कंगना रनौत के बयान पर बाबा रामदेव का पलटवार, बोले- ओछे लोगों पर टिप्पणी नहीं करना चाहता, पूरा देश जानता है मेरा योगदान
Ramdev Comment on Kangana Ranaut : भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के जेन-जी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शुरू हुआ सियासी और सार्वजनिक विवाद अब एक बार फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं इस विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहता। स्वामी रामदेव क्या हैं और मेरा योगदान क्या है, यह पूरा देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता। इससे पहले कंगना ने जेन-जी को 'गटर जनरेशन' कहा था, जिस पर रामदेव ने उन्हें लताड़ा था।
भाजपा सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत के जेन-जी को लेकर दिए गए विवादित बयान पर शुरू हुआ सियासी और सार्वजनिक विवाद अब एक बार फिर चर्चा में है। योग गुरु बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि मैं इस विवाद को बढ़ावा नहीं देना चाहता। स्वामी रामदेव क्या हैं और मेरा योगदान क्या है, यह पूरा देश जानता है। इसलिए मैं ओछे लोगों के बारे में कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता।
इससे पहले कंगना ने जेन-जी को 'गटर जनरेशन' कहा था, जिस पर रामदेव ने उन्हें लताड़ा था। बाबा रामदेव ने कुछ दिनों पहले सरकारी नौकरी के इंटरव्यू में गड़बड़ियों को लेकर सवाल उठाया था। इस पर उनकी आंदोलन वाली चेतावनी पर कंगना ने तंज कसा था, जिसके बाद से ही दोनों के बीच जुबानी जंग चल रही है। यह बहस तब और बढ़ गई जब रनौत ने सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव को जवाब देते हुए उनके निजी जीवन और चरित्र पर की गई टिप्पणियों पर आपत्ति जताई।
उन्होंने रामदेव पर अपनी युवावस्था और निजी जीवन पर टिप्पणी करके सीमा पार करने का आरोप लगाया। स्वामी रामदेव आज हरिद्वार में संत समागम में 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' पर संवाद कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भाजपा नेता कंगना की ओर से उन पर दिए गए बयानों पर पलटवार किया। बाबा रामदेव ने पहले कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि युवाओं को इस तरह संबोधित करना गलत है।
उन्होंने कहा कि आज का युवा देश की बड़ी ताकत है और उसकी भूमिका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। इसके साथ ही उन्होंने 'वन नेशन वन इलेक्शन' लागू होने से देश में शिक्षा और विकास के क्षेत्र में बदलाव आने की बात कही। उन्होंने कहा कि एक साथ चुनाव होने से शिक्षक बच्चों को ज्यादा समय दे सकेंगे और सरकारें विकास पर अधिक ध्यान केंद्रित कर पाएंगी।
जेन-जी को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सोशल मीडिया से आगे बढ़कर सार्वजनिक बहस का विषय बन चुका है। हालांकि, रामदेव की ताजा टिप्पणी से संकेत मिलता है कि वह इस मुद्दे को आगे राजनीतिक या व्यक्तिगत विवाद में बदलने के पक्ष में नहीं हैं।
इसके अलावा बाबा रामदेव ने वंदे मातरम के बारे में भी बात की और भारत माता को अपनी आस्था और भक्ति का केंद्र बताया। उन्होंने कहा, हम भारत माता को दुर्गा, लक्ष्मी के रूप में देखते हैं; वह हमारी आस्था, हमारा ज्ञान, हमारा मंदिर और हमारी रक्षा करने वाली एवं हमें शक्ति प्रदान करने वाली हैं।
उन्होंने कहा, वह हमारे लिए सर्वोच्च हैं और हमारी भक्ति और आकांक्षा का परम लक्ष्य हैं। जो लोग 'वंदे मातरम' में देवी-देवताओं, मठों या मंदिरों के संदर्भ देखते हैं, वे मेरी राय में हमारी संस्कृति से कटे हुए प्रतीत होते हैं। उन्हें संस्कृत का थोड़ा और अध्ययन करना चाहिए और इसके अर्थ को बेहतर ढंग से समझना चाहिए।

