छुटभैये गुंडे पुलिस को दिखा रहे ठेंगा, पुलिस आम लोगों पर कर रही नियमों की सख्ती, इंदौर में ये कैसी पुलिसिंग
- गुंडों पर नहीं पुलिस की लगाम, आम आदमी को पढ़ा रहे नियमों का पाठ
- भीषण गर्मी में हेलमेट पर सख्ती, कानून व्यवस्था पर नहीं पुलिस का ध्यान
- टक्कर का झूठा आरोप लगाकर पैसे वसूलने वाली गैंग सक्रिय
आईडेंटीफाई करते हैं, हेल्पलाइन नंबर भी जारी : इन घटनाओं के बारे में एडिशनल डीसीपी प्रियंका डुडवे ने वेबदुनिया को बताया कि टक्कर के झूठे आरोप लगाकर जबरन वसूली करने वाले लोगों को हम आईडेंटीफाई करते हैं। शिकायत होने पर कार्रवाई भी करते हैं। इसके लिए हमने एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर रखा है। ऐसे बड़े चौराहों पर पुलिस भी तैनात रहती है, जो पूरी तरह से ऐसी गतिविधियों पर नजर रखती है।
ये कैसी पुलिसिंग : सोमवार को ही जो वीडियो सामने आया वो न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्कि इस बात की गवाही भी दे रहा है कि शहर में कानून व्यवस्था के क्या हाल है। टक्कर मारने का झूठा आरोप लगाकर नागदा से आए दंपत्ति को लठ दिखाकर धमकाया गया। गालियां दीं। पुलिस अब तक उस छुटभैये गुंडे को पकड़ नहीं पाई है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस आम लोगों को नियम सिखा रही है ऐसी भीषण गर्मी में हेलमेट पहनने के लिए सख्ती कर रही है। सवाल यह है कि आखिर शहर में यह कैसी पुलिसिंग चल रही है।
यहां सक्रिय हैं वसूली गैंग : इंदौर के रेडिसन स्क्वेयर, बॉम्बे हॉस्पिटल, रोबोट स्क्वेयर, एमआर 10 और अरविंदो अस्पताल जाने वाले व सुपर कोरिडर के कुछ इलाकों में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां कुछ लोग वाहन से टक्कर मारने का आरोप लगाकर कार वालों को रोकते हैं और उनसे बहसबाजी, गाली गलौच कर नुकसान की भरपाई करने का दबाव बनाते हैं। कई पीडित वाहन चालकों ने ऐसे वीडियो पहले भी सोशल मीडिया में शेयर कर आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह सभी बेहद व्यस्ततम इलाके हैं, यहां ट्रैफिक का बहुत ज्यादा दबाव रहता है। चौराहों से बड़ी संख्या में वाहन गुजरते हैं, जिनमें कई बाहर के वाहन चालक और परिवार होते हैं, इनकी कारों के बाहर के नंबर देखकर सक्रिय गैंग इनके पास से गुजरकर इन पर टक्कर मारने का आरोप लगाते हैं। इसके पहले कि कार चालक कुछ समझते हैं, वे बहस और गाली गलोच शुरू कर देते हैं। वे इतने शातिर हैं कि उनकी बहस से लगता है कि सच में टक्कर लग गई होगी। बाहर के लोग विवाद से बचने के लिए या डर के मारे उन्हें हजार-पंद्रह सौ देकर छुटकारा पा लेते हैं। जो लोग नहीं देते उनके साथ वे दादागिरी पर उतर आते हैं।
नागदा के परिवार को धमकाया था : इसी तरह का एक मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र अंतर्गत बांगड़दा रोड पर हुआ। यहां एक अज्ञात बदमाश ने कार में सवार एक दंपती और उनकी दो साल की मासूम बच्ची पर डंडे से हमला करने की कोशिश की। नागदा के रहने वाले अंकित सैनी अपनी पत्नी संध्या और दो साल की बेटी के साथ इंदौर आए थे। वे अपने रिश्तेदार को वैवाहिक कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र देने के लिए बांगड़दा क्षेत्र पहुंचे थे। इसी दौरान कालका माता मंदिर चौराहे के समीप एक बदमाश ने अचानक उनकी कार के सामने आकर रास्ता रोक लिया और हाथ में डंडा लेकर खड़ा हो गया। टक्कर मारने का झूठा आरोप लगाया। कार के कांच खुलवाने के लिए गालियां देता रहा और डंडा तानकर देर तक धमकाता रहा। दंपत्ति कार में बच्चों के होने का हवाला देकर उसे रोकने की प्रार्थना करते रहे, लेकिन उसने एक न सुनी।
रिपोर्ट: नवीन रांगियाल

