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गुजरात विधानसभा में अत्याधुनिक पोर्टेबल अस्पताल 'BHISHM Cube-R300' की प्रदर्शनी, महज 12 मिनट में होता है तैयार

BHISM Cube R 300
गुजरात विधानसभा परिसर में अत्याधुनिक पोर्टेबल इमरजेंसी मेडिकल अस्पताल 'BHISHM Cube-R300' की विशेष प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया है। यह पोर्टेबल यूनिट 12 मिनट में तैनात होकर 300 मरीजों का इलाज करने में सक्षम है। ALSO READ: भूपेंद्र पटेल सरकार का बड़ा फैसला: मूंगफली, मूंग, उड़द और सोयाबीन की MSP पर खरीद के लिए पंजीकरण
 
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात विधानसभा परिसर में ‘BHISHM Cube-R300’ की विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। भारत सरकार के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) के मार्गदर्शन में ‘आरोग्य मैत्री पहल’ के तहत यह अत्याधुनिक यूनिट तैयार की गई है, जो आपदा के समय चिकित्सा सेवाओं में क्रांति लाएगी।

महानुभावों की उपस्थिति और डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन

इस भव्य अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया सहित मंत्रिमंडल के सदस्य एवं विधायक विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी महानुभावों ने इस दो दिवसीय प्रदर्शनी के तहत ‘भीष्म क्यूब’ की कार्यप्रणाली को दर्शाने वाली विशेष डॉक्यूमेंट्री फिल्म भी देखी।
 

12 मिनट में तैनाती और 300 मरीजों के इलाज की क्षमता

स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने बताया कि इस पोर्टेबल अस्पताल को महज 12 मिनट से भी कम समय में किसी भी स्थान पर कार्यान्वित किया जा सकता है। इस सिंगल यूनिट द्वारा एक साथ लगभग 300 घायलों को आपातकालीन उपचार दिया जा सकता है। पूरी प्रणाली 72 मॉड्यूलर मिनी-क्यूब्स में विभाजित है, जिसमें प्रत्येक क्यूब का वजन 20 किलोग्राम से कम होने के कारण इसे लाना-ले जाना बेहद आसान है।
 

पूर्णतः अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और परिवहन क्षमता

इस अस्पताल में वेंटिलेटर, मल्टी-पैरामीटर मॉनिटर, मिनी-लैब, सर्जिकल उपकरण और ऑक्सीजन आपूर्ति सहित लगभग 400 चिकित्सा सामग्रियां उपलब्ध हैं। जमीन, हवाई या समुद्री मार्ग से कहीं भी भेजी जा सकने वाली यह प्रणाली स्वयं की बिजली उत्पादन क्षमता रखती है और दुर्गम क्षेत्रों में इसे विमान या हेलीकॉप्टर के माध्यम से एयरड्रॉप भी किया जा सकता है।
 

गुजरात के लिए महत्व और वैश्विक स्तर पर मानवीय सहायता

आपदा के जोखिमों और लंबे समुद्री तट वाले गुजरात के लिए इस अस्पताल की तैनाती राज्य की राहत एवं बचाव क्षमता को कई गुना बढ़ा देगी। इससे पहले भारत सरकार द्वारा इन क्यूब्स को यूक्रेन, मालदीव, जमैका और श्रीलंका जैसे देशों में मानवीय सहायता के रूप में भेजा जा चुका है। इस उद्घाटन समारोह में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, GSDMA, SDRF के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्र उपस्थित रहे।
 
हमारे राज्य में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक मजबूत और त्वरित बनाने वाली इस अत्याधुनिक पोर्टेबल अस्पताल की पहल वास्तव में सराहनीय है। चिकित्सा क्षेत्र में तकनीक का यह समन्वय कठिन समय में कई नागरिकों की अमूल्य जान बचाने में मददगार साबित होगा।
 
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