87 तारीखें, 12 गवाह, फांसी की सजा सुन रो पड़ी पति की कातिल रविता, सर्पदंश का नाटक कर छिपाने की थी साजिश
पति की हत्या कर उसे सांप के काटने से हुई मौत बताने की साजिश रचने के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जयवीर नागर की अदालत ने अमित कश्यप हत्याकांड में दोषी पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस वारदात को जघन्य अपराध मानते हुए कहा कि प्रेम संबंधों के चलते पति की हत्या करना सामाजिक और पारिवारिक मर्यादाओं का गंभीर उल्लंघन है।
अदालत ने अपने फैसले में भारतीय पारिवारिक परंपराओं और नैतिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि पति-पत्नी का रिश्ता विश्वास और जिम्मेदारी पर आधारित होता है। इसके बावजूद रविता ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जान ले ली। अदालत ने सावित्री और यमराज के प्रसंग का जिक्र करते हुए कहा कि जहां सावित्री अपने पति के प्राण वापस लाने के लिए यमराज से संघर्ष करती हैं, वहीं इस मामले में पत्नी ने ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति की जान ले ली। अदालत ने इसे रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करने वाला कृत्य माना।
फांसी की सजा सुनते ही रो पड़ी रविता
मेरठ जिला कारागार के जेल सुपरीटेंडेंट ने बताया कि फांसी की सजा सुनते ही रविता रो पड़ी। अमरदीप भी भावुक हो गया। रविता को अपने तीन बच्चों की चिंता थी कि उनका क्या होगा। कड़ी सुरक्षा में वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से दोनों से सजा सुनी, फिर उनको बैरक में वापस भेज दिया।
गला दबाकर हत्या, फिर रची सांप के काटने की कहानी
अभियोजन पक्ष के मुताबिक, 12 और 13 अप्रैल 2025 की दरमियानी रात मेरठ जिले के बहसूमा थाना क्षेत्र के अकबर सादातपुर गांव में अमित कश्यप की हत्या कर दी गई थी। आरोप था कि पत्नी रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर अमित का गला दबाया और हत्या के बाद वारदात को प्राकृतिक मौत दिखाने के लिए शव के नीचे घोड़ापछाड़ सांप रख दिया। इसके जरिए परिवार को यह विश्वास दिलाने की कोशिश की गई कि अमित की मौत सर्पदंश से हुई है।
हालांकि, घटनाक्रम को लेकर परिवार के मन में शुरू से ही संदेह था। शव का पोस्टमार्टम कराने की तैयारी के दौरान रविता की ओर से विरोध किए जाने की बात भी सामने आई। परिजनों का शक गहराने पर पुलिस ने मामले की जांच आगे बढ़ाई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित की मौत गला दबाने के कारण होने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को गिरफ्तार कर लिया।
87 तारीखों के बाद आया फैसला
इस हत्याकांड की सुनवाई के दौरान अदालत में कुल 87 तारीखें पड़ीं और 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने पहले दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और अब उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई है। दोनों आरोपी करीब 17 महीने से चौधरी चरण सिंह जिला कारागार में बंद हैं।
अदालत ने माना कि हत्या के बाद साक्ष्यों और परिस्थितियों को दूसरी दिशा देने के लिए सर्पदंश की कहानी तैयार करना मामले की गंभीरता को और बढ़ाता है। फैसले के बाद अमित के परिजनों ने संतोष जताया। अमित की मां मुनेश ने कहा कि अदालत के निर्णय से उन्हें सुकून मिला है और उनके बेटे की आत्मा को अब शांति मिलेगी।
तीन बच्चों के भविष्य की चिंता, डीएम को निर्देश
इस मामले में रविता के तीन बच्चे भी हैं। अदालत ने उनके पालन-पोषण और भविष्य को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी को आवश्यक व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। फैसले के साथ ही बच्चों की देखभाल और उनके जीवनयापन का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।
मेरठ में दो दिनों में चार दोषियों को मृत्युदंड
मेरठ की अदालतों के हालिया फैसलों के कारण दो दिनों के भीतर चार दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने की चर्चा भी तेज है। 14 अक्टूबर को मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड सुनाया गया था। इसके बाद 16 अक्टूबर को रविता और अमरदीप को भी फांसी की सजा सुनाई गई। दोनों मामलों में पति की हत्या के पीछे प्रेम संबंधों को वजह बताया गया।
लगातार सामने आए इन फैसलों ने वैवाहिक रिश्तों में विश्वासघात और प्रेम संबंधों के चलते की गई हत्याओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अमित कश्यप हत्याकांड में अदालत का फैसला पीड़ित परिवार के लिए न्याय की दिशा में अहम पड़ाव है। हालांकि, मृत्युदंड के फैसले के बाद आगे की न्यायिक प्रक्रिया और अपील की स्थिति भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगी।

