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अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में 5 बड़े फैसले, संतों को बड़ी जिम्मेदारी

ayodhya ram mandir trust meeting
Ram Mandir Trust Meeting: ​अयोध्या स्थित श्री मणिराम दास छावनी में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। प्रमुख साधु-संतों की उपस्थिति में हुई इस बैठक में राम मंदिर की धार्मिक और प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। इसके साथ ही अयोध्या में पुजारियों के प्रशिक्षण का भी निर्णय लिया गया, जो प्रशिक्षण के बाद देशभर में मंदिरों में पूजा-अर्चना कर सकेंगे। 

9 संतों की 'धार्मिक समिति' का गठन

राम मंदिर की पूजा-अर्चना और सभी धार्मिक गतिविधियों की निगरानी का पूरा जिम्मा अब संत समाज के हाथों में होगा। मंदिर की संपूर्ण धार्मिक व्यवस्था अब पूर्णतः वैदिक रामानंदी परंपरा के अनुसार संचालित होगी। धार्मिक मामलों में इस समिति का फैसला ही अंतिम और सर्वोपरि माना जाएगा। नई समिति के अध्यक्ष ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि होंगे। धार्मिक समिति का प्रवक्ता और सचिव भी नियुक्त किया जाएगा। ALSO READ: राम जन्मभूमि मंदिर केस फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, निर्मोही अखाड़े ने दाखिल की याचिका

​अयोध्या के संतों को मिली बड़ी जिम्मेदारी
9 सदस्यीय इस समिति में अयोध्या के संतों का स्पष्ट बहुमत रखा गया है-

  • ​महंत दिनेंद्र दास (निर्मोही अखाड़ा)
  • ​महंत कमलनयन दास (मणिराम दास छावनी)
  • ​महंत डॉ. रामानंद दास (रामकथा कुंज)
  • ​राजकुमार दास (रामबल्लभा कुंज)
  • ​महंत मिथिलेषनंदिनी शरण
  • ​जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती
  • ​जगद्गुरु स्वामी विश्वप्रसन्नतीर्थ​
Ayodhya News


एक माह में नियुक्त होगा राम मंदिर का CEO

​राम मंदिर परिसर की संपूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए 1 माह के भीतर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की नियुक्ति कर दी जाएगी। इस पद के लिए देशभर से 5,200 ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए हैं। चयन समिति प्रक्रिया शुरू कर चुकी है और 1 महीने में योग्य उम्मीदवार का चयन कर लेगी। ALSO READ: अब इस तरह होगी अयोध्या राम मंदिर में CEO की नियुक्ति, कौन कर सकता है इस पद के लिए आवेदन

​बैंक की कार्यप्रणाली पर भारी नाराजगी

​बैठक में चढ़ावा राशि की गिनती के लिए भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के साथ हुए समझौते (MOU) की समीक्षा की गई। ​न्यासी मंडल ने बैंक की कार्यप्रणाली और कर्तव्यों के निर्वहन में पाई गई त्रुटियों पर कड़ा असंतोष और नाराजगी जताई। वित्त समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वह SBI के साथ भविष्य के संबंधों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOP) की समीक्षा कर आगे का निर्णय ले।

​देशभर के मंदिरों के लिए तैयार होंगे प्रशिक्षित पुजारी

​राम मंदिर परिसर में वर्तमान में 14 मंदिर हैं, जिनके लिए बड़ी संख्या में योग्य अर्चकों की आवश्यकता है। ​ट्रस्ट अब एक स्थायी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेगा। इसमें पूजा-पद्धति, वैदिक मंत्रों का शुद्ध उच्चारण, कर्मकांड, मंदिर प्रबंधन और रामानंदी परंपरा का गहन प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने वाले अर्चकों को आधिकारिक प्रमाणपत्र दिया जाएगा, जिससे वे देशभर के विभिन्न मंदिरों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

​बैठक के अन्य महत्वपूर्ण बिन्दु

  • SIT की रिपोर्ट का इंतजार : चढ़ावे की गिनती में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही SIT की अंतिम रिपोर्ट अभी ट्रस्ट को नहीं मिली है, इसलिए इस विषय पर चर्चा टल गई। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई और अदालत की प्रक्रियाओं को संज्ञान में लिया जा रहा है।
  • रिक्त पदों पर चर्चा नहीं : ट्रस्ट के महासचिव और तीन सदस्यों के रिक्त पदों पर इस बैठक में कोई चर्चा नहीं हुई। फिलहाल कृष्ण मोहन ही ट्रस्ट के कार्यवाहक महासचिव का पद संभालते रहेंगे।

क्या है चढ़ावा चोरी से जुड़ा पूरा मामला?

हाल ही में अयोध्या के श्रीराम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए जाने वाले दान (चढ़ावे) की चोरी और हेराफेरी का मामला उजागर हुआ है। इस घटना ने मंदिर प्रबंधन से लेकर पुलिस-प्रशासन तक हड़कंप मचा दिया। दरअसल, राजनीतिक स्तर पर आरोप लगने और शिकायतें सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया। SIT ने जांच के बाद अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी, जिसके आधार पर 25 जून को प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई और पुलिस की त्वरित कार्रवाई शुरू हुई। 
 
जांच में सामने आया कि इस पूरे मामले का मास्टरमाइंड रमाशंकर यादव उर्फ 'टिन्नू' था, जिसके पास मंदिर परिसर के दानपात्रों (हुंडियों) की चाबियां रहती थीं। दान की रकम गिनने वाले कक्ष और दानपात्रों से कर्मचारी मिलीभगत करके नगदी निकालते थे। पूछताछ में यह खुलासा भी हुआ कि चोरी किए गए पैसे को गणना कक्ष से सटे बाथरूम आदि जगहों पर छिपाया जाता था और बाद में बाहर निकाला जाता था। इस मामले में पुलिस ने 8 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया गया। पुलिस ने छापों के दौरान आरोपियों के पास से लाखों रुपए कैश, सोने-चांदी के गहने, कई चारपहिया वाहन और बुलेट बाइक बरामद कीं। अकेले अविनाश शुक्ला के पास से 20 लाख रुपए से अधिक की नकदी मिली। 
लेखक के बारे में
संदीप श्रीवास्तव
संदीप श्रीवास्तव करीब 25 वर्ष से ज्यादा समय से मीडिया के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वेबदुनिया के लिए उत्तर प्रदेश में स्ट्रिंगर के रूप में कार्य करते हैं। .... और पढ़ें
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