मुसीबत में ट्रंप के दोस्त FIFA अध्यक्ष इनफैनटिनो! निजी निवेशकों की योजना पर लगा ब्रेक, बड़े फुटबॉल परिसंघों के विरोध में झुकी संस्था
फीफा को निजी निवेशकों के लिए खोलने की जियानी इनफैनटिनो की महत्वाकांक्षी योजना वैश्विक विरोध के सामने टिक नहीं सकी। दुनियाभर के फुटबॉल फेडरेशनों के दबाव के बाद फीफा को प्रस्ताव वापस लेना पड़ा। फीफा अध्यक्ष जियानी इनफैनटिनो को बड़ा झटका लगा है। विश्व फुटबॉल की शीर्ष संस्था ने अपना विवादित निवेशक प्रोजेक्ट वापस ले लिया। इस योजना के तहत फीफा अपने वाणिज्यिक अधिकारों और टूर्नामेंट संचालन से जुड़ी नई कंपनी में निजी निवेशकों को हिस्सेदारी देना चाहता था। लेकिन एशियाई फुटबॉल परिसंघ (एएफसी), यूरोपीय फुटबॉल संघ (यूईएफए) और उत्तरी और मध्य अमेरिकी के फुटबॉल फेडरेशन कॉनकाकाफ ने इसका खुलकर विरोध किया। तीनों बड़े परिसंघों की असहमति के बाद योजना आगे नहीं बढ़ सकी।
इनफैनटिनो ने शनिवार तड़के कहा कि व्यापक विरोध को देखते हुए निजी निवेशकों की हिस्सेदारी के प्रस्ताव रद्द किया जा रहा है। उन्होंने माना कि यह परियोजना फुटबॉल जगत में विभाजन पैदा कर रही थी। इनफैनटिनो ने कहा कि उनका मकसद हमेशा एकता और विकास रहा है। उन्होंने आने वाले दिनों में सभी पक्षों को फिर साथ लाने की बात भी कही है। साथ ही जरूरतमंद देशों में फुटबॉल विकास का एजेंडा जारी रखने का भरोसा दिया। अगले साल फीफा का चुनाव
एशियाई फुटबॉल परिसंघ यानी एएफसी ने फैसले का स्वागत करते हुए इसे सही कदम बताया। एएफसी अध्यक्ष शेख सलमान बिन इब्राहिम अल खलीफा ने कहा कि भविष्य में ऐसे किसी भी बड़े प्रस्ताव पर समय रहते चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने पारदर्शिता, संवाद और संस्थागत प्रक्रियाओं के सम्मान पर जोर दिया। एएफसी की ओर से कहा गया कि वैश्विक फुटबॉल का भविष्य सामूहिक सहमति से तय होना चाहिए। यह घटनाक्रम इनफैनटिनो के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम माना जा रहा है। दुनिया के कई बड़े अखबारों ने इसे उनकी व्यक्तिगत हार बताया है। ब्रिटेन के डेली मेल ने उन्हें अपमानित कहा। फ्रांस के एल इकिप ने फीफा को संकट में बताया। स्पेन के एल पाइस ने इसे इनफैनटिनो के लिए वैश्विक झटका कहा। अगले वर्ष होने वाले फीफा चुनाव से पहले यह घटनाक्रम अहम माना जा रहा है।
इनफैनटिनो के साथ जुड़े हैं कई विवाद
विवाद की एक बड़ी वजह प्रस्ताव तैयार करने का तरीका था। आलोचकों का कहना था कि इतनी महत्वपूर्ण योजना पर पर्याप्त परामर्श नहीं हुआ। यूईएफए ने इसे नेतृत्व की गंभीर विफलता बताया था। संगठन ने आरोप लगाया कि योजना गोपनीय तरीके से तैयार की गई। कॉनकाकाफ और एएफसी ने भी प्रक्रिया को लेकर समान चिंताएं जताई थीं। यही कारण रहा कि विरोध ने धीरे-धीरे वैश्विक स्वरूप ले लिया।
इनफैनटिनो हाल के महीनों में अन्य विवादों से भी घिरे रहे हैं। उनके अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप से करीबी रिश्तों पर सवाल उठे। फुटबॉल वर्ल्ड कप के दौरान अमेरिकी खिलाड़ी फोलारिन बालोगुन की रेड कार्ड सजा हटाने को लेकर भी विवाद पैदा हुआ था। हालांकि ट्रंप ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने निवेशक योजना पर इनफैनटिनो से कोई बात नहीं की। फिर भी प्रस्तावित निवेशकों में ट्रंप परिवार से जुड़े कारोबारी संबंधों का मुद्दा बहस का हिस्सा बना रहा। यूईएफए उपाध्यक्ष लॉरा मैकएलिस्टर ने कहा कि इस सप्ताह के घटनाक्रम ने फीफा अध्यक्ष पर भरोसे को नुकसान पहुंचाया है। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री एंडी बर्नम ने भी इनफैनटिनो की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाए। फीफा के मुख्य परिचालन अधिकारी केविन लामूर ने भी संकेत दिया कि यह मुख्य रूप से इनफैनटिनो की परियोजना थी। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या फीफा प्रमुख पैर पीछे खींचने के बाद भी अपनी कुर्सी बचाए रख पाएंगे?

