राजमार्ग क्षेत्रों में रात 2 बजे से सुबह 6 बजे तक और अन्य क्षेत्रों में रात 11 बजे से सुबह 6 बजे तक दुकानें बंद रखनी पड़ती थीं। नए बदलावों से समय से जुड़ी ये सभी पाबंदियां हटा दी गई हैं।
कर्मचारियों के अधिकारों और सुरक्षा की रक्षा
व्यवसायों को 24/7 खुला रखने की अनुमति का अर्थ यह नहीं है कि कर्मचारियों से लगातार काम लिया जा सकता है। प्रतिष्ठानों को स्वच्छता, ट्रैफिक प्रबंधन और सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। इसके साथ ही कर्मचारियों के काम के तय घंटे, आराम का समय, छुट्टियां, काम की उचित स्थितियां और सुरक्षा से संबंधित मौजूदा सभी कानूनी नियम लागू रहेंगे।
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और प्रक्रियाओं का सरलीकरण
गुजरात के उद्योग राज्य मंत्री डॉ. जयराम गामित के अनुसार, इस बिल का मुख्य उद्देश्य राज्य में नियामक (रेगुलेटरी) प्रक्रियाओं को सरल, तेज, पारदर्शी और उद्योग-अनुकूल बनाना है। इस कानून के जरिए उद्योगों और नागरिकों पर अनावश्यक बोझ कम होगा। इसके साथ ही स्व-घोषणा (Self-declaration), स्व-प्रमाणीकरण (Self-certification) और तकनीक-आधारित शासन को बढ़ावा दिया जाएगा।
कानूनी सुधार और विश्वास-आधारित शासन
नया कानून कम जोखिम वाली गतिविधियों के लिए जरूरी पूर्व-मंजूरियों और आमने-सामने की बातचीत (Physical interactions) को कम करके विश्वास-आधारित शासन प्रणाली की ओर बढ़ने का प्रयास करता है। इस संशोधन विधेयक के तहत पांच अलग-अलग राज्य कानूनों में 12 कानूनी संशोधनों को एक ही ढांचे के तहत लाया गया है, जिससे कानूनी प्रक्रिया सरल होगी और समय की बचत होगी।
मुख्य कानूनी सुधारों का विवरण
इस बिल के तहत दो प्रमुख कानूनों में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पहला, 'गुजरात अग्नि रोकथाम और जीवन सुरक्षा उपाय अधिनियम, 2013' के तहत फायर सेफ्टी मानकों को इमारत के प्रकार और स्थानीय स्थितियों के अनुसार जोखिम-आधारित बनाकर अनुपालन लागत (Compliance Cost) को कम किया जाएगा। दूसरा, 'गुजरात दुकानें और प्रतिष्ठान अधिनियम, 2019' के तहत सेल्फ-डिक्लेरेशन से रजिस्ट्रेशन को आसान बनाकर 24/7 संचालन के साथ-साथ श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की जाएगी।

