मौत की डोर चाइनीज मांझे पर लगाम में गुजरात पुलिस की वाहवाही, उज्जैन में भी अनोखा उपाय, इंदौर प्रशासन यहां भी फिसड्डी
इंदौर में चाइनीज मांझे से 4 घंटे में 3 के गले कट चुके हैं। एक टाइल्स ठेकेदार की अस्पताल में मौत हो गई, जबकि एक नीट स्टूडेंट समेत 2 लोगों के गले कटने के बाद सर्जरी की गई है। पिछले पांच साल की बात करें तो 8 लोगों की चाइनीज मांझे की डोर से कटने से मौत हो चुकी हैं, जबकि करीब 70 लोग घायल हुए।
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पतंगबाजों को भी नहीं आम लोगों की फिक्र, चाइनीज मांझा खरीदने से नहीं आ रहे बाज
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चाइनीज मांझा बिक रहा है और खरीद भी रहे लोग, मौतें तो हो ही रही हैं
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पांच साल में 8 मौतें, 70 से ज्यादा लोग घायल
चाइनीज मांझा बाजार में पिछले कई सालों से बेचा जा रहा है, लोग इसे खरीद भी रहे हैं हर साल पुलिस ऐसे लोगों पर कार्रवाई करती है। अब साल 2026 आ चुका है, लेकिन पुलिस का खुफिया तंत्र पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ है। 4 घंटे में 3 घायल और एक मौत ने यह चस्पा हो चुका है कि प्रशासन चाइनीज मांझे पर लगाम लगाने में नाकाम रही है। हालांकि इसके पीछे वे आम नागरिक भी उतने ही जिम्मेदार हैं जो चाइनीज मांझा खरीदकर उसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
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बाइकर्स को रेक्सिन नेकबैंड वितरित किया
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गुजरात पुलिस ने एनजीओ से भी ली मदद
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सूरत ट्रैफिक पुलिस की हो रही खूब वाहवाही
सूरत ने की अनोखी पहल : गुजरात के सूरत में पुलिस ने पतंगों की डोर से मोटरसाइकिल चालकों को प्रभावित होने से बचाने के लिए बिजली के खंभों के तार बांध दिए हैं। इसके साथ ही यातायात विभाग ने 14 और 15 जनवरी को ऊंची सड़कों और फ्लाईओवरों पर दोपहिया वाहनों के चलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। जबकि पुलिस ने सड़क उपयोगकर्ताओं को शिक्षित करने के लिए ऑनलाइन तरीका अपनाया है। सूरत में सरकारी अधिकारी भी बाइकर्स के बीच रेक्सिन नेकबैंड वितरित कर रहे हैं। ग्लास-लेपित चीनी मांझा की बिक्री और खरीद पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
उज्जैन में अनोखा तरीका : पतंग उत्सव के दौरान हादसों को रोकने के लिए उज्जैन पुलिस ने एक खास पहल शुरू की है। एसपी प्रदीप शर्मा के निर्देश पर दोपहिया वाहनों पर पतंग की डोर से बचाने वाले प्रोटेक्टर लगाए गए हैं। इसका मकसद खतरनाक पतंग की डोर से गर्दन, चेहरे और हाथों पर होने वाली गंभीर चोटों से राइडर्स को बचाना है। इस अभियान के दौरान ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने राइडर्स को इन सेफ्टी डिवाइस के महत्व के बारे में बताया जा रहा है और उन्हें ट्रैफिक नियमों का पालन करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
क्या है एंटी डोर प्रोटेक्टर : एंटी डोर प्रोटेक्टर लोहे या किसी और मजबूत मटीरियल का बना एक गार्ड होता है, जिसे गाड़ी के आगे (हैंडलबार के पास) लगाया जाता है। यह पतंग की डोर को ऊपर की ओर मोड़ देता है, जिससे गाड़ी चलाते समय वह ड्राइवर की गर्दन, चेहरे या हाथों को वो छू नहीं पाती है।
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इंदौर में चाइनीज मांझे से 5 साल में 70 घायल
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अब तक 8 लोगों की मौत
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पुलिस का खुफिया तंत्र फेल
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अब भी धड़ल्ले से बिक रही 'मौत की डोर'
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चाइनीज मांझा बिक भी रहा और खरीद भी रहे लोग
इंदौर पुलिस और प्रशासन की क्यों नहीं उड़ रही नींद : बता दें कि गुजरात के सूरत समेत तमाम शहरों में पुलिस और प्रशासन चाइनीज डोर से लोगों की जान बचाने के लिए उपाय कर रहे हैं। यहां तक कि मध्यप्रदेश के उज्जैन में भी तरह तरह के उपाय किए जा रहे हैं, लेकिन इंदौर प्रशासन और पुलिस इस मामले में भी फिसड्डी साबित हो रहे हैं। हालांकि इंदौर पुलिस इसे लेकर लोगों को जागरूक कर रही है, से नो टू चाइनीज मांझा नाम से अभियान चला रही है, लेकिन उसका कोई असर नहीं दिख रहा है। पुलिस ग्राउंड लेवल तक पहुंचकर मांझा बेचने वालों पर लगाम नहीं कस सकी है और न ही खरीदने वालों को नहीं खरीदने के लिए शपथ दिला सकी है।
सिर्फ प्रतिबंध लगाने से क्या होगा : इंदौर जिला प्रशासन ने चाइनीज मांझे पर प्रतिबंध लगा दिया है। पुलिस ने इसे लेकर अभियान चलाया है। बच्चों को चाइनीज मांझा इस्तेमाल नहीं करने की शपथ दिलाई जा रही है, लेकिन यह सबकुछ पोस्टर और रील्स में हो रहा है। हकीकत में ग्राउंड पर पुलिस का किसी तरह का एक्शन नजर नहीं आ रहा है। आम लोगों की जान बचाने के लिए पुलिस को जमीनी स्तर पर पहुंचकर उन लोगों को दबोचना होगा, जहां मांझा बिक रहा है और खरीदा जा रहा है। दिल्ली और गुजरात से मांझे की सप्लाय को रोकना होगा, नहीं तो लोगों के गले यूं ही कटते रहेंगे और परिवार उजडते रहेंगे।
रिपोर्ट : नवीन रांगियाल