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Last Updated :जम्मू , मंगलवार, 13 जनवरी 2026 (12:48 IST)

बिना भारी बर्फबारी के बीते चिल्लेकलां के 23 दिन, चिंता में हैं कश्मीरी

After many years Kashmiris are worried as 23 days of ChilleKalan have passed without any heavy snowfall
Jammu Kashmir weather update : माना कि इस समय कश्मीर में सर्दी की पकड़ बहुत मजबूत है और सबसे भयानक सर्दी की अवधि चिल्लेकलां जारी है पर कई सालों के उपरांत चिल्लेकलां के पहले 23 दिन बिना भारी बर्फबारी के शुष्क गुजरने से कश्मीरी चिंता में हैं कि क्या उनके हिस्से की बर्फ उन्हें मिलेगी या नहीं। हालांकि मौसम विभाग बर्फबारी की अपनी भविष्यवाणियों को बार-बार बदल रहा है, जिस कारण अब उस पर भी विश्वास करना मुश्किल हो गया है।

चिल्लेकलां की अवधि 40 दिनों की होती है और इस दौरान सर्दी अपने पूरे शबाब पर होती है। यह इस बार भी है तो पूरे शबाब पर लेकिन शुष्क सर्दी बिना बर्फ के है, न ही बारिश है और न ही भारी बर्फ। नतीजतन इस सूखे से निजात पाने की खातिर कश्मीरी सिर्फ अल्लाह से दुआ ही कर रहे हैं कि वह उन्हें इस सूखे से निजात दिलाए, जिसने सबकुछ हिलाकर रख दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार, ऐसा सूखा मौसम पिछले कई वर्षों में नहीं देखा गया है, जबकि दिसंबर और जनवरी में बारिश का मौसम बिल्कुल भी नहीं देखा गया है। चिल्लेकलां 21 दिसंबर, 2023 को शुष्क रूप से शुरू हुआ और इस अवधि के दौरान कश्मीर में कहीं भी कोई महत्वपूर्ण बर्फबारी नहीं हुई।

सबसे कठोर सर्दियों की अवधि 31 जनवरी को समाप्त होने वाली है, इसके बाद 31 जनवरी से 19 फरवरी तक 20 दिनों की चिल्ले खुर्द (छोटी ठंड) और 20 फरवरी से 10 दिनों की, 2 मार्च तक चिल्ले बच्चा (बच्चों की ठंड) होगी।
जानकारी के लिए चिल्लेकलां एक फारसी शब्द है जिसका अर्थ है प्रमुख शीत।
हालांकि कश्मीर में सबसे कठोर सर्दियों के शुरुआती 23 दिनों में कश्मीर में शुष्क मौसम बना हुआ है और अब स्थानीय मौसम विभाग ने 20 जनवरी तक इसके जारी रहने की भविष्यवाणी की है। यह बात अलग है कि 30 दिसंबर से लेकर अब तक मौसम विभाग कई बार बर्फबारी की भविष्यवाणी और पूर्वानुमान प्रकट कर चुका है पर कोई भी सच साबित नहीं हुए हैं।
मौसम विभाग के निदेशक कहते थे कि पहले भी ऐसे सूखे के दौर आए हैं। उनके बकौल, वर्ष 2022 में दिसंबर बिना किसी बारिश के बीत गया था और फिर वर्ष 2018 में दिसंबर और जनवरी बिना किसी बारिश के समाप्त हुआ था। उन्होंने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि कश्मीर में चल रहा सूखा कोई नई घटना नहीं है।
Edited By : Chetan Gour
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