1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. उत्तर प्रदेश
  4. up-election-survey-yogi-adityanath-impact-bjp-majority-sp-behind

UP Election 2027 Survey: यूपी में योगी का जादू कायम! सर्वे में BJP को भारी बहुमत, जानिए क्यों अखिलेश के लिए ये बड़े खतरे की घंटी है?

UP Election Survey
UP Election 2027 Survey: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले आए एक ओपिनियन पोल ने राज्य के सियासी पारे को चढ़ा दिया है। लगभग साढ़े नौ वर्षों से सत्ता संभाल रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रशासनिक 'हैंडल' और 'बुलडोजर मॉडल' जनता के बीच अपना लोहा मनवाता दिख रहा है।
 
एंटी-इन्कम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) की तमाम अटकलों को खारिज करते हुए 'न्यूज लीडर और मैटराइज' के ताजा सर्वे में भाजपा गठबंधन को 267 सीटों के साथ प्रचंड बहुमत का अनुमान जताया गया है। यह आंकड़े साफ इशारा कर रहे हैं कि 'ब्रांड योगी' का जादू यूपी में आज भी अटूट बना हुआ है। 

योगी के चेहरे पर बंपर जनादेश

इस सर्वे में राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों का मिजाज टटोला गया। इस सर्वे के मुताबिक अकेले BJP को 246 सीटें मिल सकती हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में एनडीए (NDA) गठबंधन पूर्ण बहुमत का आंकड़ा (202 सीटें) बेहद आसानी से पार कर रहा है। भाजपा के अलावा उसके सहयोगी दल अपना दल (एस) को 9, निषाद पार्टी को 4, आरएलडी (RLD) को 3 और सुभासपा को 1 सीट मिलने का अनुमान है।
 
सर्वे के मुताबिक एनडीए का आंकड़ा 267 सीटों तक पहुंच सकता है। जहां तक वोट शेयर का सवाल है, एनडीए को 44 फीसदी वोट मिल सकते हैं। कानून-व्यवस्था, अपराध पर कड़ा रुख और ढांचागत विकास जैसी योगी सरकार की प्राथमिकताओं का सीधा असर इस जनमत में दिखाई दे रहा है।

132 सीटों पर सिमट सकता है विपक्षी गठबंधन 

मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस गठबंधन 132 सीटों पर ही रुकता नजर आ रहा है। इसमें अकेले सपा को 125 और कांग्रेस को महज 7 सीटें दी गई हैं। यदि यह सर्वे चुनाव परिणामों में बदलता है, तो अखिलेश यादव के लिए यह तीसरा बड़ा झटका होगा और सपा को लगातार 10 साल से अधिक समय तक सत्ता से बाहर रहना पड़ेगा।
 
दरअसल, गठबंधन के भीतर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और सपा सांसद इकरा हसन के बीच जारी जुबानी जंग ने भी विपक्ष की एकजुटता पर सवाल खड़े किए हैं, जिसका सीधा फायदा भाजपा के पाले में जाता दिख रहा है। दोनों गठबंधनों के बीच वोट शेयर में 6 फीसदी का अंतर दिखाई दे रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो यूपी जैसे बड़े राज्य में 6 प्रतिशत का वोट शेयर अंतर चुनाव का रुख तय कर देता है। इस सर्वे के मुताबिक भाजपा गठबंधन को 44%, सपा गठबंधन: 38% और बसपा को महज 0.8 फीसदी वोट मिल सकते हैं। 
 
आगामी चुनाव में सबसे बुरी हालत बसपा की हो सकती है। किसी समय यूपी की सत्ता में रही बसपा को महज 2 सीटों से संतोष करना पड़ सकता है। अन्य दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में 10 फीसदी वोट एवं 2 सीटें जा सकती हैं। जानकारों की मानें तो मायावती की बसपा का लगभग सफाया होना और उसके पारंपरिक वोट बैंक का बिखराव भी भाजपा की बढ़त को और मजबूत बना रहा है। 

क्या हुआ था 2017 और 2022 में?

2017 में बीजेपी को 312 सीटें और 39.7 प्रतिशत वोट मिले थे, जबकि 2022 में 255 सीटें और 41.3 फीसदी वोट मिले थे। मौजूदा सर्वे में भाजपा का वोट शेयर बढ़कर 44 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि दो कार्यकाल पूरे करने के बावजूद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यक्तिगत लोकप्रियता और शासन मॉडल के प्रति जनता का विश्वास लगातार गहरा हुआ है। हालांकि समाजवादी पार्टी का वोट शेयर भी बढ़ सकता है, लेकिन वह लगातार तीसरी बार सत्ता से बाहर रह सकती है। 
अगला लेख
AI के दुरुपयोग से जा सकती है 1 अरब लोगों की जान, बिल गेट्स की चेतावनी से टेक दुनिया में मचा हड़कंप