रूसी सैन्यबलों ने बीती रात यूक्रेन के 3 शहरों पर ड्रोन व मिसाइल हमले किए हैं, जिनमें अनेक आम नागरिक मारे गए हैं, बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं और घरों, अस्पतालों व दुकानों को क्षति पहुंची है। संयुक्त राष्ट्र मानवतावादी कार्यालय (OCHA) ने क्षोभ व्यक्त किया है कि आम नागरिक इस युद्ध की एक विशाल क़ीमत चुका रहे हैं।
यूक्रेन में मानवाधिकार मामलों की निगरानी के लिए यूएन मिशन (HRMMU) ने यूक्रेनी वायुसेना के हवाले से बताया कि 1-2 जून की रात को किए इन हमलों में लम्बी दूरी तक मार करने वाले 656 ड्रोन व मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इनमें से अनेक हथियारों को बीच में ही मार गिराया गया था, लेकिन 30 बैलेस्टिक मिसाइल, 3 क्रूज़ मिसाइल और 33 लम्बी दूरी के ड्रोन से 38 स्थानों पर जानमाल की हानि हुई है।
HRMMU प्रमुख डैनियल बैल के अनुसार, आम लोगों ने अपनी सुरक्षा के लिए क़दम उठाए और सुरक्षित स्थलों में शरण ले ली थी, मगर फिर भी कम से कम 22 आम लोग मारे गए हैं और 145 घायल हुए हैं, जिनमें बच्चे भी हैं। यूक्रेन में मानवीय सहायता मामलों में समन्वय के लिए यूएन कार्यालय के प्रमुख माथियास श्माले ने कीव, ड्निप्रो और ख़ारकीव को निशाना बनाकर किए गए हमलों की निंदा की है। पिछले कुछ हफ़्तों में यह तीसरी बार है जब ये शहर हवाई हमलों से दहल उठे हैं।
सायरन, धमाकों के साए में जीवन
गर्मियों में स्कूली अवकाश शुरू होने का आनंद उठाने के बजाय, बच्चे और उनके परिवारों ने पिछली रात भूमिगत आश्रय स्थलों में बिताई। वे हवाई हमले के सायरन, धमाकों और अनिश्चितता की वजह से नींद से जाग उठे थे। कीव और ड्निप्रो सबसे अधिक प्रभावित शहरों में बताए गए हैं, लेकिन सूमी, चेरनिहीव, कीव, पोलतावा और ख़ारकीव क्षेत्रों में भी विस्फोट सुनाई देने की ख़बरें हैं।
रूसी एजेंसियों ने अपने एक वक्तव्य में बताया है कि उसके नियंत्रण वाले लुहान्स्क क्षेत्र के स्टारोब्लिस्क में पिछले सप्ताह, यूक्रेन द्वारा किए गए हमलों के जवाब में ये हमले किए गए हैं। स्टारोब्लिस्क के एक हॉस्टल में हुए हमलों में 21 आम नागरिक मारे गए थे।
मानवाधिकार निगरानी मिशन, HRMMU ने कहा कि इससे पहले कीव पर भी हमले हुए थे और रूसी प्रशासन ने राजधानी को निरन्तर, व्यवस्थित ढंग से निशाना बनाने की चेतावनी जारी की थी। यूएन मिशन ने कीव और ड्निप्रो में घटनास्थलों का दौरा किया है, जहां बचाव अभियान जारी है और लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है।
डैनियल बैल ने कहा कि लोगों का हताहत होना, और नागरिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुंचाना दर्शाता है कि रिहायशी इलाक़ों में विस्फोटक हथियारों का इस्तेमाल करने की कितनी बड़ी मानव क़ीमत चुकानी पड़ सकती है।
निरर्थक तबाही
HRMMU ने बताया कि राजधानी कीव में एक आपात राहतकर्मी की भी जान गई है और यह चिन्ताजनक है कि हमलों के बाद आम लोगों तक मदद पहुंचा रहे सहायताकर्मियों को भी जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (UNICEF) ने ड्निप्रो में 3 वर्ष के एक बच्चे के मारे जाने पर गहरा दुख प्रकट किया है। यूक्रेन के विभिन्न हिस्सों में कुल 10 बच्चों के घायल होने की जानकारी है।
यूएन मानवतावादी समन्वयक माथियास श्माले ने कहा कि यूक्रेन युद्ध, आम नागरिकों और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भीषण बोझ की वजह है। उन्हें कोई राहत नहीं है, भय व बेचैनी बरक़रार है और हर समय अगले हमले की आशंका बनी रहती है। उन्होंने अन्तरराष्ट्रीय क़ानून को बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया और ध्यान दिलाया की आम नागरिकों और घरों व अस्पतालों समेत बुनियादी प्रतिष्ठानों की रक्षा की जानी होगी।
रूसी महासंघ की भड़काऊ बयानबाज़ी और हमलों में आई तेज़ी को रोका जाना होगा, ताकि न्यायसंगत शान्ति के लिए मार्ग प्रशस्त हो सके। यूएन मानवाधिकार निगरानी मिशन के अनुसार, लम्बी दूरी तक मार करने वाले ड्रोन व मिसाइलों का इस्तेमाल बढ़ रहा है और इसके साथ ही हताहत होने वाले यूक्रेनी नागरिकों की संख्या भी। इस वर्ष अब तक 2025 में इसी अवधि की तुलना में 20 फ़ीसदी अधिक लोग हताहत हुए हैं।