1. समाचार
  2. वेबदुनिया सिटी
  3. इंदौर
  4. goons are openly defying the police, while the police are strictly enforcing rules

छुटभैये गुंडे पुलिस को दिखा रहे ठेंगा, पुलिस आम लोगों पर कर रही नियमों की सख्‍ती, इंदौर में ये कैसी पुलिसिंग

Indore police
  • गुंडों पर नहीं पुलिस की लगाम, आम आदमी को पढ़ा रहे नियमों का पाठ
  • भीषण गर्मी में हेलमेट पर सख्‍ती, कानून व्‍यवस्‍था पर नहीं पुलिस का ध्‍यान  
  • टक्‍कर का झूठा आरोप लगाकर पैसे वसूलने वाली गैंग सक्रिय
इंदौर की कानून व्‍यवस्‍था लगातार बदतर होती जा रही है। आए दिन चाकुबाजी, मर्डर, लूट और बाहर से आने वाले नागरिकों के साथ जबरन वसूली। डरा-धमकाकर लूट के अलग अलग तरीके। पुलिस इन सब अवैध गतिविधियों और क्राइम को कंट्रोल करने के बजाए आम लोगों से हेलमेट के नाम पर चालान वसूली कर रही है। भीषण गर्मी के बावजूद प्रदेश में हेलमेट अनिवार्य कर दिया गया है। नहीं पहनने पर सीधे लाइसेंस निरस्‍त करने की मनमानी की जा रही है।

कुल मिलाकर यह कि आम आदमी को नियमों के नाम पर परेशान किया जा रहा है, वहीं शहर में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने में पुलिस पूरी तरह से नाकाम रही है। यहां तक कि छुटभैये गुंडे भी पुलिस की कानून- व्‍यवस्‍था को मुंह चिढा रहे हैं।

आईडेंटीफाई करते हैं, हेल्‍पलाइन नंबर भी जारी : इन घटनाओं के बारे में एडिशनल डीसीपी प्रियंका डुडवे ने वेबदुनिया को बताया कि टक्‍कर के झूठे आरोप लगाकर जबरन वसूली करने वाले लोगों को हम आईडेंटीफाई करते हैं। शिकायत होने पर कार्रवाई भी करते हैं। इसके लिए हमने एक हेल्‍पलाइन नंबर भी जारी कर रखा है। ऐसे बड़े चौराहों पर पुलिस भी तैनात रहती है, जो पूरी तरह से ऐसी गतिविधियों पर नजर रखती है।
priyanka dudve DCP
ये कैसी पुलिसिंग : सोमवार को ही जो वीडियो सामने आया वो न सिर्फ हैरान करने वाला है, बल्‍कि इस बात की गवाही भी दे रहा है कि शहर में कानून व्‍यवस्‍था के क्‍या हाल है। टक्‍कर मारने का झूठा आरोप लगाकर नागदा से आए दंपत्‍ति को लठ दिखाकर धमकाया गया। गालियां दीं। पुलिस अब तक उस छुटभैये गुंडे को पकड़ नहीं पाई है। वहीं दूसरी तरफ पुलिस आम लोगों को नियम सिखा रही है ऐसी भीषण गर्मी में हेलमेट पहनने के लिए सख्‍ती कर रही है। सवाल यह है कि आखिर शहर में यह कैसी पुलिसिंग चल रही है।

टक्‍कर मारने का झूठा आरोप लगाकर वसूली करने की कोशिश का यह कोई पहला मामला नहीं है। इस घटना का तो दंपत्‍ति ने वीडियो बना लिया था जो सोशल मीडिया पर सामने आ गया, लेकिन बाहर के लोगों के साथ ऐसी घटनाओं को अंजाम देकर वसूली करने के कई मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। नशा करने वाले और फुटपाथ पर रहने वाले पारदी समाज के लोग इन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

यहां सक्रिय हैं वसूली गैंग : इंदौर के रेडिसन स्‍क्‍वेयर, बॉम्‍बे हॉस्‍पिटल, रोबोट स्‍क्‍वेयर, एमआर 10 और अरविंदो अस्‍पताल जाने वाले व सुपर कोरिडर के कुछ इलाकों में आए दिन ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जहां कुछ लोग वाहन से टक्‍कर मारने का आरोप लगाकर कार वालों को रोकते हैं और उनसे बहसबाजी, गाली गलौच कर नुकसान की भरपाई करने का दबाव बनाते हैं। कई पीडित वाहन चालकों ने ऐसे वीडियो पहले भी सोशल मीडिया में शेयर कर आम लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। यह सभी बेहद व्‍यस्‍ततम इलाके हैं, यहां ट्रैफिक का बहुत ज्‍यादा दबाव रहता है। चौराहों से बड़ी संख्‍या में वाहन गुजरते हैं, जिनमें कई बाहर के वाहन चालक और परिवार होते हैं, इनकी कारों के बाहर के नंबर देखकर सक्रिय गैंग इनके पास से गुजरकर इन पर टक्‍कर मारने का आरोप लगाते हैं। इसके पहले कि कार चालक कुछ समझते हैं, वे बहस और गाली गलोच शुरू कर देते हैं। वे इतने शातिर हैं कि उनकी बहस से लगता है कि सच में टक्‍कर लग गई होगी। बाहर के लोग विवाद से बचने के लिए या डर के मारे उन्‍हें हजार-पंद्रह सौ देकर छुटकारा पा लेते हैं। जो लोग नहीं देते उनके साथ वे दादागिरी पर उतर आते हैं।

नागदा के परिवार को धमकाया था : इसी तरह का एक मामला एरोड्रम थाना क्षेत्र अंतर्गत बांगड़दा रोड पर हुआ। यहां एक अज्ञात बदमाश ने कार में सवार एक दंपती और उनकी दो साल की मासूम बच्ची पर डंडे से हमला करने की कोशिश की। नागदा के रहने वाले अंकित सैनी अपनी पत्नी संध्या और दो साल की बेटी के साथ इंदौर आए थे। वे अपने रिश्तेदार को वैवाहिक कार्यक्रम का निमंत्रण पत्र देने के लिए बांगड़दा क्षेत्र पहुंचे थे। इसी दौरान कालका माता मंदिर चौराहे के समीप एक बदमाश ने अचानक उनकी कार के सामने आकर रास्ता रोक लिया और हाथ में डंडा लेकर खड़ा हो गया। टक्‍कर मारने का झूठा आरोप लगाया। कार के कांच खुलवाने के लिए गालियां देता रहा और डंडा तानकर देर तक धमकाता रहा। दंपत्‍ति कार में बच्‍चों के होने का हवाला देकर उसे रोकने की प्रार्थना करते रहे, लेकिन उसने एक न सुनी।

प्रदेश में हेलमेट को लेकर सख्‍ती : एक तरफ पुलिस कानून व्‍यवस्‍था संभाल नहीं पा रही है, वहीं पुलिस आम लोगों से नियमों के लिए सख्‍ती अपना रही है। हाल ही में प्रदेश में हेलमेट पहनने के नियम को अनिवार्य करते हुए कार्रवाई शुरू की है। ऐसी भीषण गर्मी में भी लोगों को हेलमेट पहनने के नियम सिखाए जा रहे हैं। नियमों का पालन नहीं होने पर वाहन का लाइसेंस निरस्‍त की कार्रवाई करने के लिए कहा जा रहा है। 44 और कई जगह 45 डिग्री तक पहुंच चुके तापमान में हेलमेट पहनना एक दुश्‍कर काम है, पहले ही लोग गर्मी से परेशान हैं, ऐसे में अभी इस नियम के लिए सख्‍ती करना समझ से परे है। समझ में नहीं आता कि आखिर प्रशासन किस तरह की पुलिसिंग कर रहा है। एक तरफ गुंडे मनमानी कर रहे हैं तो वहीं पुलिस आम आदमी से नियमों के पालन की उम्‍मीद कर रही है। 
रिपोर्ट: नवीन रांगियाल 
लेखक के बारे में
वेबदुनिया न्यूज़ टीम
वेबदुनिया न्यूज़ डेस्क पर हमारे स्ट्रिंगर्स, विश्वसनीय स्रोतों और अनुभवी पत्रकारों द्वारा तैयार की गई ग्राउंड रिपोर्ट्स, स्पेशल रिपोर्ट्स, साक्षात्कार तथा रीयल-टाइम अपडेट्स को वरिष्ठ संपादकों द्वारा सावधानीपूर्वक जांच-परख कर प्रकाशित किया जाता है।.... और पढ़ें
अगला लेख
मध्यप्रदेश में UCC लागू करने के लिए आगे बढ़ी मोहन सरकार, उच्चस्तरीय समिति का किया गठन, जानें क्या करेगी कमेटी?