Contaminated water diseases: हमारे शरीर में पानी करीब 70% है और हमारे देश में लगभग 70% पानी पीने लायक नहीं है, दूषित है। आयुर्वेद के अनुसार सबसे अच्छा पानी बारिश का होता है। उसके बाद ग्लेशियर से निकलने वाली नदियों का, फिर तालाब का पानी, फिर बोरिंग का और पांचवां पानी कुएं या कुंडी का। यदि पानी खराब लगे तो उबालकर और छानकर पीएं। दूषित पानी पीने से होती हैं 11 तरह की बीमारियां।
दूषित जल से होने वाली 11 प्रमुख बीमारियां:
1. हैजा (Cholera): यह जीवाणु (bacteria) के कारण होता है, जिससे गंभीर दस्त और उल्टी होती है, और यह जानलेवा हो सकता है।
2. टाइफाइड (Typhoid): यह भी बैक्टीरिया से होता है और तेज बुखार, पेट दर्द और कमजोरी का कारण बनता है।
3. डायरिया (Diarrhea): बार-बार पतला मल आना, पेट में ऐंठन और डिहाइड्रेशन होना इसके मुख्य लक्षण हैं।
4. पेचिश (Dysentery): इसमें खून और बलगम के साथ दस्त आते हैं, जो बैक्टीरिया (जैसे शिगेला) के कारण होता है।
5. हेपेटाइटिस ए और ई (Hepatitis A anr E): यह वायरस से फैलने वाला संक्रमण है, जिससे पीलिया, लिवर में सूजन, थकान और पेट दर्द होता है।
6. पोलियो (Polio): यह वायरस जनित रोग है, जो दूषित पानी से फैल सकता है और लकवा का कारण बन सकता है।
7. एमीबियासिस (Amebiasis): यह परजीवी (parasite) के कारण होता है, जिससे पेट दर्द और दस्त लगते हैं।
8. गैस्ट्रोएन्टेराइटिस (Gastroenteritis): इसे सामान्य हिंदी भाषा में आंत्रशोथ कहते हैं। आम बोलचाल की भाषा में इसे "पेट का संक्रमण", "जठरांत्र शोथ" और "पेट का फ्लू" (Stomach Flu) भी कह देते हैं। नोरोवायरस या रोटावायरस बैक्टीरिया के कारण होता है यह जो दूषित पानी में पाया जाता है।
9. जियार्डियासिस (Giardiasis): यह जियार्डिया नामक सूक्ष्म परजीवी से फैलता है। इसके लक्षणों में पेट फूलना, गैस, मतली और चिकना/बदबूदार दस्त होना शामिल है।
10. कृमि संक्रमण (Worm Infections): गंदे पानी में कृमियों (जैसे राउंडवॉर्म या गिनी वर्म) के अंडे हो सकते हैं। ये पेट में जाकर बढ़ते हैं, जिससे कुपोषण, खून की कमी (Anemia) और पेट दर्द जैसी समस्याएँ होती हैं।
11. ई. कोलाई संक्रमण (E. coli Infection): यह बैक्टीरिया आंतों में गंभीर संक्रमण पैदा करता है। इससे पेट में तेज़ ऐंठन और खूनी दस्त की समस्या हो सकती है।
दूषित पानी पीने के बाद के सामान्य लक्षण (Symptoms):
दस्त और उल्टी, तेज बुखार और थकान, पेट दर्द और ऐंठन, मुंह सूखना और पेशाब कम आना (डिहाइड्रेशन), आंखें और त्वचा पीली पड़ना (पीलिया)। इसके चलते किडनी और लिवर के गंभीर रोग भी हो सकते हैं।
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