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Last Updated :वॉशिंगटन , गुरुवार, 19 मार्च 2026 (11:59 IST)

क्या अमेरिका-इसराइल का अगला निशाना होगा पाकिस्तान?

तुलसी गबार्ड की परमाणु चेतावनी से दुनिया में हड़कंप

pakistan on US Israel target
अमेरिका की 'डायरेक्टर ऑफ नेशनल इंटेलिजेंस' (DNI) तुलसी गबार्ड ने वैश्विक सुरक्षा को लेकर एक ऐसी रिपोर्ट पेश की है, जिसने दक्षिण एशिया समेत पूरी दुनिया की नींद उड़ा दी है। गबार्ड ने आधिकारिक तौर पर चेतावनी दी है कि रूस, चीन और उत्तर कोरिया के साथ-साथ पाकिस्तान अब अमेरिका के लिए सबसे बड़े परमाणु खतरों में से एक बन गया है।

2035 तक मंडराएगा 16,000 मिसाइलों का साया

अमेरिकी सीनेट की इंटेलिजेंस कमेटी के सामने पेश की गई इस रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा किया गया है। गबार्ड के अनुसार, वर्तमान में अमेरिका को निशाना बनाने वाली मिसाइलों की संख्या लगभग 3,000 है, लेकिन 2035 तक यह आंकड़ा बढ़कर 16,000 के पार जा सकता है। खुफिया आकलन (IC) के मुताबिक, रूस और चीन अपनी मिसाइल रक्षा प्रणालियों को इस कदर आधुनिक बना रहे हैं कि वे अमेरिकी सुरक्षा घेरे को भेदने में सक्षम होंगे।

पाकिस्तान की लंबी दूरी की मिसाइलों पर नज़र

इस रिपोर्ट में पाकिस्तान का जिक्र विशेष रूप से चिंता का विषय बना हुआ है। तुलसी गबार्ड ने कहा कि:
> "पाकिस्तान की लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें (ICBM) विकसित करने की क्षमता अब उस स्तर पर पहुँच सकती है, जहाँ वे सीधे अमेरिकी मुख्य भूमि (Homeland) पर हमला करने में सक्षम होंगी।"
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान का यह बढ़ता मिसाइल कार्यक्रम न केवल अमेरिका बल्कि क्षेत्र में इसराइल और अन्य सहयोगियों के लिए भी एक बड़ा रणनीतिक सिरदर्द बन गया है। ईरान के परमाणु ठिकानों पर हालिया सैन्य कार्रवाई (जून 2025) के बाद अब अंतरराष्ट्रीय गलियारों में यह चर्चा तेज़ हो गई है कि क्या अगला नंबर पाकिस्तान का हो सकता है?
 

उत्तर कोरिया, रूस और चीन का खतरनाक 'गठजोड़'

गबार्ड ने रेखांकित किया कि उत्तर कोरिया अब केवल अकेला खतरा नहीं है। वह सक्रिय रूप से रूस और चीन के साथ अपने सैन्य और रणनीतिक संबंधों को मजबूत कर रहा है। यह त्रिकोणीय गठबंधन अमेरिका के वैश्विक वर्चस्व और सुरक्षा के लिए एक "जटिल चुनौती" पेश कर रहा है। उत्तर कोरिया के पास पहले से ही ऐसी मिसाइलें हैं जो अमेरिकी धरती तक पहुँच सकती हैं, और अब वह अपने परमाणु जखीरे को और विस्तार दे रहा है।
प्रमुख बिंदु: एक नज़र में
| खतरा | विवरण |
|---|---|
| मिसाइल संख्या | 2035 तक 3,000 से बढ़कर 16,000 होने का अनुमान। |
| पाकिस्तान | ICBM तकनीक विकसित कर रहा है, जो अमेरिका तक मार कर सकती है। |
| ईरान | 2025 के हमलों के बाद भी ड्रोन और प्रॉक्सी के जरिए खतरा बरकरार। |
| नया गठबंधन | रूस, चीन और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ती सैन्य साठगांठ। |
 
तुलसी गबार्ड का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दुनिया पहले से ही मिडिल ईस्ट और यूक्रेन युद्ध के कारण तनाव में है। पाकिस्तान के परमाणु हथियारों और मिसाइल तकनीक पर अमेरिका की यह "सीधी नज़र" आने वाले दिनों में नए प्रतिबंधों या सख्त कूटनीतिक दबाव का संकेत दे रही है।
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