यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार निगरानी मिशन (HRMMU) ने बताया है कि 5 मई को रूसी सैन्य बलों के सिलसिलेवार हमलों में 28 लोगों की जान गई थी और 194 घायल हुए थे। 1 मई से 5 मई के दौरान, ड्रोन व मिसाइल हमलों में कम से कम 70 लोग मारे गए हैं और 500 से अधिक घायल हुए हैं।
यूएन मिशन इन घटनाओं में हताहत होने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटा रहा है। रूसी सैन्य बलों ने 24 फ़रवरी 2022 को यूक्रेन में पूर्ण स्तर का आक्रमण शुरू किया था, जिसके बाद से देश एक विशाल मानवीय संकट से जूझ रहा है। लड़ाई के अग्रिम मोर्चे वाले इलाक़ों में आम नागरिकों कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
HRMMU की प्रमुख डैनियल बैल के अनुसार, जिस स्तर पर आम नागरिक हताहत हुए हैं और कुछ ही दिनों के भीतर बड़े पैमाने पर इलाक़े प्रभावित हुए हैं, वह विशेष रूप से चिन्ताजनक बात है। 1 मई से अब तक, यूक्रेन के 14 क्षेत्रों में 570 से अधिक आम नागरिकों के मारे जाने या फिर उनके घायल होने की ख़बर है।
1 से 5 मई के बीच, रूसी सैन्य बलों ने यूक्रेन के अनेक शहरों पर कई हमले किए। 5 मई को ज़ैपोरिझझिया में स्थित एक औद्योगिक इलाक़े में हवाई बमबारी में कम से कम 12 लोग मारे गए और 46 घायल हुए। इसी दिन, क्रामातोर्स्क और दोनेत्स्क क्षेत्रों के केन्द्रीय इलाक़ों को निशाना बनाया गया, जिनमें 6 लोगों की मौत हुई और 13 घायल हुए।
शुक्रवार, 1 मई के बाद से, लम्बी दूरी तक मार करने वाली मिसाइलों और ड्रोन के सिलसिलेवार हमलों में यूक्रेन में बड़ी संख्या में आम नागरिक हताहत हुए हैं। ख़ारकीव ड्निप्रो, ख़ेरसॉन, पोलतावा और ओडेसा क्षेत्र सर्वाधिक प्रभावित बताए गए हैं। कुछ हमलों में, आपात कर्मचारियों और अग्रिम पंक्ति के राहतकर्मियों के मारे जाने या घायल होने की ख़बर है। पहला हमला होने के बाद जब ये राहतकर्मी वहां बचाव प्रयासों में जुटे थे, तभी वहां दूसरा हमला भी हुआ।
पोलतावा क्षेत्र में, 4-5 मई की रात्रि को एक गैस निष्कर्षण केन्द्र पर हुए ऐसे हमलों में आपात सेवाओं के 2 कर्मचारियों के हताहत होने की जानकारी है। ख़ेरसॉन में, 3 मई को कुछ स्वास्थ्यकर्मी कम दूरी तक मार करने वाले एक ड्रोन की चपेट में उस समय आ गए, जब वे पहले एक अन्य ड्रोन हमले से प्रभावित लोगों को चिकित्सा सहायता पहुंचा रहे थे।
नागरिकों की रक्षा का दायित्व
कई हमलों में दिन के समय में शहरी इलाक़ों पर शक्तिशाली हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिससे हताहतों की संख्या अधिक होने की आशंका है। मानवाधिकार मिशन की प्रमुख डैनियल बैल ने कहा कि अपनी जान गंवाने वाले या घायल होने वाले अनेक आम नागरिक, अपनी दैनिक गतिविधियों में (कार्यालय जाना, कामकाज करना, ख़रीदारी, चलने-फिरने) में व्यस्त थे या फिर पहले हो चुके हमलों में प्रभावित लोगों को सहायता मुहैया करा रहे थे।
ऐसी परिस्थितियों में आम नागरिकों को होने वाले नुक़सान का अनुमान पहले ही लगाया जा सकता है। रूसी महासंघ के क़ब्ज़े वाले इलाक़ों में भी 1-5 मई के दौरान हुए हमलों में 10 लोगों के मारे जाने की जानकारी है। इनमें 5 लोगों की मौत क्राइमिया स्वायत्त गणराज्य में हुए एक ड्रोन हमले में हुई थी। इसके अलावा, रूस के चेबॉकसारी में 5 मई को कम से कम 2 लोग मारे गए थे और 35 अन्य घायल हुए थे।
यूएन मानवाधिकार निगरानी मिशन ने ध्यान दिलाया है कि अन्तरराष्ट्रीय मानवतावादी क़ानून के तहत हमला करने वाले पक्ष का यह दायित्व है कि आम नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए यथासंभव कदम उठाए जाएं। इनमें हमले के समय और इस्तेमाल किए जाने वाले हथियारों पर विचार करना भी है।