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कालिख के बाद गंगाजल से शुद्धिकरण, ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पहुंची कलश यात्रा

Gyanesh Kumar house purification Gangajal
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पर 28 सितंबर को हुए राजनीतिक प्रदर्शन और कालिख पोते जाने की घटना के बाद उनके विजय नगर स्थित घर पर धार्मिक आयोजन किया गया। महिला मंडल और अखिल भारतीय माथुर वैश्य महासभा की तरफ से निकाली गई कलश यात्रा गंगाजल लेकर ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास पहुंची। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ गंगाजल का छिड़काव करते हुए सम्पूर्ण परिसर का धार्मिक विधि-विधान से शुद्धिकरण किया गया। इसके बाद आवास के बाहर सुंदरकांड का पाठ भी हुआ।
 
कलश यात्रा राधा-कृष्ण मंदिर से प्रारंभ हुई। बड़ी संख्या में महिलाएं सिर पर कलश लेकर शंख और घंटे की बजाते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश के विजय नगर कॉलोनी स्थित पैतृक आवास तक पहुंचीं। इस दौरान धार्मिक मंत्रोच्चार और भजन के मध्य वहां का माहौल पूरी तरह धार्मिक नजर आया।
 

प्रदर्शन के बाद बदला माहौल

गौरतलब है कि 28 सितंबर को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन किया था। प्रदर्शनकारी उनके विजय नगर स्थित पैतृक आवास के बाहर तक पहुंच गए थे। आरोप है कि इस दौरान मकान के गेट और दीवारों पर कालिख पोती गई तथा स्प्रे से ‘वोट चोर’ और ‘गद्दार’ जैसे शब्द लिखे गए थे।
 
घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया था। छह आरोपियों को जेल भेजा गया था। बाद में सीजेएम अदालत से जमानत मिलने के बाद चार अक्टूबर को उनकी रिहाई हुई। रिहाई के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकालने का प्रयास किया था, जिस दौरान पुलिस से उनकी नोकझोंक भी हुई। मिली जानकारी के मुताबिक अदालत की कार्रवाई के दौरान इस मामले में लगाई गई हत्या के प्रयास की धारा भी हटा दी गई।
 

शांति और सद्बुद्धि की कामना

कलश यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि आयोजन का उद्देश्य किसी राजनीतिक विवाद को बढ़ाना नहीं, बल्कि वातावरण में शांति, सकारात्मकता और सौहार्दपूर्ण वातावरण देने के लिए किया गया है। इस तरह के धार्मिक अनुष्ठान लोगों की सद्बुद्धि और आत्मशुद्धि के लिए किये जाते है।
 
ज्ञानेश कुमार की माता सत्यवती ने 28 सितंबर की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि वह प्रदर्शन और घर के बाहर हुए घटनाक्रम से बेहद दुखी हुई। उन्होंने कहा कि विजय नगर महिला मंडल और क्षेत्र के लोग धर्म के माध्यम से इस आयोजन को किया हैं। उन्होंने भगवान से सभी को सद्बुद्धि देने और विजय नगर के कल्याण की प्रार्थना की। इस दौरान उन्होंने ‘भारत माता की जय’ और ‘जय हिंद’ के नारे भी लगाए।
 
ज्ञानेश कुमार के पिता डॉ. सुबोध कुमार गुप्ता ने कहा कि धार्मिक आयोजन का मकसद भ्रम को दूर करना और सत्य को सामने लाना है। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बारे में कहा कि इसका उद्देश्य वास्तविक नागरिकों को मतदान का अधिकार देना है।
 

शंख-घंटियों के बीच सुंदरकांड

कलश यात्रा के बाद पैतृक आवास के बाहर सुंदरकांड का पाठ शुरू हुआ। शंख और घंटियों की गूंज के बीच हुए धार्मिक आयोजन में ज्ञानेश कुमार के वृद्ध माता-पिता के स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि और दीर्घायु की कामना की गई।
 
कुछ दिन पहले जिस स्थान पर राजनीतिक प्रदर्शन, नारेबाजी और कालिख पोते जाने की घटना से माहौल गरमाया था, वहीं यह धार्मिक अनुष्ठान गंगाजल, कलश, वैदिक मंत्रोच्चार और सुंदरकांड पाठ शांति और शुद्धि के लिए है।
लेखक के बारे में
हिमा अग्रवाल
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