रास लफान पर ईरानी हमला, दुनिया में तेल संकट का खतरा; भारत पर भी असर
अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 28 फरवरी से जारी युद्ध अब खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका और इजराइल ने ईरान के साउथ पार्स पर हमला किया तो ईरान ने भी पलटवार करते हुए कतर के रास लफान को अपना निशाना बनाया। ब्रेंट क्रूड 113 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया और शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई।
ईरान द्वारा कतर के इस गैस फिल्ड पर किए हमले की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल के दाम में आग लग गई। आज सुबह ब्रेंट क्रूड भी 5 फीसदी से ज्यादा उछाल के साथ 113 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। इससे दुनिया भर के शेयर बाजार धड़ाम हो गए।
कतर के लिए क्या है रास लफान का महत्व
भारत भी यहां से लेता है LNG
कतर भारत के लिए भी एलएनजी सप्लाय का बड़ा स्रोत है। भारत अपनी कुल एलएनजी जरूरतों का लगभग 40 से 50 प्रतिशत कतर से आयात करता है। हाल में भारत में एलपीजी संकट के बीच हार्मुज के रास्ते 2 जहाज 90,000 टन से ज्यादा एलपीजी लेकर भारत पहुंचे थे। रास लफान बंद होने के बाद भारत में गैस सप्लाई पर दबाव बढ़ गया है।
बहरहाल ईरान के साउथ पास और कतर के रास लफान गैस फिल्ड पर हमले के बाद दुनिया भर में तेल संकट गहराने की आशंका है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति की गंभीरता को समझते हुए ईरान के गैस फिल्ड पर अब हमला नहीं करने की बात कर रहे हैं। उन्होंने ईरान को भी तेल और गैस संयंत्रों पर हमला नहीं करने की चेतावनी दी है।
edited by : Nrapendra Gupta