story of Ned Dougherty: यह कहानी नेड डौहर्टी (Ned Dougherty) के वास्तविक जीवन के एक असाधारण अनुभव पर आधारित है। 37 साल की उम्र में, डौहर्टी के पास वह सब कुछ था जिसे दुनिया सफलता मानती है। वे न्यूयॉर्क के आलीशान इलाके 'द हैम्पटंस' (The Hamptons) में एक मशहूर रियल एस्टेट डेवलपर और नाइटक्लब के मालिक थे। उनके पास पैसों की कोई कमी नहीं थी—एक शानदार मर्सिडीज-बेंज कार, खुद का प्राइवेट जेट और एक वीआईपी लाइफस्टाइल। लेकिन इस चकाचौंध के पीछे एक गहरा खालीपन और भारी तनाव भी था।
2 जुलाई, 1984 को एक बिज़नेस पार्टनर से झगड़े के बाद, डौघर्टी सड़क के किनारे गिर पड़े। उन्हें ऐसा लगा जैसे वे किसी गहरे, कभी न खत्म होने वाले गड्ढे में गिर रहे हों। मेडिकल रिकॉर्ड्स से पता चलता है कि उन्हें सांस लेने में तकलीफ़ और दिल का दौरा पड़ा था और वे एक घंटे छह मिनट तक चिकित्सकीय रूप से मृत (Clinically Dead) थे। द एपोक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक डौघर्टी ने बताया कि उस समय मैं सचमुच हर मायने में मर चुका था। ... और इसके बाद दूसरी दुनिया में मेरी यात्रा शुरू हुई।
...और चेतना ने शरीर को छोड़ दिया
डौघर्टी के अनुसार, उनकी चेतना ने उनके शरीर को छोड़ दिया, एक दूसरी दुनिया में चली गई, और एक शानदार सुनहरी रोशनी में डूब गई - जो सूरज से भी ज़्यादा चमकदार थी, फिर भी उससे कोई तकलीफ़ नहीं हो रही थी। अचानक डौघर्टी के साथ उनके गुजर चुके सबसे अच्छे दोस्त, डैनियल मैककैम्पबेल भी आ गए, जिनकी मौत वियतनाम युद्ध के दौरान हुई थी। डैनियल ने डौघर्टी से कहा कि मैं तुम्हें रास्ता दिखाने आया हूं। तुम्हारी ज़िंदगी में आगे एक मकसद है। जब डौघर्टी होश में आए, तो वे एक बिल्कुल अलग इंसान बन चुके थे।
अलौकिक सत्ता से एक मुलाकात
इसके बाद, नेड की मुलाकात एक अलौकिक, प्रकाशमान सत्ता से हुई, जिसे उन्होंने 'लेडी ऑफ लाइट' (प्रकाश की देवी) कहा। वहां उन्हें उनके पूरे जीवन की एक फिल्म दिखाई गई (Life Review), जहां उन्होंने देखा कि कैसे उनके अहंकार और पैसों की भूख ने उन्हें एक असंवेदनशील इंसान बना दिया। इस रहस्यमयी अनुभव के दौरान, नेड को पृथ्वी के भविष्य से जुड़ी कुछ बातें और चेतावनियां भी दिखाई गईं। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने साल 2001 में एक किताब लिखी थी, जिसमें उन्होंने 9/11 के आतंकवादी हमले जैसी घटना का जिक्र (न्यूयॉर्क पर आसमान से होने वाले हमले के रूप में) किया था, जो बाद में सच साबित हुई।
भौतिक चीजों से मोहभंग
होश में आने के बाद नेड का नाइटक्लब, पैसों और लग्जरी गाड़ियों से मोह पूरी तरह भंग हो चुका था। उन्होंने अपनी आलीशान संपत्तियां बेच दीं और अपना पूरा जीवन आध्यात्मिकता, दूसरों की मदद करने और अपने इस अनुभव को दुनिया के साथ साझा करने में लगा दिया। उन्होंने 'फास्टलेन टू हेवन' (Fast Lane to Heaven) नाम की एक मशहूर किताब लिखी और लोगों को यह समझाने में जुट गए कि जीवन का असली मकसद पैसा कमाना नहीं, बल्कि प्रेम और शांति फैलाना है।
उन्होंने वे काम भी किए जिन्हें वे कभी छोटा समझते थे- जैसे कूड़ा बाहर निकालना, बाथरूम साफ़ करना, और ट्रैफिक कंट्रोल करना। पिछले चालीस सालों से, वे अपने इस अनुभव के बारे में बोलते और लिखते आ रहे हैं- किसी बात को साबित करने के लिए नहीं, बल्कि इसलिए क्योंकि उन्हें यकीन है कि वे किसी खास मकसद के साथ ही वापस लौटे हैं। नेड डौहर्टी की यह कहानी आज भी दुनिया भर में उन लोगों के लिए एक मिसाल है जो यह मानते हैं कि मौत अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है।
Edited by: Vrijendra Singh Jhala