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Last Modified: मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 (16:46 IST)

कब से कब तक रहेगा खप्पर योग, क्या सावधानी रखें इस दौरान?

kya savdhani rakhni chahiye
Khappar Yoga 2026: पिछले साल यानी वर्ष 2025 में 15 मार्च से 11 जून और इसके बाद 11 जुलाई से लेकर 7 अक्टूबर तक खप्पर योग बना था। सभी ने देखा है कि इसी दौरान ईरान-इजराल का युद्ध और फिर भारत-पाकिस्तान का युद्ध हुआ था। इस वर्ष भी ऐसा ही योग 1 मई से 29 जून के बीच बन रहा है। इसी दौरान अधिकमास भी रहेगा और अन्य कई अशुभ योगों का निर्माण भी होगा।
 
  1. अशुभ ग्रहों का जमावड़ा: जब शनि, मंगल और राहु जैसे क्रूर ग्रह एक ही राशि (वर्तमान में मीन) में आकर नकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं।
  2. तिथियों का घातक संयोग: जब एक ही महीने में 5 मंगलवार, शनिवार या रविवार पड़ें। मई-जून 2026 में यह दुर्लभ संयोग बन रहा है।
  3. अमावस्या पर संक्रांति: 15 जून 2026 को सोमवती अमावस्या के साथ मिथुन संक्रांति का मिलना 'खप्पर योग' को पूर्ण और विनाशकारी बनाता है।

खप्पर योग 2026 की अवधि

ज्योतिषीय गणना के अनुसार, साल 2026 में ग्रहों का यह खतरनाक मेल मुख्य रूप से मई से जुलाई के बीच सबसे प्रभावी रहेगा। 
प्रारंभ: मई 2026 के दूसरे सप्ताह से (जब मंगल और शनि का आपसी संबंध बनेगा)।
चरम प्रभाव: ज्येष्ठ अधिकमास के दौरान (17 मई से 15 जून 2026)।
समाप्ति: जुलाई 2026 के मध्य तक, जब ग्रहों की स्थिति बदलेगी।
 

इस दौरान क्या सावधानियां रखें?

1. महत्वपूर्ण निर्णय टालें:

इस समय में कोई भी बड़ा वित्तीय निवेश, नया व्यापार शुरू करना या प्रॉपर्टी की डील करने से बचें। भ्रम की स्थिति के कारण गलत फैसले हो सकते हैं।
 

2. वाणी पर नियंत्रण (सबसे जरूरी):

यह योग झगड़े और क्लेश को बढ़ावा देता है। खासकर परिवार और कार्यक्षेत्र में बेवजह की बहस से बचें। आपकी एक छोटी सी बात बड़ा विवाद बन सकती है।
 

3. वाहन चलाने में सावधानी:

खप्पर योग में दुर्घटनाओं (Accidents) का खतरा बढ़ जाता है। लंबी यात्राओं और रात के समय ड्राइविंग में बहुत सतर्क रहें।
 

4. स्वास्थ्य का ध्यान:

मानसिक तनाव और अनिद्रा की समस्या हो सकती है। योग और मेडिटेशन का सहारा लें। इस दौरान खान-पान सात्विक रखें क्योंकि पेट और रक्त से संबंधित विकार परेशान कर सकते हैं।
 

5. जोखिम भरे कार्यों से दूरी:

किसी भी प्रकार के सट्टे, जुए या रिस्की ट्रेडिंग (Share Market) से दूर रहें, क्योंकि यहाँ 'अचानक धन हानि' का योग प्रबल होता है।
The image features the Zodiac and the Sun; the caption reads:

बचाव के सरल उपाय

हनुमान जी की पूजा: इस पूरे समय में प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ कवच की तरह काम करेगा।
शनिवार का दान: काले तिल, उड़द की दाल या लोहे की वस्तु का दान करना कष्टों को कम करता है।
मंत्र शक्ति: 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप नकारात्मकता को घर में प्रवेश नहीं करने देता।
 
विशेष: चूंकि 2026 में ज्येष्ठ अधिकमास और खप्पर योग एक साथ पड़ रहे हैं, इसलिए यह समय आत्म-चिंतन और भक्ति के लिए तो अच्छा है, लेकिन भौतिक और सांसारिक विस्तार के लिए बहुत जोखिम भरा है।
 
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वेबदुनिया धर्म-ज्योतिष टीम
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