Written By
राम यादव
Last Updated : Tuesday, 8 July 2014 (17:10 IST)
एलियन या मानवीय भ्रूण
Updated: Tue, 8 Jul 2014 (17:10 IST)
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अता' नाम है केवल 13 सेंटीमीटर लंबे एक विचित्र शव के कंकाल (ममी) का। वह जितना विचित्र है उतना ही रहस्मय भी। दस साल पहले चिली में मिला था। सभी हैरान हैं कि वह क्या है? किसी दूसरी दुनिया से आए महाबौने एलियन का अस्थिपंजर या कोई महाविकृत मानवीय भ्रूण! पहली नजर में वह किसी एलिय़न बच्चे का अस्थिपंजर ही लगता है।
'अता' को अपना यह नाम लैटिन अमेरिकी देश चिली के अताकामा मरुस्थल से मिला है। वहीं 2003 में एक उजड़ चुकी बस्ती में वह मिला था। अताकामा की बेहद शुष्कता में त्वचा सहित सूखकर कंकाल बन गया यह शव पहले तो काफ़ी समय तक ग़ायब रहा। उसकी रहस्यमय विचित्रता के कारण शायद उसे कई बार बेचा-ख़रीदा जाता रहा। कई हाथों से होता हुआ अंततः वह स्पेन के बार्सेलोना शहर पहुंचा।
वहीं उड़न तश्तरियों और इतरलोकवासी तथाकथित एलियन लोगों संबंधी एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान, अमेरिका के डॉ. स्टीवन ग्रीयर की उस पर नज़र पड़ी। वे पृथ्वी से परे अन्य ग्रहों पर मनुष्यों जैसे बुद्धिमान जीवधारियों के अस्तित्व में विश्वास करते हैं। 'अता' को दिखाकर दुनिया में वे जो खलबली मचा सकते थे, उसकी कल्पना करते हुए उन्होने उसे तुरंत ख़रीद लिया।
आगे पढ़ें... क्या एलियन का सचमुच अस्तित्व है?...
क्या एलियन का सचमुच अस्तित्व है? : डॉ. ग्रीयर इमर्जेंसी डॉक्टर रह चुके हैं। उन्होंने सोचा कि 'अता' के माध्यम वे सिद्ध कर दिखाएंगे कि एलियन लोगों का सचमुच अस्तित्व है। वे पृथ्वी पर आते-जाते रहते हैं और हमारे शुभचिंतक हैं। उन्होंने डंके की चोट पर घोषित किया कि वे 'अता' के अस्थिपंजर की वैज्ञानिकों द्वारा परीक्षा करवाएंगे और जो भी परिणाम सामने आएगा, उसे 'साइरियस' नाम की एक डॉक्यूक्मेंट्री फ़िल्म के माध्यम से दुनिया के सामने पेश करेंगे।
पटियाला में पैदा हुए और अब अमेरिका में रह रहे, एमी पुरस्कार विजेता, 34 वर्षीय अमरदीप कलेका द्वारा निर्देशित डॉ. ग्रीयर की यह डॉक्यूक्मेंट्री फ़िल्म गत 22 अप्रैल से वाकई खलबली मचा रही है। लेकिन यह खलबली फिल्म में बहुत से तथ्यों को छिपाने, वैज्ञानिक जांच-परख के परिणामों को बहुत कम समय देने और दूसरी कथा-कहानियों द्वारा बार-बार यही दोहराने पर आधारित है कि कोई माने या न माने, पृथ्वी से परे बुद्धिमान जीवधारियों का अस्तित्व है और वे हमारा भला ही चाहते हैं। क्या वाकई एलियन है अता, क्या कहती है जांच...आगे पढ़ें..
कथित एलियन के कंकाल की शव परीक्षा : जिन दो विशेषज्ञों ने 'अता' के अस्थिपंजर-शव की जांच-परख की, वे न तो एलियन-प्रेमी हैं और न अनजान वैज्ञानिक। प्रो़. जेरी नोलैन कैलीफ़ोर्निया के नामी स्टैनफर्ड विश्वविद्यालय में पढ़ाते हैं और दुनिया के एक प्रसिद्ध जीन-शोधक माने जाते हैं। इसी विश्वविद्यालय के प्रो. राल्फ़ लचमैन अस्थिदोष के जाने-माने विशेषज्ञ हैं।दोनों ने अपनी जाँच के परिणाम किसी विज्ञान पत्रिका में अभी तक प्रकाशित नहीं किये हैं। पर, दोनो का मिल-मिलाकर यही कहना है कि 'अता' निसंदेह एक मानवीय अस्थिपंजर ही है, हालाँकि है बहुत ही रहस्यमय। उसका कद इतना छोटा, सिर इतना लंबा और शरीर की बनावट इतनी अनोखी है कि वह "शारीरिक विकृति या बीमारी के किसी भी वर्ग में फिट नहीं बैठता।"'
अता' का कद केवल 13 सेटीमीटर, यानी छह इंच से भी कुछ कम ही है। संसार का सबसे बौना आदमी चंद्रबहादुर डांगी भी उससे साढ़े चार गुना बड़ा (57 सेंटीमीटर) है। नवजात बच्चे भी अधिकतर 50 सेंटीमीटर के आस-पास होते हैं। समय से बहुत पहले पैदा होने वाले जीवित बच्चे भी 20 सेंटीमीटर से कुछ बड़े ही होते हैं। 'अता' का सीना केवल 10 पसलियों का बना है। मानवीय सीने में 12 और बहुत अपवादस्वरूप ही 11 पसलियाँ होती हैं।
क्या कहती है अता की हड्डियों की बनावट... आगे पढ़ें...