Ayodhya Ram Mandir Donation Row : श्रीराम मंदिर चढ़ावा चोरी पर PM मोदी से क्या बोले राहुल गांधी
कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी तथा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान राशि के कथित गबन की स्वतंत्र और व्यापक जांच कराने की मांग की है। दोनों नेताओं ने कहा कि करोड़ों रुपए का दान श्रद्धा और विश्वास के साथ देने वाले लाखों श्रद्धालु खुद को 'ठगा हुआ' महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री की चुप्पी को "अस्वीकार्य" बताया और जवाबदेही तय करने की मांग की।
स्वतंत्र जांच की मांग
राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने संयुक्त पत्र में कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय मामलों, नकद दान, सोना, चांदी और अन्य चढ़ावे के प्रबंधन की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। दोनों नेताओं ने मांग की कि जांच रिपोर्ट और ट्रस्ट के खातों को सार्वजनिक किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को यह जानकारी मिल सके कि उनके द्वारा दिया गया दान किस प्रकार उपयोग किया गया।
ट्रस्ट के गठन पर भी उठाए सवाल
प्रधानमंत्री जी,
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) July 19, 2026
श्री राम मंदिर में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ अपनी कमाई अर्पित की - वहां हुई चंदा चोरी अब किसी से छुपी नहीं है।
ट्रस्ट के हर सदस्य को आपकी सरकार ने चुना था। इस चंदा चोरी पर आपकी चुप्पी अस्वीकार्य है।
तत्काल स्वतंत्र जांच कराइए, पूरा हिसाब सार्वजनिक… pic.twitter.com/HJ4flHrks1
पत्र में कांग्रेस नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप संसद में ट्रस्ट के गठन की घोषणा की थी, लेकिन ट्रस्ट के सभी सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ट्रस्ट के कई सदस्यों का संबंध राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), विश्व हिंदू परिषद (VHP) और उनसे जुड़े संगठनों से है। साथ ही ट्रस्ट के पूर्व महासचिव का भी उल्लेख करते हुए सवाल उठाए गए।
जयराम रमेश ने भी साधा निशाना
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने भी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री से चुप्पी तोड़ने की मांग की। उन्होंने सोशल मीडिया पर पत्र साझा करते हुए कहा कि अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित "चंदा चोरी" मामले में प्रधानमंत्री को जवाब देना चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस समय चर्चा में आया जब उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या राम मंदिर में दान राशि के कथित गबन की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को उत्तर प्रदेश पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। मामले में अब तक आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और आरोपों पर संबंधित पक्षों की ओर से कानूनी प्रक्रिया चल रही है।

