CJP Protest: जंतर-मंतर पर हुई हिंसा पर बड़ा खुलासा, Delhi Police पर अभिजीत दिपके का आरोप
राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के हालिया प्रदर्शन के दौरान हुई झड़प और पुलिस कार्रवाई को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोशल मीडिया एक्टिविस्ट और डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म 'CJP' (Citizens for Justice and Peace) से जुड़े अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) ने दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए जंतर-मंतर पर हुई हिंसा को लेकर बड़ा खुलासा किया है। ALSO READ: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, बोले- युवाओं का भविष्य आपने बर्बाद किया, धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए
अभिजीत दिपके का दिल्ली पुलिस पर क्या है आरोप?
जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध-प्रदर्शन के दौरान हुई घटना के बाद अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के जरिए अपना पक्ष रखते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े किए हैं:
बल प्रयोग का आरोप: दिपके का दावा है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रख रहे छात्रों और युवाओं को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया।
हिंसा भड़काने का दावा: उन्होंने आरोप लगाया कि मौके पर स्थिति को बातचीत से संभालने की बजाय पुलिस की ओर से की गई जल्दबाजी और सख्त कार्रवाई के कारण वहां अफरा-तफरी का माहौल बना और हिंसा भड़की।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाने की कोशिश: दिपके का कहना है कि छात्र केवल पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और प्रशासनिक जवाबदेही की मांग कर रहे थे, लेकिन उनकी आवाज को दबाने के लिए पुलिस बल का सहारा लिया गया। ALSO READ: 'सड़क पर खड़ा होना कब से अपराध हो गया?' मुंबई छात्र प्रदर्शन में हिरासत के बाद अभिनेत्री आयशा खान का छलका दर्द
दिल्ली पुलिस का आधिकारिक रुख
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने अभिजीत दिपके और अन्य प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज किया है:
कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बात: दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जंतर-मंतर पर सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता थी।
बैरिकेडिंग तोड़ने का दावा: पुलिस का पक्ष है कि प्रदर्शनकारियों ने निर्धारित सीमा और सुरक्षा बैरिकेड्स को तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम आवश्यक कदम उठाए गए।
मेट्रो और ट्रैफिक सुरक्षा: लुटियंस दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था बाधित न हो और मेट्रो यात्रियों को असुविधा न हो, इसके लिए धारा 144 व अन्य सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन कराया गया। ALSO READ: राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, बोले- युवाओं का भविष्य आपने बर्बाद किया, धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए
घटना के बाद बढ़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद
इस मामले के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। एक तरफ जहां छात्र संगठन और मानवाधिकार कार्यकर्ता अभिजीत दिपके के समर्थन में आकर पुलिसिया कार्रवाई की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन का कहना है कि वे केवल अपनी ड्यूटी निभा रहे थे और किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

