शिवराज के बाद कोसमी में कार्तिकेय की हुंकार, अधिकारियों को आपसे टकराने से पहले हमसे टकराना होगा
कार्तिकेय सिंह चौहान ने पीड़ित आदिवासी परिवार के साथ जमीन पर बैठकर किया भोजन, समस्याएं सुनीं और हर संभव मदद का दिया भरोसा
भोपाल। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाद अब उनके पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान बुधनी क्षेत्र के कोसमी गांव पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित आदिवासी परिवार से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। मुलाकात के दौरान कार्तिकेय ने परिवार के सदस्यों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन किया। इस दौरान उन्होंने कोसमी में वन विकास निगम की कार्रवाई को लेकर सवाल उठाते हुए कई गंभीर आरोप लगाए।
कार्तिकेय सिंह चौहान कोसमी गांव पहुंचकर पीड़ित आदिवासी परिवार के बीच बैठे और उनकी परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने परिवार के सदस्यों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। इस दौरान उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिवार की परेशानी को गंभीरता से लिया जाएगा और समाधान के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। परिवार से मुलाकात के दौरान कार्तिकेय सिंह चौहान ने कहा अधिकारियों को आपसे टकराने से पहले हमसे टकराना होगा। कार्तिकेय ने कहा कि वन विकास निगम के अधिकारियों ने एक लड़की के बाल पकड़कर उसके साथ बदसलूकी और एक तीन साल के बच्चे के सिर पर चोट आई है।
मुलाकात के दौरान कार्तिकेय सिंह चौहान परिवार के सदस्यों के साथ जमीन पर बैठकर भोजन करते नजर आए। उन्होंने परिवार के साथ समय बिताया और उनकी समस्याओं को सुना। इस दौरान उन्होंने परिवार को भरोसा दिलाया कि जरूरत के समय वे उनके साथ खड़े रहेंगे और मदद के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।
गौरतलब है कि इससे पहले केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोसमी में आदिवासियों पर कार्रवाई के विरोध में धरने पर बैठे थे। शिवराज सिंह चौहान ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि गरीब परिवारों को बेघर करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। जिन परिवारों के घर तोड़े गए हैं, उनके लिए नए घर बनवाए जाएंगे। साथ ही, जब तक उनके रहने की स्थायी व्यवस्था नहीं हो जाती, तब तक उनके रहने और खाने-पीने की अस्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा था कि इस कार्रवाई में केवल घर ही नहीं टूटे, बल्कि पीड़ित परिवारों की आजीविका पर भी चोट पहुंची है।

