1. समाचार
  2. मुख्य ख़बरें
  3. UN News
  4. Stockpile of nuclear weapons is increasing
Written By UN News
Last Modified: मंगलवार, 28 अप्रैल 2026 (16:11 IST)

बढ़ रहा है परमाणु हथियारों का जख़ीरा, परमाणु अप्रसार संधि में बदलाव जरूरी, UN प्रमुख गुटेरेश ने किया आगाह

Stockpile of nuclear weapons is increasing
दुनियाभर से शीर्ष राजनयिक 1970 की परमाणु अप्रसार सन्धि (NPT) की समीक्षा के लिए इस सप्ताह यूएन मुख्यालय में एकत्रित हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र प्रमुख एंतोनियो गुटेरेश ने इस अवसर पर आगाह किया है कि कृत्रिम बुद्धिमता यानी AI और अन्य नई तकनीकों के इस युग में प्रासंगिक बने रहने के लिए इस सन्धि में बदलाव ज़रूरी हैं। यूएन प्रमुख ने घोषण के अन्दाज़ में कहा है, हमें इस सन्धि में एक बार फिर जान फूंकने की ज़रूरत है।
 
हाल के समय में परमाणु हथियारों की संख्या में वृद्धि ख़बरें आती रही हैं। परमाणु शस्त्रों के परीक्षण का विकल्प फिर से मौजूद है और वर्ष 2025 में वैश्विक सैन्य ख़र्च की रक़म उछलकर 2.7 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई है।
यूएन महासचिव एंतोनियो गुटेरेश ने सोमवार को महासभा को सम्बोधित करते हुए कहा है कि परमाणु हथियारों को ख़त्म करने के प्रयासों की आधारशिला कमज़ोर हो रही है, प्रतिबद्धताएं पूरी नहीं हो रही हैं और विश्वास तथा विश्वसनीयता कम होती जा रही है। 
 
आज का परमाणु ख़तरा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और कम्प्यूटर के क्षेत्र में तेज़ी से विकसित होती प्रौद्योगिकियों के नए ख़तरों से और भी जटिल हो गया है। एंतोनियो गुटेरेश ने सैन्य टकरावों में AI के बढ़ते उपयोग पर चिन्ता व्यक्त करते हुए संयुक्त राष्ट्र के इस विचार को दोहराया कि जब तक परमाणु हथियार पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाते मानवता को उन पर से अपना नियंत्रण कभी नहीं छोड़ना चाहिए।
यूएन महासचिव की चेतावनियों को NPT (सन्धि) की मौजूदा समीक्षा के अध्यक्ष और सयुक्त राष्ट्र में वियतनाम के स्थाई प्रतिनिधि डो हूंग वियत ने भी दोहराया। उन्हें सोमवार को सर्वसम्मति से इस ज़िम्मेदारी के लिए चुना गया।
 

सैन्य ख़र्च में रिकॉर्ड उछाल

डो हूंग वियत ने पिछले पांच दशकों के दौरान परमाणु हथियारों के उपयोग को रोकने में सन्धि की महत्वपूर्ण भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने साथ ही समीक्षा सम्मेलनों को इस बात का सन्दर्भ बिन्दु बताया कि हम कहां खड़े हैं और हमें कहां  जाना है।
डो हूंग वियत ने कहा कि वह राह अब अनिश्चित होती जा रही है, क्योंकि सैन्य ख़र्च हर साल नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच रहा है और परमाणु शस्त्रागार बढ़ रहे हैं। NPT के बिना दुनिया वह होगी जहां परमाणु हथियारों के ख़िलाफ़ वर्जनाएं और अधिक धुन्धली पड़ जाएंगी। यह वह भविष्य नहीं है जो हम अपने या अपने बच्चों के लिए चाहते हैं।
 
वियतनाम के राजदूत ने आगाह किया कि वैसे तो इस संन्धि ने 1970 से परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने में मदद की है, लेकिन अब इसकी प्रासंगिकता और विश्वसनीयता ख़तरे में है। यह केवल एक और सम्मेलन नहीं है। इस समय बहुत कुछ दांव पर लगा है क्योंकि इन दिनों परमाणु युद्ध का ख़तरा बहुत अधिक ठोस रूप से देखा और महसूस किया जा रहा है। परमाणु हथियारों की एक दौड़ मंडरा रही है।
 
वियतनामी राजनयिक ने याद दिलाया कि पिछले दो समीक्षा सम्मेलनों (2022 और 2015 में) में आम सहमति नहीं बन सकी थी और उन्होंने प्रतिनिधियों से इस बार समझौते की सम्भावनाएं तलाश करने के लिए रचनात्मक रूप से काम करने की पुकार लगाई।

मध्य पूर्व युद्ध का साया

राजनयिकों ने यह समीक्षा सम्मेलन शुरू होने से पहले ही 'सामान्य समिति' के उपाध्यक्ष पद के लिए ईरान की उम्मीदवारी पर आपत्तियां सामने आईं। अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि यह क़दम NPT का अपमान है और तर्क दिया कि ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने के तरीक़ों से सन्धि का उल्लंघन किया है। 
 
अमेरिका ने इस बात से इनकार किया कि ईरान को अप्रसार के क्षेत्र में एक नेता के रूप में देखा जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन (फ़्रांस और जर्मनी की ओर से भी) और संयुक्त अरब अमीरात ने भी आपत्तियां उठाईं। हालांकि रूस के प्रतिनिधि ने अमेरिकी हस्तक्षेप को शुरू से ही सम्मेलन का राजनीतिकरण करने का प्रयास बताया और आलोचना करने वाले प्रतिनिधिमंडलों से सामान्य बहस के दौरान अपनी बात रखने का आह्वान किया।
 
ईरानी प्रतिनिधि ने आपत्तियों का जवाब देते हुए उन्हें निराधार और विश्वसनीयता से रहित बताया और आपत्तियों को सम्मेलन में हेरफेर करने का प्रयास कहा। उन्होंने कहा, संयुक्त राज्य अमेरिका एकमात्र ऐसा देश है जिसने परमाणु हथियारों का प्रयोग किया है और वह अपने NPT दायित्वों का उल्लंघन करते हुए अपने शस्त्रागार का विस्तार करना जारी रखे हुए है।
डो हूंग वियत ने अपनी प्रेस वार्ता के दौरान स्पष्ट किया कि ईरान को कई महीने पहले गुटनिरपेक्ष आन्दोलन (NAM) गुट ने इस पद के लिए नामांकित किया गया था और चिन्ताएं केवल पिछले कुछ दिनों में उठाई गईं। उन्होंने इस मामले पर आम सहमति बनाए रखने के लिए कहा कि ईरान की उम्मीदवारी पर आपत्ति जताने वाले देश मतदान कराने की मांग करने के बजाय औपचारिक रूप से निर्णय से स्वयं को अलग करने (disassociate) पर सहमत हुए।
लेखक के बारे में
UN News