1. समाचार
  2. व्यापार
  3. समाचार
  4. Mukesh Ambani's statement on jobs

Reliance ने दीं 1.7 लाख नई नौकरियां, कुल 6.5 लाख हुई कर्मचारियों की तादाद

मुकेश अंबानी ने नौकरी से निकाले जाने का किया खंडन

Mukesh Ambani
Mukesh Ambani's statement on jobs: रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) ने कंपनी में नौकरियों में कटौती की खबरों को खारिज करते हुए इसे भ्रामक बताया। मुकेश अंबानी ने स्पष्ट किया कि रिलायंस (Reliance) ने वित्त वर्ष 2023-24 में वास्तव में लाखों नौकरियां जोड़ी हैं। वे रिलायंस की 47वीं वार्षिक आम बैठक में बोल रहे थे। अंबानी ने बताया कि रिलायंस ने कुल 1.7 लाख नई नौकरियां (jobs) दी हैं। कंपनी के कुल कर्मचारियों की संख्या बढ़कर अब 6.5 लाख से अधिक हो गई है।

 
बताते चलें कि पिछले वित्त वर्ष में कंपनी की वार्षिक रिपोर्ट में कर्मचारियों की संख्या में कमी दिखाई दी थी। इस कमी पर मुकेश अंबानी ने कहा कि कर्मचारियों की संख्या में गिरावट की वजह कर्मचारियों द्वारा नौकरी का एक अलग मॉडल चुनाव था, न कि उनका निकाला जाना।

 
रिलायंस नए प्रोत्साहन-आधारित जुड़ाव मॉडल को अपना रहा : 'रोजगार सृजन की प्रकृति वैश्विक स्तर पर बदल रही है जिसका मुख्य कारण तकनीकी हस्तक्षेप और लचीले व्यापार मॉडल हैं। इसलिए सिर्फ पारंपरिक प्रत्यक्ष रोजगार मॉडल के बजाय रिलायंस नए प्रोत्साहन-आधारित जुड़ाव मॉडल को अपना रहा है। इससे कर्मचारियों को बेहतर कमाई करने में मदद मिलती है और उनमें उद्यम की भावना पैदा होती है। यही कारण है कि प्रत्यक्ष रोजगार संख्या वार्षिक आंकड़ों में थोड़ी गिरावट दिखी है, हालांकि रिलायंस द्वारा सृजित कुल रोजगार में वृद्धि हुई है।'

 
रिलायंस भारत का सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता : मुकेश अंबानी ने भारत के युवाओं के लिए रोजगार सृजन को सर्वोच्च राष्ट्रीय प्राथमिकता का दर्जा दिया। उन्होंने बताया कि कई एजेंसियों द्वारा रिलायंस को भारत के सर्वश्रेष्ठ नियोक्ता के रूप में स्थान दिया गया है। रिलायंस भारत में सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है।
 
Edited by: Ravindra Gupta
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज डेस्क
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
छोटे और मझोले आरईआईटी पर नियमन को लेकर क्या बोलीं सेबी चेयरपर्सन माधबी पुरी बुच