1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. राष्ट्रीय
  4. New Report on Heat by UN's World Meteorological Organization
Last Modified: नई दिल्ली , गुरुवार, 28 मई 2026 (20:29 IST)

गर्मी को लेकर UN ने दी चेतावनी, अगले 5 साल और भी होंगे गर्म, टूटेंगे तापमान के रिकॉर्ड

New Report on Heat by UN's World Meteorological Organization
UN Warning Regarding Heat : संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक नई रिपोर्ट ने दुनिया को फिर से चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले 5 साल (2026 से 2030) में पृथ्वी का तापमान और भी तेजी से बढ़ेगा। WMO ने अगले 5 साल तक की चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यूरोप, भारत और अन्य जगहों पर कोयला, तेल और गैस जलाने से धरती का और ज्यादा गर्म होना, बाढ़, सूखा और लू जैसी भीषण मौसमी घटनाओं में बढ़ोतरी का संकेत है। इस वैश्विक संकट का असर साफ तौर पर भारत में दिख रहा है।
 

भीषण मौसमी घटनाओं में बढ़ोतरी का संकेत

संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की एक नई रिपोर्ट ने दुनिया को फिर से चेतावनी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, अगले 5 साल (2026 से 2030) में पृथ्वी का तापमान और भी तेजी से बढ़ेगा। WMO ने अगले 5 साल तक की चेतावनी जारी करते हुए कहा कि यूरोप, भारत और अन्य जगहों पर कोयला, तेल और गैस जलाने से धरती का और ज्यादा गर्म होना, बाढ़, सूखा और लू जैसी भीषण मौसमी घटनाओं में बढ़ोतरी का संकेत है। इस वैश्विक संकट का असर साफ तौर पर भारत में दिख रहा है।

 

यहां 3.5 गुना तेजी से बढ़ रहा तापमान
राजस्थान के श्रीगंगानगर में पारा 48.2 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। रिपोर्ट में सबसे चिंताजनक बात आर्कटिक क्षेत्र के बारे में है। यहां तापमान बाकी दुनिया की तुलना में करीब 3.5 गुना तेजी से बढ़ रहा है। 2026 से 2030 तक आर्कटिक का तापमान औसतन 1.66 डिग्री सेल्सियस और बढ़ सकता है। कोयला, तेल और गैस जलाने से धरती का और ज्यादा गर्म होना, बाढ़, सूखा और लू जैसी भीषण मौसमी घटनाओं में बढ़ोतरी का संकेत है।
विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) की यह रिपोर्ट साफ बताती है कि इंसानी गतिविधियों से निकलने वाली ग्रीनहाउस गैसों के कारण मौसम और भी चरम रूप ले रहा है। WMO के अनुसार, साल 2026 से 2030 के बीच वैश्विक तापमान के सुरक्षित सीमा (1.5 डिग्री सेल्सियस) को पार करने की 75 फीसदी संभावना है।
 

क्‍या कहते हैं वैज्ञानिक?

वैज्ञानिकों का कहना है कि हर 0.1 डिग्री गर्मी बढ़ने से प्रभाव ज्यादा गंभीर होता जाता है। पेरिस समझौते में दुनिया ने तय किया था कि धरती के औसत तापमान को पूर्व औद्योगिक काल की तुलना में 1.5 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा नहीं बढ़ने दिया जाएगा, लेकिन विश्व मौसम विज्ञान संगठन की नई रिपोर्ट में कहा गया है कि 2026 से 2030 के बीच 75 फीसदी संभावना है कि 5 साल का औसत तापमान 1.5 डिग्री से ऊपर ऊपर पहुंच जाएगा।

अगर अमेजन सूख और जल गया तो....

आने वाले 5 साल में अमेजन में असामान्य सूखा हो सकता है। इससे आग लगने का खतरा बढ़ेगा। अगर अमेजन सूख गया और जल गया, तो वो खुद कार्बन छोड़ने लगेगा। इससे ग्लोबल वार्मिंग और बढ़ेगी। इसके कारण स्थानीय लोगों को पानी की समस्या उत्पन्न होगी।
Edited By : Chetan Gour
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें