सौराष्ट्र में भारी बारिश, लंबे अंतराल के बाद बारिश से फसलों को मिला नया जीवन
सौराष्ट्र में लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर सामने आई है। अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, मोरबी और जामनगर समेत कई इलाकों में बारिश ने जोरदार दस्तक दी है। करीब एक महीने के लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश से सूख रही फसलों में फिर से जान आ गई है और किसानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है।
लंबे अंतराल के बाद सौराष्ट्र में बारिश की वापसी
अगस्त और सितंबर की शुरुआत में बारिश नहीं होने के कारण सौराष्ट्र के कई इलाकों में चिंता का माहौल बन गया था। बारिश की कमी से खेतों की मिट्टी में नमी कम होने लगी थी और कुओं तथा बोरवेल के जलस्तर पर भी इसका असर दिखाई दे रहा था। किसानों को कपास, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों के खराब होने की चिंता सताने लगी थी।
हालांकि, रविवार रात से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिला। इसके बाद सौराष्ट्र के अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर शुरू हो गया। बारिश के साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को पिछले कुछ दिनों से जारी गर्मी और उमस से राहत मिली है।
कपास और मूंगफली समेत फसलों के लिए बारिश बनी वरदान
बुवाई के बाद बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए यह बारिश बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कपास, मूंगफली, सोयाबीन और तिल जैसी फसलों को इस समय पानी की जरूरत थी। लंबे अंतराल के बाद हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है और सूख रही फसलों को नया जीवन मिलने की उम्मीद जगी है।
किसानों के मुताबिक, अगर आने वाले दिनों में भी जरूरत के अनुसार बारिश जारी रहती है तो फसलों को काफी फायदा हो सकता है।
अमरेली के राजुला में मूसलाधार बारिश
अमरेली जिले के राजुला शहर में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हुई। मूसलाधार बारिश के कारण शहर की कई प्रमुख सड़कों पर पानी भर गया। कुछ स्थानों पर सड़कों पर नदी की तरह पानी बहता नजर आया।
राजुला के अलावा आसपास के ग्रामीण इलाकों में भी बारिश हुई। धीमी गति से हुई बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे सौराष्ट्र के किसानों के लिए मेघराज की यह वापसी उम्मीद की नई किरण लेकर आई है। अब किसानों की नजर आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति पर टिकी हुई है।

